West Bengal Violence : बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद जगह-जगह हिंसा में कई लोगों की मौत, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट

Last Updated: मंगलवार, 4 मई 2021 (00:50 IST)
कोलकाता। में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के एक दिन बाद सोमवार को व्यापक पैमाने पर हिंसा देखने को मिली जिसमें कथित तौर पर झड़प और दुकानों को लूटे जाने के दौरान कई भाजपा कार्यकर्ताओं की मौत हो गई तो कई घायल हो गए। ने राज्य सरकार से विपक्षी कार्यकर्ताओं पर हमले की घटना में तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है।
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भाजपा ने एक पार्टी कार्यालय में आगजनी का वीडियो शेयर किया है जिसमें बांस की बल्लियां और छत जलती हुई नजर आ रही हैं और परेशान लोगों को चिल्लाते हुए भागते देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर मृत व्यक्तियों की तस्वीरें और एक दुकान से कपड़े लूटकर भागते लोगों की फुटेज वायरल हो रही है। भाजपा का दावा है कि उसके कम से कम 6 कार्यकर्ता और समर्थक हमलों में मारे गए हैं जिनमें एक महिला भी शामिल है। भाजपा इसका आरोप तृणमूल पर लगा रही है।
भाजपा ने पत्रकारों के साथ एक वीडियो शेयर किया जिसमें नंदीग्राम में पार्टी दफ्तर में हुई तोड़फोड़ को दिखाया गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस सीट पर भाजपा के शुभेंदु अधिकारी से चुनाव हार गई थीं। जगदीप धनखड़ ने प्रदेश के गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और कोलकाता के पुलिस आयुक्त को तलब कर उन्हें शांति बहाल करने के निर्देश दिए।
उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के सत्ता में आने के एक दिन बाद हुई इन घटनाओं के बाद की स्थिति पर अफसरों से चर्चा की। धनखड़ ने गृह सचिव एक के द्विवेदी से मुलाकात के बाद ट्वीट किया कि राज्य में चुनाव बाद हिंसा की बढ़ती घटनाओं के बाद मैंने एसीएस गृह को तलब किया था और उन्हें चुनाव बाद हुई राज्य में हुई हिंसा व तोड़फोड़ तथा उठाए गए कदमों पर रिपोर्ट देने को कहा गया है।
उन्होंने अलग से राज्य के पुलिस महानिदेशक पी नीरजनयन और पुलिस आयुक्त सोमेन मित्र से मुलाकात की और उन्हें कानून-व्यवस्था बहाल करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के डीजीपी और कोलकाता के पुलिस आयुक्त को चुनाव बाद आगजनी, लूटपाट और हिंसा में लोगों की जान जाने के बढ़ते मामलों पर तलब किया था। उनसे कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए सभी कदम उठाने को कहा गया है।
एक प्रवक्ता ने कहा कि गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार से राज्य में विपक्षी राजनीतिक कार्यकर्ताओं की निशाना बनाकर की जा रही हिंसा पर एक रिपोर्ट मांगी है। इस बीच ममता बनर्जी ने समर्थकों से शांति बरकरार रखने और उकसावे के झांसे में नहीं आने की अपील की है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय बलों ने चुनाव के दौरान तृणमूल समर्थकों के साथ कई ज्यादतियां कीं।
उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि परिणामों की घोषणा के बाद भी भाजपा ने कुछ इलाकों में हमारे समर्थकों पर हमला किया लेकिन हम अपने लोगों से उकसावे में नहीं आने और पुलिस से शिकायत करने का अनुरोध करते हैं। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल बलूनी ने कहा कि मारे जाने से पहले एक भाजपा कार्यकर्ता फेसबुक पर दो बार लाइव था और उसने कहा कि हमलावरों द्वारा जानवरों और बच्चों को भी नहीं छोड़ा जा रहा। उन्होंने कई घायल लोगों की तस्वीरें भी शेयर कीं।
एक वीडियो में ‘हांगकांग फैशन’ नामक दुकान से युवक कपड़े लूटकर भागते हुए दिखे। उनमें से कुछ के चेहरों पर हरा रंग लगा था और संभवत: वीडियो बना रहे व्यक्ति की आवाज सुनाई दे रही है जो कहता है, 'यही होना चाहिए था…हम तो मिजाज बना रहे थे।'

एक अन्य वीडियो में बुर्का पहने महिलाओं का एक समूह दुकान के बाहर खड़ा है और गुस्से में चिल्लाते हुए पूछ रहा है,. “यह ममता राज है कि गुंडों का राज है?” उनमें से एक ने कहा कि उसका भाई ‘हांग कांग फैशन’ चलाता है और भाजपा के लिए काम करता है।
भाजपा अध्यक्ष नड्डा का दौरा : भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने सोमवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ हो रही हिंसा तृणमूल कांग्रेस ‘‘प्रायोजित’’ है विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रदर्शन को पार्टी के लिए झटका मानने से इंकार करते हुए उन्होंने कहा कि हार के बावजूद भाजपा ने चुनाव में अप्रत्याशित बढ़त हासिल की है।
पश्चिम बंगाल के प्रभारी विजयवर्गीय ने बताया कि भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा कार्यकर्ताओं के मनोबल को बढ़ाने और उनके साथ एकजुटता का भाव दर्शाने के लिए मंगलवार को बंगाल का दो दिवसीय दौरा करेंगे। उन्होंने बताया कि तृणमूल कांग्रेस की ओर से भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ ‘प्रायोजित’ हिंसा का जवाब देने के लिए भाजपा सड़कों पर उतरेगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के बाद हिंसा की घटनाओं में राज्य में चार भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई जबकि 4000 घरों पर हमले हुए हैं। विधानसभा चुनाव में 200 सीट जीतने का लक्ष्य रख भाजपा ने चुनाव जीतने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया और बहुत ही आक्रामक अंदाज में चुनाव प्रचार भी किया लेकिन विजयवर्गीय ने नतीजों को भाजपा के लिए झटका मानने से इंकार कर दिया।
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस और वाम दलों के गठबंधन ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस से समझौता कर लिया और वो चुनावी परिदृश्य से गायब हो गए। इसका परिणाम ये हुआ कि उनका वोट बैंक तृणमूल कांग्रेस के साथ चला गया और उसने 213 सीटों पर जीत दर्ज की।

राज्य के राजनीतिक इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि कांग्रेस और वामपंथी दलों का खाता भी नहीं खुला। भाजपा ने 77 सीटें पर जीत का परचम फहराया लेकिन 200 सीटों पर जीत का दावा करने वाली पार्टी की उम्मीदों के हिसाब से यह बहुत कम था।
विजयवर्गीय ने कहा कि भाजपा के प्रदर्शन को उसके पिछले प्रदर्शन के हिसाब से देखना चाहिए। पिछले चुनाव में भाजपा ने महज तीन सीटें जीती थी जबकि उसे महज 10 प्रतिशत ही मत मिले थे।
उन्होंने कहा कि झटका तब कहा जाता जब आपको सीटों का नुकसान होता। ऐसी जीत क्या किसी पार्टी ने कभी दर्ज की है। हमने अप्रत्याशित बढ़त दर्ज की है। राज्य की राजनीति अब दो दलों के बीच है जबकि कांग्रेस और वाम दल पूरी तरह से समाप्त हो गए हैं।
भाजपा नेता ने यह भी कहा कि व्हीलचेयर पर पूरा चुनाव प्रचार करने के कारण हो सकता है कि लोगों की संवेदनाएं बनर्जी के साथ रही हों। इस बीच, भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनिल बलूनी ने एक बयान जारी कर कहा कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की जीत के साथ ही उसके संरक्षण में ‘‘गुंडों द्वारा हिंसा का तांडव और खून से जीत का जश्न’’ मनाना शुरू हो गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘हैरानी की बात यह है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मूकदर्शक बनकर इन हिंसक घटनाओं की गवाह बन रही हैं लेकिन उन्होंने न तो इसकी निंदा की है, न प्रशासन को उन्होंने कोई दिशा-निर्देश दिए हैं और न ही उन्होंने अपराधियों व गुनाहगारों पर कोई कार्यवाही ही की है।’’उन्होंने हिंसा की घटनाओं की निंदा करते हुए कहा कि यह ‘तांडव’ जल्द ख़त्म होना चाहिए।
बलूनी ने कहा कि बंगाल में तृणमूल सरकार के संरक्षण में चल रही ‘‘हिंसा के तांडव’’ के मद्देनजर वस्तुस्थिति का जायजा लेने नड्डा मंगलवार से दो दिवसीय दौरे पर बंगाल में रहेंगे जहां वह हिंसा से प्रभावित भाजपा कार्यकर्ताओं एवं उनके परिजनों से मुलाक़ात करेंगे और प्रजातांत्रिक तरीके से हिंसा का विरोध करेंगे।
(भाषा)
(Photo courtesy : Twitter)



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