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Instagram पर 4.8 लाख फॉलोअर्स: ‘Peace Dog’ आलोका की एक झलक पाने उमड़ी भीड़

aloka peace dog hindi news
गुरुग्राम के एक लग्जरी होटल में मंगलवार शाम कुछ अलग ही नज़ारा देखने को मिला। यहां ना कोई बॉलीवुड स्टार था, ना कोई क्रिकेटर, लेकिन फिर भी लोगों की लंबी लाइनें लगी थीं। हर कोई बस एक झलक पाना चाहता था ‘आलोका’ की — उस इंडी स्ट्रीट डॉग की, जिसने अपनी मासूमियत और सफर से दुनिया भर के लोगों का दिल जीत लिया है।
कभी कोलकाता की गलियों में बेसहारा घूमने वाला यह डॉग आज “पीस डॉग” (Peace Dog) के नाम से जाना जाता है। लोग उसके साथ सेल्फी ले रहे थे, उसे गले लगा रहे थे, और उसके पंजों के निशान को ऑटोग्राफ की तरह संभालकर रख रहे थे। सोशल मीडिया पर आलोका की लोकप्रियता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि Instagram पर उसके करीब 4.8 लाख Followers हैं।

aloka the peace dog

 
100 दिनों की यात्रा ने बदल दी जिंदगी
 
आलोका की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं। साल 2022 में बौद्ध भिक्षुओं का एक समूह भारत और नेपाल की शांति यात्रा पर निकला था। उसी दौरान कोलकाता की सड़कों पर रहने वाला एक आवारा कुत्ता उनके पीछे-पीछे चलने लगा। शुरुआत में किसी ने ज्यादा ध्यान नहीं दिया, लेकिन धीरे-धीरे वह यात्रा का हिस्सा बन गया।
 
बताया जाता है कि आलोका करीब 100 दिनों तक भिक्षुओं के साथ जंगलों, गांवों और लंबी सड़कों पर चलता रहा। इस दौरान एक सड़क हादसे में वह घायल भी हुआ, लेकिन ठीक होते ही फिर उसी यात्रा में लौट आया। उसकी निष्ठा, शांत स्वभाव और साथ निभाने की भावना ने भिक्षुओं को इतना प्रभावित किया कि उन्होंने उसे गोद ले लिया।

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उसे नया नाम मिला — ‘आलोका’, जिसका पाली भाषा में अर्थ होता है “प्रकाश” या “रोशनी”। और सच में, यह डॉग आज लाखों लोगों के लिए उम्मीद और दया की रोशनी बन चुका है।
 
अमेरिका से श्रीलंका तक… हजारों किलोमीटर का सफर
 
भारत से शुरू हुई आलोका की यात्रा जल्द ही दुनिया तक पहुंच गई। बौद्ध भिक्षु उसे अपने साथ अमेरिका ले गए, जहां उसने “वॉक फॉर पीस” (Walk for Peace) अभियान में हिस्सा लिया। टेक्सास से शुरू हुई इस यात्रा में आलोका ने करीब 3700 किलोमीटर पैदल चलकर सबको चौंका दिया।
अमेरिका के 10 राज्यों से गुजरते हुए यह इंडी डॉग शांति और करुणा का संदेश देता रहा। इसके अलावा वह श्रीलंका और थाईलैंड जैसे देशों की यात्राओं का भी हिस्सा बना। जहां भी वह पहुंचा, लोगों ने उसे सिर्फ एक डॉग नहीं बल्कि प्रेम, वफादारी और इंसानियत की मिसाल के तौर पर देखा।

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उसके माथे पर बना दिल जैसा निशान भी लोगों को बेहद खास लगता है। कई लोग इसे “पीस मार्क” तक कहने लगे हैं।
 
 गुरुग्राम में उमड़ा प्यार, मेनका गांधी से भी मुलाकात
 
हाल ही में आलोका भारत लौटा और दिल्ली में पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी से भी मिला। इसके बाद गुरुग्राम के द वेस्टिन होटल में उसके लिए खास कार्यक्रम रखा गया, जहां पशु प्रेमियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
 
कार्यक्रम का मकसद सिर्फ आलोका से लोगों को मिलवाना नहीं था, बल्कि बेसहारा जानवरों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना भी था। बौद्ध भिक्षु पन्नाकारा ने लोगों से कहा कि शांति की शुरुआत इंसान के दिल से होती है और जानवरों के प्रति दया ही असली मानवता है।
 
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में आलोका बेहद शांत अंदाज में लोगों के बीच बैठा नजर आया। कोई उसके सिर पर प्यार से हाथ फेर रहा था तो कोई उसके सामने हाथ जोड़कर बैठा था।
 
आलोका सिर्फ एक डॉग नहीं, एक संदेश है
 
आलोका की कहानी इस बात का सबूत है कि प्यार और अपनापन किसी की भी जिंदगी बदल सकता है। जो डॉग कभी सड़कों पर अनजान और बेसहारा था, वही आज दुनिया भर में लोगों को compassion, kindness और peace का संदेश दे रहा है।
 
उसकी यात्रा सिर्फ एक जानवर की कहानी नहीं, बल्कि इंसानियत को आईना दिखाने वाली मिसाल है। शायद इसी वजह से लोग कहते हैं — “हर स्ट्रीट डॉग को बस एक मौका और थोड़ा प्यार चाहिए।”
 
आलोका आज सिर्फ एक डॉग नहीं, बल्कि उम्मीद का चेहरा बन चुका है।
लेखक के बारे में
कृति शर्मा
कृति शर्मा एक पैशनेट स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट और डिजीटल कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें वेबदुनिया के साथ लगभग 3 साल का अनुभव है।  अपने करियर की शुरुआत उन्होंने पॉकेट एफएम में स्क्रिप्ट राइटर के तौर पर की थी। इंदौर के रेनैसां कॉलेज से BAJMC और  देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ जर्नलिज्म.... और पढ़ें