ramcharitmanas

750 किलो प्याज के मिले मात्र 1064 रुपए, नाराज किसान ने पीएम मोदी को भेजी राशि

Updated: रविवार, 2 दिसंबर 2018 (20:19 IST)
मुम्बई। महाराष्ट्र के प्याज उपजाने वाले एक किसान को अपनी उपज एक रुपए प्रति किलोग्राम से कुछ अधिक की दर पर बेचनी पड़ी और उसने अपना विरोध दर्ज कराने के लिए अपनी कमाई प्रधानमंत्री को भेज दी।
 
नासिक जिले के निफाड तहसील के निवासी संजय साठे उन कुछ चुनिंदा प्रगतिशील किसानों में से एक है जिन्हें केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा से 2010 में उनकी भारत यात्रा के दौरान संवाद के लिए चुना था। 
 
साठे ने रविवार को कहा कि मैंने इस मौसम में 750 किलोग्राम प्याज उपजाई लेकिन गत सप्ताह निफाड थोक बाजार में एक रुपए प्रति किलोग्राम की दर की पेशकश की गई। उन्होंने कहा कि अंतत: मैं 1.40 रुपए प्रति किलोग्राम का सौदा तय कर पाया और मुझे 750 किलोग्राम के लिए 1064 रुपए प्राप्त हुए।
 
उन्होंने कहा कि चार महीने के परिश्रम की मामूली वापसी प्राप्त होना दुखद है। इसलिए मैंने 1064 रुपए पीएमओ के आपदा राहत कोष में दान कर दिए। मुझे वह राशि मनीआर्डर से भेजने के लिए 54 रूपये अलग से देने पड़े।
 
उन्होंने कहा कि मैं किसी राजनीतिक पार्टी का प्रतिनिधित्व नहीं करता। लेकिन मैं अपनी दिक्कतों के प्रति सरकार की उदासीनता के कारण नाराज हूं। मनीआर्डर 29 नवम्बर को भारतीय डाक के निफाड कार्यालय से भेजा गया। वह नरेंद्र मोदी, भारत के प्रधानमंत्री के नाम प्रेषित किया गया।
 
उल्लेखनीय है कि पूरे भारत में जितनी प्याज होती है उसमें से 50 प्रतिशत उत्तर महाराष्ट्र के नासिक जिले से आती है। (भाषा) 

Show comments

बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की ऐतिहासिक जीत, बोले- मेरे विधायक बनने से बांकीपुर बेंगलुरू नहीं बन जाएगा

विदेश में पढ़ाई के खर्चे पर अभिजीत दीपके ने बताया सच, कहा अब लोन चुकाना है

दतिया उपचुनाव में भाजपा की हार का ठीकरा किसके सिर फूटेगा?

लिव-इन पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, शादी जैसा रिश्ता है तो महिला पार्टनर को पत्नी जैसा हक

ड्रैगन का 'परमाणु सीक्रेट' बेनकाब! सच निकला अमेरिका का दावा, भारत के लिए भी खतरे की घं

सभी देखें

ट्रम्प के 'शांति समझौते' के दावे पर ईरान का पलटवार, कहा- नहीं हो रही कोई बातचीत

ड्रैगन का 'परमाणु सीक्रेट' बेनकाब! सच निकला अमेरिका का दावा, भारत के लिए भी खतरे की घं

उत्तर-पूर्व भारत में बाढ़ का खतरा, यूपी-दिल्ली से राजस्थान तक जानें मौसम का हाल

लिव-इन पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, शादी जैसा रिश्ता है तो महिला पार्टनर को पत्नी जैसा हक

अगला लेख