Kozhikode Air Plane Crash : रनवे से फिसलकर खाई में गिरा प्लेन, क्यों खतरनाक होते हैं टेबलटॉप रनवे
कोझीकोड। दुबई-कालीकट एअर इंडिया एक्सप्रेस उड़ान के शुक्रवार शाम हवाईपट्टी से फिसल कर एक गहरी घाटी में गिरने और उसके दो हिस्सों में टूटने की घटना में एक पायलट समेत 18 लोगों की मौत हो गई। इस विमान में चालक दल के सदस्यों सहित कुल 190 यात्री सवार थे। यह हादसा कालीकट एयरपोर्ट पर हुआ जो एक टेबलटॉप रनवे हैं। आइए जानते हैं क्यों खतरनाक होते हैं टेबलटॉप रनवे...
क्या होता है टेबलटॉप रनवे : टेबल टॉप रनवे को जितना खूबसूरत माना जाता है, लैंडिंग की दृष्टि से यह उतना ही खतरनाक होता है। इसमें रनवे खत्म होने के बाद आगे ज्यादा जगह नहीं होती है। हवाई पट्टी की दोनों तरफ या एक तरफ घाटी होने के कारण इस तरह के रनवे में जोखिम काफी ज्यादा होता है।
क्यों हुआ हादसा : कालीकट एयरपोर्ट को पहाड़ी काटकर बनाया गया है। इसका रनवे टेबलटॉप है। रनवे खत्म होने के बाद कुछ ही दूरी पर 35 फुट की खाई है। इसी वजह से विमान जब रनवे पर नहीं रूक सका तो फिसलकर खाई में जा गिरा। विमानन मंत्री हरदीप पुरी ने बताया कि भारी बारिश की वजह से रनवे पर पानी भरा हुआ था।
पहले भी हो चुके हैं यहां हादसे : कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कालीकट एयरपोर्ट पर 2008 से 2017 के बीच 4 बार विमान फिसलने की घटनाएं हो चुकी है।
देश में 3 टेबलटॉप एयरपोर्ट : कालीकट के अलावा भी देश में 2 और टेबलटॉप रनवे है। इस तरह का एक एयरपोर्ट कर्नाटक के मंगलुरु में है, जबकि मिजोरम में भी एक अन्य टेबलटॉप रन वे है। यह तीनों ही एयरपोर्ट भारत के सबसे खूबसूरत हवाई अड्डों में माने जाते हैं।
इस तरह के एयरपोर्ट पर लैंडिंग के लिए पायलट का अनुभवी होना जरूरी होता है। हालांकि दुर्घटनाग्रस्त विमान को उड़ा रहे कैप्टन दीपक साठे भी बहुत अनुभवी थे और कहा जा रहा है कि उनकी सुझबुझ की वजह से ही हादसे में कई यात्रियों की जान बच सकी।