मोदी करेंगे रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल का उद्घाटन

Last Updated: शनिवार, 25 अक्टूबर 2014 (13:57 IST)
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मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार शाम चार बजे मुंबई में सर एचएन रिलायंस फाउंडेशन हॉस्पिटल का उदघाटन करेंगे। विदित हो कि वर्ष 1925 में बने मुंबई के पहले सरकारी अस्पताल के नवीनीकरण का काम रिलायंस फाउंडेशन ने किया है।
दक्षिण मुंबई में बने 19 मंजिला इस अस्पताल का मकसद लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देना है। जरूरतमंदों के लिए अस्पताल में 10 फीसदी बेड मुफ्त मुहैया कराए जाएंगे और सस्ती दरों पर इलाज दिया जाएगा।> > उल्लेखनीय है कि डॉक्टरों को हिदायत दी गई है कि गरीबों को अस्पताल में मुफ्त सर्जरी और ओपीडी की भी सुविधा दी जाए। अस्पताल ने ग्रीन स्टेटस के लिए आवेदन किया है। अगर उसे ये मिल जाता है तो ये भारत का सबसे बड़ा ग्रीन हॉस्पिटल होगा।
तमाम अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस अस्पताल ने अमेरिका के जाने माने संस्थानों के साथ हाथ मिलाया है ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इन अमेरिकी संस्थानों में जॉन हॉपकिन्स, मेसाचुसेट्स जनरल हॉस्पिटल, एमडी एंडरसन कैंसर सेंटर और दक्षिण कैलिफोर्निया युनिवर्सिटी शामिल हैं।

वर्ष 1925 में बना यह अस्पताल बेहद समृद्ध विरासत से पूर्ण है। इसने आजादी की लड़ाई और द्वितीय विश्वयुद्ध तक देखा है। महात्मा गांधी यहां अक्सर आते थे। अस्पताल ने जब रजत जयंती मनाई थी, तब सरदार वल्लभ भाई पटेल इसके मुख्य अतिथि थे, जबकि स्वर्ण जयंती के वक्त जयप्रकाश नारायण। अब यह 90 वर्ष को हो चुका है।

फाउंडेशन ने एक बयान में कहा कि दक्षिण मुंबई में स्थित इस अस्पताल को 90 वर्ष हो चुके हैं। अस्पताल की अध्यक्ष नीता अंबानी के नेतृत्व में 19 मंजिला इमारत के रूप में इसका पुनर्निर्माण किया गया है। 1925 में बना यह अस्पताल बेहद समृद्ध विरासत से पूर्ण है।

अस्पताल की विशेषताएं...
* 345‍ बिस्तरों का अस्पताल जो कि छह लाख वर्गफुट से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है।
* इसके पुराने दो भवनों के अलावा 19 ‍मं‍जिला अत्याधुनिक इमारत, इसका पुराना स्वरूप भी बरकरार रखा गया है। 
* इस 90 वर्ष पुरानी इमारत का रिलायंस फाउंडेशन ने कायाकल्प किया है।
* दक्षिण मुंबई के क्षेत्र में स्थित इस अस्पताल को सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनाया गया है।
* यह काम फाउंडेशन की अध्यक्षा नीता अंबानी के नेतृत्व में पूरा किया गया जिसे रिलायंस उद्योग समूह चलाता है। यह मात्र एक अस्पताल नहीं है वरन एक ऐसा केन्द्र होगा जोकि देश में अंतरराष्ट्रीय स्तर का इलाज और सुविधाएं मुहैया कराएगा। 
* यह अस्पताल राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ग्रीन बिल्डिंग कॉन्‍फ्रेंस और एआईए डिजाइन स्तरों के अनुरूप है। 
* अत्याधुनिक तकनीक के जरिए अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। 
* ऑपरेशन थिएटर का आकार 'मॉड्‍यूलर' है और इसे इस तरह बनाया गया है कि ताकि संक्रमण रोका जा सके, उत्पादकता बढ़ाई जा सके और भावी तकनीकों का अनुकूलन हासिल किया जा सके। 
* इसमें एमर्जेंसी मेडिकल सर्विसेज परीक्षणों और बीमारों का इलाज एक ही स्थान पर किया जा सकेगा। 
* दवाओं और सामान को भेजने के लिए यहां पहला न्यूमैटिक ट्‍यूब सिस्टम होगा।  
* बायो मेडिकल कचरा ले जाने के लिए अलग से समानांतर लाइनें होंगी। 
* अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर में रोबोयिक सर्जरी और ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा होगी जोकि सारी दुनिया के विशेषज्ञों से जुड़ी होगी। 
* आपातकालीन डार्ट ऑपरेशन्स के लिए भारत में पहली बार हाइब्रिड कैथ-लैब। 
* अत्याधुनिक डॉइग्नोस्टिक्स सुविधाओं के साथ इसमें एशिया का पहला न्यू जेनरेशन सीयी स्कैन सुविधा होगी।
* उत्तरोत्तर डाइग्नोस्टिक सेवाओं के लिए एक मेडिकल मॉल भी होगा। 
* पूरी तरह से डिजीटाइज पेशेंट मेडिकल रिकॉर्ड्स रखने के लिए एक सीम्लस इंटीग्रेशन होगा।   
* बीमारों के आंकड़ों और रिकॉर्ड्‍स का हॉस्पिटल सिस्टम्स के पार एक रियल टाइम पहुंच और ट्रांसफर की सुविधा होगी।
* हाई रिस्क सर्जरीज के लिए दुनिया भर के विशेषज्ञ संस्थान में आएंगे। 
* अस्पताल ने भारतीय मूल के प्रतिभाशाली डॉक्टरों को नियुक्त किया है।
* जनरल वार्ड्स में ‍भी किसी अन्य के वार्ड की तरह से समान इलाज होगा।
* संस्थान के आउटरीच कार्यक्रमों से 3.10 लाख से ज्यादा लोग जुड़ेंगे और इन्हें रोकथाम वाली और प्राथमिक सुविधाएं पूरी तरह से मुफ्त प्राप्त होंगी। 
* प्रमुख सर्जन डॉ. गुस्ताद डावर को अस्पताल का मेडिकल डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। 
* यह पेशेंट और फैमिली सेंट्रिक हॉस्पीटल दयाभावना की फिलॉसफी पर चलेगा और इसका उद्‍देश्य आम आदमी को विश्वस्तरीय सुविधा उपलब्ध होगी। 

 




* नव निर्मित टॉवर में इमर्जेंसी मेडिकल सेवाएं, ओपीडी़, आईपीडी, डाइग्नोटिक्स, ओटी और एक्जीक्यूटिव हैल्‍थ चेक होगा। 
* डे केयर के लिए अलग अलग फ्लोर्स को बांटा गया है। इसी तरह की व्यवस्‍था महिला और बाल स्वास्थ्य विभाग की होगी।  
* फ्री और कम शुल्क पर इन पेशेंट्‍स के बिस्तरों के लिए पूरा एक फ्लोर होगा। 
* इन पेशेंट रूम्स को इस तरह डिजाइन किया गया है ताकि इसे सिंगल रूम स्टेप डाउन आईसीयू में बदला जा सके। 
* विशेष जरूरतों वाले मरीजों को समायोजित करने के लिए इन पेशेंट फ्लोर्स पर आइसोलेशन रूम्स बनाए गए हैं।
* समूचे अस्पताल में क्लीनिकल देखभाल स्तरीय होगी और यह सामाजिक-आर्थिक दर्जे से परे होगी।
अस्पताल के छह थ्रस्ट एरियाज हैं जोकि निम्नलिखित हैं।
 
इन क्षेत्रों में मिलेंगी विशेषज्ञों की सुविधाएं...
1. कार्डियक साइंसेज   
2. नेफ्रो-यूरोलॉजी 
3. न्यूरो साइंसेज 
4. मेडिकल, सर्जीकल एंड रेडिएशन ऑन्कोलॉजी 
5. आर्थोपीडिक्स एंड स्पाइन सर्जरी 
6. वूमन एंड चाइल्ड हैल्थ 



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