भारत-चीन तनाव चरम पर, लद्दाख के पास चीन ने तैनात किए फाइटर जेट्स, सेटेलाइट तस्वीरों से खुलासा
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के चीनी सेनाओं से युद्ध के लिए तैयार रहने के बाद आह्वान के बाद चीन ने भारत के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा पर न केवल अपने सैनिकों को बड़ी संख्या में सीमा के पास तैनात कर दिया है बल्कि ऊंचाई वाले इलाके में उड़ान भरने के अनुकूल लड़ाकू विमान जे-11 और जे 16एस भी तैनात कर दिए हैं।
सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि चीन ने नगरीगुन्सा एयरबेस पर लड़ाकू विमान जे-11 और जे 16एस के कम से कम 2 स्क्वॉड्रन तैनात कर दिए हैं। इतना ही नहीं, हाल के दिनों में यहां कई ट्रांसपोर्ट विमानों की लैंडिंग भी हुई है। अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए चीन आवश्यक सैन्य साजोसामान को पहुंचा रहा है।
इसके साथ ही इस क्षेत्र में नई और बड़ी हवाई पट्टी का निर्माण शुरू कर दिया है। यहां भारी मशीनरी जैसे अर्थमूवर और अन्य निर्माण उपकरण देखे जा रहे हैं।
ताजा सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा हुआ है कि चीन ने सीमा पर आक्रामक रुख अपनाते हुए न सिर्फ लड़ाकू विमानों को तैनात किया है बल्कि अन्य सैन्य साजोसामान के परिवहन में इस्तेमाल होने वाले ट्रांसपोर्ट विमान भी यहां कई बार देखे गए हैं। इन तस्वीरों को एक ओपन सोर्स इंटेलिजेंस एनॉलिस्ट ने अपने ट्विटर अकाउंट पर जारी किया है।
Recent satellite images via @sbreakintl @PlanetLabs
— d-atis☠️ (@detresfa_) May 23, 2020
show a large area parallel to the runway at #Ngari Gunsa dual use airbase being rapidly developed since April 2020, as tensions between #India & #China continue to rise pic.twitter.com/1S2XQKHjZS
उल्लेखनीय है कि इस समय लद्दाख और सिक्किम में भारत और चीन के बीच कई क्षेत्रों में तनाव जारी है। पिछ्ले कुछ दिनों से दोनों सेनाओं के बीच कई बार झड़प हुई है जिसमें बहुत से सैनिक घायल भी हुए हैं। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मंगलवार को देश के सुरक्षाबलों को निर्देश दिया कि वे सैनिकों की ट्रेनिंग को मजबूत करें और युद्ध के लिए तैयार रहें।
चीन की सरकारी मीडिया ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के हवाले से कहा कि राष्ट्रीय संप्रभुता की पूरी तरह से रक्षा और देश की समग्र सामरिक स्थिरता की रक्षा करने के लिए सैनिकों के प्रशिक्षण को व्यापक रूप से मजबूत करना और युद्ध के लिए तैयार करना महत्वपूर्ण है।

