सम्बंधित जानकारी
- JEE, Neet अभ्यर्थियों को कोरोना संक्रमण के साथ ही सता रहा है इन बातों का डर...
- विद्यार्थी हर हाल में चाहते हैं JEE-NEET परीक्षाएं, डाउनलोड हुए 17 लाख से अधिक प्रवेश-पत्र : निशंक
- राहुल बोले, कोविड-19 वैक्सीन के लिए कोई रणनीति नहीं, ऐसा होना खतरनाक
- NEET-JEE की परीक्षाओं को लेकर सरकार समाधान निकाले : राहुल गांधी
- NEET Exam के लिए 3 घंटे में 4 लाख एडमिट कार्ड डाउनलोड
Rahul Gandhi | राहुल ने कहा- NEET-JEE की परीक्षाओं के मुद्दे पर सहमति बनाकर समाधान निकाले सरकार
नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश से संबंधित नीट एवं जेईई की परीक्षाएं कोरोनावायरस महामारी के बीच कराने के फैसले का विरोध करते हुए शुक्रवार को कहा कि सरकार को सभी पक्षों से बातचीत कर सहमति बनाते हुए कोई समाधान निकालना चाहिए।
उन्होंने सरकार पर कोरोनावायरस संकट से निपटने में अक्षम रहने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार को अपना फैसला थोपना नहीं चाहिए। पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने भी सरकार से आग्रह किया कि छात्रों की आवाज सुनी जाए और राजनीति से ऊपर उठकर फैसला किया जाए।
कांग्रेस के 'स्पीक अप फॉर स्टूडेंट सेफ्टी' अभियान के तहत राहुल गांधी ने एक वीडियो जारी कर कहा कि प्रिय छात्रों, आप इस देश का भविष्य हैं और आप लोग ही भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। हर व्यक्ति समझता है कि पिछले 3-4 महीनों में क्या हुआ? हर कोई समझता है कि कोविड संकट से सही ढंग से निपटा नहीं गया। आर्थिक तबाही हुई, लोगों को दर्द हुआ है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि मैं नहीं समझता कि लोगों को आगे और तकलीफ क्यों दी जाए? मैं नहीं समझता कि आपने क्या गलत किया है? स्पष्ट तौर पर देख सकता हूं कि सरकार अक्षम रही है। सरकार को क्यों आप पर कुछ थोपना चाहिए? सरकार को आपको सुनना चाहिए।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कोई भी निर्णय सभी से बातचीत के बाद लिया जाना चाहिए। सरकार को सहमति बनानी चाहिए। राहुल गांधी ने कहा कि भारत सरकार से मेरा कहना है कि आप पहले ही पर्याप्त तबाही कर चुके हैं। आपने छात्रों को आहत किया है। आप देश के छात्रों को सुनिए और फिर शांतिपूर्वक समाधान निकालिए।
प्रियंका ने कहा कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण के माहौल में जेईई-नीट परीक्षा देने जाने वाले छात्र-छात्राओं व उनके अभिवावकों की बात सुनना जरूरी है। ये बच्चे देश का भविष्य हैं। छात्र-छात्राओं की चिंताओं को संवेदना से देखना होगा न कि हठ और राजनीतिक दृष्टि से।
उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि छात्रों की आवाज अनसुनी नहीं की जाए और राजनीति से इतर फैसला किया जाए। गौरतलब है कि जेईई (मेन) परीक्षा 1 से 6 सितंबर के बीच होगी जबकि नीट परीक्षा 13 सितंबर को आयोजित कराने का कार्यक्रम है। (भाषा)
