Hanuman Chalisa

ग्रीष्म ऋतु पर कविता (भाग 1)

Updated: शुक्रवार, 27 मई 2022 (16:53 IST)
- हरनारायण शुक्ला, मिनियापोलिस, USA
 
ग्रीष्म ऋतु है कितनी अच्छी, 
लंबी छुट्टी लाती है,
पढ़ने लिखने होमवर्क से, 
राहत हमें दिलाती है। 
 
दिन भर चाहे खेलें कूदें,
या कर लें सैर सपाटे,
आमरस शरबत पीते रहते, 
शाम को कुल्फी खाते। 
 
नाना-नानी के घर जाते,
लाड़-प्यार से रहते,
मेवा मिश्री, दूध मलाई,
की फरमाइश करते। 
 
पचास सेल्सियस तापमान से,
घबराने की बात नहीं,
बरगद की छाया में बैठो,
या पोखर से निकलो ही नहीं।   
 
ग्रीष्म ऋतु की गर्मी से ही,
मानसून है खिंचकर आता,
साथ में आती वर्षा ऋतु भी,
भारतवर्ष हरा भरा हो जाता।

(वेबदुनिया पर दिए किसी भी कंटेट के प्रकाशन के लिए लेखक/वेबदुनिया की अनुमति/स्वीकृति आवश्यक है, इसके बिना रचनाओं/लेखों का उपयोग वर्जित है...)
 

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

सावन मास पर एक भावपूर्ण और मौलिक हिंदी कविता

Shravan Essay: आस्था, प्रकृति और पवित्रता का उत्सव श्रावण मास, पढ़ें रोचक निबंध

आगे तो बढ़ रहे हैं… पर किस दिशा में? कहीं ऐसा तो नहीं कि जीवन बेहतर बनाने की दौड़ में हम जीना ही भूलते जा रहे हैं?

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

सभी देखें

कविता- तू ना हो तो...

भारत की शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में 6 बड़ी खामियां, आखिर कब होगा जरूरी सुधार?

लोकमान्य तिलक जयंती 2026: जीवन परिचय, इतिहास, महत्व और अनसुने तथ्य

Azad Jayanti 2026: जयंती विशेष: चन्द्रशेखर आजाद के जीवन की ऐसी घटनाएं, जिन्हें हर युवा को जानना चाहिए

ब्रिटिश सरकार न सरस्वती प्रतिमा वापस करेगी, न कोहिनूर हीरा

अगला लेख