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Last Updated: सोमवार, 11 अप्रैल 2022 (17:33 IST)

अजान- हनुमान चालीसा को लेकर महाराष्ट्र में घमासान, फडणवीस और उद्धव आमने-सामने

मुंबई, महाराष्ट्र में हिंदुत्त्व के मसले पर दो पुराने सहयोगी और अब राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी आमने-सामने हैं। इनमें एक हैं- भाजपा के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस दूसरे हैं- शिवसेना प्रमुख और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे।

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) इस मुद्दे पर महाराष्ट्र में तीसरा पक्ष है, जिसके चार कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी देवेंद्र फडणवीस ने मुद्दा बनाया है। ये लोग बिना इजाजत मुंबई के दादर में स्थित शिवसेना भवन के सामने टैक्सी पर लाउडस्पीकर लगाकर हनुमान चालीसा बजा रहे थे।

इस पर शिवाजी पार्क पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। तुरंत इस पर प्रतिक्रिया में फडणवीस ने सीधे उद्धव ठाकरे पर तंज कसते हुए सवाल किया, ‘लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा बजाने से कुछ लोग नाराज क्यों हो जाते हैं?’

फडणवीस ने कहा, ‘दूसरे धर्म के लोग भी लाउडस्पीकरों पर रोज अपनी प्रार्थनाएं बजाते हैं। अगर उन्हें (उद्धव ठाकरे को) उनसे दिक्कत नहीं है, तो लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीस बजाए जाने से परेशानी क्यों?’ उन्होंने शिवसेना पर यह भी आरोप लगाया कि उसने हिंदुत्त्व का मसला छोड़ दिया है और छद्म-धर्मनिरपेक्षता का चोला ओढ़ लिया है।

इसके जवाब उद्धव ठाकरे ने कोल्हापुर के शिवसेना कार्यकर्ताओं को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए कहा, ‘हमने उन्हें (भाजपा को) छोड़ा है, हिंदुत्त्व नहीं। हिंदुत्त्व पर उन्होंने कोई ठेका नहीं ले रखा है। वे अपनी सुविधा से इस मुद्दे का इस्तेमाल करते हैं।

जब उन्हें ठीक लगता है, इसे उठाते हैं। नफरत फैलाते हैं और आगे बढ़ जाते हैं। हम ऐसा नहीं करते। हमारी आस्था शुरू से भगवा पर है, आगे भी रहेगी’ ठाकरे ने दावा किया, ‘हिंदुत्त्व का रास्ता तो भाजपा को बाला साहेब ठाकरे ने दिखाया था’

वैसे, देवेंद्र फडणवीस और उद्धव ठाकरे के बीच यह जुबानी जंग कोल्हापुर उत्तर विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव के मद्देनजर हो रही है। यह सीट कांग्रेस विधायक चंद्रकांत जाधव के निधन से खाली हुई है। कांग्रेस ने उनकी पत्नी जयश्री को उम्मीदवार बनाया है।

शिवसेना ने उनके समर्थन का फैसला किया है। इसका कारण यह है कि शिवसेना के नेतृत्त्व वाली सरकार में इस वक्त कांग्रेस भी शामिल है। वहीं भाजपा ने सत्यजीत कदम को टिकट दिया है। उनकी जीत सुनिश्चित करने के लिए पार्टी हिंदुत्त्व के साथ-साथ शिवसेना-कांग्रेस की युति को मुद्दा बना रही है।
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