केरल की कहानी सबसे अलग, Corona काल में कम पैदा हुए बच्चे

जुलाई 2021 में राज्य में 10,684 शिशुओं का जन्म हुआ जो कोविड-19 महामारी के दौरान बच्चों के जन्म में आई तेज गिरावट का संकेत देता है।

पुनः संशोधित मंगलवार, 23 नवंबर 2021 (20:46 IST)
तिरुवनंतपुरम। मार्च 2020 में कोविड-19 (Covid-19) को महामारी घोषित किए जाने के बाद से भारत में नौ महीनों में सबसे अधिक जन्म दर्ज होने का अनुमान लगाया गया था, लेकिन दक्षिणी राज्य एक अलग कहानी बयां करता है।

राज्य सरकार के आंकड़ों में सामने आया है कि केरल में महामारी के दौरान जन्म में गिरावट आयी है। यह इस अनुमान के विपरीत है कि लॉकडाउन की अवधि में बच्चों के जन्म में उछाल आएगा क्योंकि अपने घरों तक सीमित दंपति प्रजनन में अधिक व्यस्त रहेंगे।

केरल में जुलाई 2020 में 37,138 बच्चों का जन्म दर्ज किया गया था लेकिन जुलाई 2021 में राज्य में 10,684 शिशुओं का जन्म हुआ जो कोविड-19 महामारी के दौरान बच्चों के जन्म में आई तेज गिरावट का संकेत देता है।
इसके मुताबिक, इस साल के पहले 9 महीनों में दक्षिणी राज्य में शिशुओं के जन्म में भारी गिरावट देखी गई। राज्य में जनवरी 2020 में 36,414 जन्म दर्ज किए थे, लेकिन जनवरी 2021 में यह घटकर 30,335 रह गए।

केरल के जन्म और मृत्यु के मुख्य रजिस्ट्रार के आंकड़ों से संकेत मिलता है कि इस साल सितंबर महीने के लिए जन्म के आंकड़े हाल के दशकों में सबसे कम थे।

मार्च 2020 में, संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि अनुमानित 11.6 करोड़ बच्चे भारत में कोविड-19 महामारी के दौरान पैदा होंगे।
यूनिसेफ की रिपोर्ट में कहा गया था कि 11 मार्च को कोविड-19 को महामारी मानने के 40 सप्ताह बाद तक इन बच्चों के जन्म लेने का अनुमान है।




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