कश्‍मीर में ताजा बारिश के बीच राहत अभियान जारी

सुरेश एस डुग्गर| Last Updated: बुधवार, 1 अक्टूबर 2014 (17:19 IST)
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श्रीनगर। राज्यभर में बारिश की ताजा आंख मिचौनी के बीच हालांकि बाढ़ग्रस्त इलाकों में फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में कुछ बाधा आई पर बावजूद इसके लोगों को निकालने का कार्य रूका नहीं और आज भी 60 हजार लोगों को समाचार भिजवाए जाने तक सुरक्षित निकाला जा चुका था। इसके साथ ही कुल 3 लाख लोगों को निकाला जा चुका है जबकि अभी भी दो लाख लोग फंसे हुए हैं। 
नार्थ कश्मीर में भी के हालात के बीच वहां कुछ मौतें होने का समाचार है। जबकि श्रीनगर से भी लाशों का मिलना जारी था। फिलहाल कुल मौतों के आंकड़े के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है पर इतना जरूर था कि श्रीनगर से उतरता बाढ़ का पानी महामारी को जरूर ला रहा था। 
 
इस बीच राज्य में बाढ़ का उतरता पानी चाहे अभी तक जिन्दगी को पटरी पर नहीं ला पाया था लेकिन राज्य सारकार जरूर पटरी पर लौटने लगी थी। राज्य सरकार ने अपने कर्मचारियों को कार्यालयों में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए हैं तथा बाढ़ पीड़ितों के लिए मदद की कई और घोषणाएं की हैं।
 
तीन लाख को निकाला : बारिश की वजह से आज सुबह बाढ़ प्रभावित जम्मू कश्मीर में थोड़ा प्रभावित हुआ, वहीं कश्मीर घाटी में बाढ़ में फंसे 60,000 और लोगों को सेना और एनडीआरएफ बचाव टीमों ने निकाला। मौत और तबाही लाने वाली सदी की राज्य की सबसे त्रासद बाढ़ में पिछले कुछ दिनों से 5 लाख से अधिक लोग बेबस, असहाय बने हुए हैं। 
 
घाटी के कई हिस्से में आज सुबह हल्की बारिश हुई, जिससे इलाके में दिक्कतें और बढ़ने की आशंका होने लगी। पिछले सप्ताह मूसलाधार बारिश से घाटी पहले ही परेशानी का सामना कर रही है। हालांकि सुबह में करीब साढ़े आठ बजे शुरू हुई बारिश एक घंटे में ही रूक गयी। वायुसेना के अधिकारियों ने बताया कि बारिश और घने बादल के मद्देनजर वायु सेना ने राहत आपूर्ति ढो रहे विमानों को रोक दिया। हालांकि, दवाइयां ढोने का आपात अभियान जारी रहा। वायुसेना के हेलिकाप्टरों से राहत अभियान दिन में फिर शुरू हो गया। 
 
श्रीनगर के एसडीएम सैयद आबिद रशीद शाह ने बताया कि खराब मौसम से दिक्कतें होंगी क्योंकि कई लोग बिना आश्रय के अभी भी सड़कों पर हैं। कुछ जगहों पर लोग टेंट में हैं जो वाटरप्रूफ नहीं है। आईएमडी के निदेशक बीपी यादव ने कहा कि सुबह में हल्की बारिश हुई  लेकिन, हमने कोई चेतावनी जारी नहीं की। राज्य में आज भारी बारिश नहीं होगी।
 
बाढ़ से जूझ रहे कश्मीर में पिछले कुछ दिनों में मौसम साफ रहने के बाद आज फिर बारिश लौट आई है और इससे बचाव कार्य में बाधा पड़ने की आशंका है। घाटी में श्रीनगर और अन्य स्थानों पर गरज के साथ बारिश हुई। पिछले पांच दिनों से कश्मीर में मौसम साफ था। आज सुबह साढ़े आठ बजे से घाटी में बारिश हो रही है और यह लगातार बढ़ती जा रही थी।
 
महामारी का खतरा : श्रीनगर में बाढ़ का पानी जैसे-जैसे कम हो रहा है महामारी पैदा होने का खतरा बढ़ता जा रहा है। राहतकर्मियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस खतरे से राज्य को बचाना है।
 
सशस्त्र सीमा बल के मेडिकल कमांडेंट डॉ. पी एम काबुई ने चेतावनी दी कि हम महामारी पैदा होने के टाइम बम पर बैठे हुए हैं। घड़ी की सुइयां तेजी से घूम रही हैं और यदि तुरंत कदम नहीं उठाए गए तो बड़े पैमाने पर एक और आपदा समूची कश्मीर घाटी को अपनी चपेट में ले सकती है। काबुई ने कहा कि शहर में पानी कम होने के बाद महामारी पैदा होने का खतरा बहुत ज्यादा है।
 
उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि बाढ़ की वजह से समूचा श्रीनगर नगर निगम ठप पड़ा है और ज्यादातर इलाकों में कचरे का ढेर है। काबुई ने कहा कि लोगों के पास पीने को स्वच्छ पेयजल नहीं है और वे दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। इससे हेपेटाइटिस, डायरिया जैसी जलजनित बीमारियां हो सकती हैं।
 
श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में डॉक्टर तौसीफ अहमद ने बताया कि आने वाले दिनों में कश्मीरियों को मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारी हो सकती है। तौसीफ बरजुल्ला बागट के एक अस्थायी क्लिनिक में मरीजों का इलाज कर रहे हैं। इस बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हषवर्धन ने जम्मू में कहा कि राज्य को दवाओं और अन्य जरूरी सामग्री की अतिरिक्त खेप भेजी जाएगी।
 
एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि हालात का जायजा लेने के लिए राज्य के दौरे पर आए हषर्वर्धन ने राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ बैठक की और उनसे कुछ भी मांगने को कहा क्योंकि प्रधानमंत्री ने पूरा समर्थन देने का वादा किया है।
 
राज्य सरकार पटरी पर लौटी : जम्मू कश्मीर सरकार ने रविवार को अपने कर्मचारियों से तुरंत अपने दफ्तर पहुंचने का निर्देश दिया। दफ्तर न पहुंचने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है। मुख्य सचिव मोहम्मद इकबाल खांडे ने कर्मचारियों से कहा है कि उन्हें भीषण बाढ़ की वजह से उत्पन्न हुई दिक्कतों को दूर करने में मदद करने की जरूरत है। 
 
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि निर्देश न मानने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। श्रीनगर स्थित सरकार के सचिवालय में भी पानी भर गया है। पुलिस मुख्यालय और पुलिस नियंत्रण कक्ष में भी बाढ़ का पानी भरा हुआ है। विधानसभा परिसर में पानी भर गया है। सचिवालय की ओर जाने वाली सडकें पानी में डूबी हुई हैं। 
 
राहत दोगुनी : मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राज्य में बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए राशन का कोटा दोगुना किए जाने की घोषणा की है।  राज्य में राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा के लिए शाम यहां आयोजित बैठक में अब्दुल्ला ने कहा कि लोगों तक समय पर पर्याप्त मदद पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने इस मौके पर अधिकारियों को आदेश दिया कि प्रभावित लोगों के राशन का कोटा दोगुना कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि राशन लोगों के घरों तक नौकाओं से पहुंचाया जाएगा। 
 
बाढ़ के बाद राज्य में बिजली की स्थिति की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू डीविजन में 85 प्रतिशत और कश्मीर डीविजन में 60 प्रतिशत बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है और अगले 15 दिन में जम्मू में बिजली की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी।
 
अब्दुल्ला ने श्रीनगर महानगर निगम के आयुक्त को दिए आदेश में कहा कि बाढ़ के बाद शहर में गंदगी की सफाई के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जाए ताकि किसी तरह की बीमारी नहीं फैलने पाएं।



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