जानिए कौन है देश के साथ गद्दारी करने वाला ध्रुव सक्सेना

कीर्ति राजेश चौरसिया| पुनः संशोधित शनिवार, 11 फ़रवरी 2017 (17:12 IST)
देश की जासूसी कर दुश्मन देश को जानकारियां देने वाला गद्दार ध्रुव सक्सेना के माता-पिता का कहना है कि उनका बेटा आईटी सेल में जिला संयोजक है। ध्रुव के माता‍-पिता छतरपुर शहर में छत्रसाल नगर में रहते हैं। उसकी मां रजनी सक्सेना कवियत्री और आईटीआई कॉलेज में ट्रेनिंग ऑफिसर हैं।  पिता अजयमहेंद्र सक्सेना कलेक्टोरेट से रिटायर्ड हो चुके हैं। 
गौरतलब है कि की खूफिया एजेंसी को जानकारी देते हुए जासूसी करने वाले 11 लोगों को मध्यप्रदेश एंटी टेरेरिज्म स्क्वॉड (एटीएस) की टीम ने गिरफ्तार किया है। इस मामले में गिरफ्‍तार एक आरोपी ध्रुव सक्सेना का छतरपुर से संबंध है।
 
 
मां का आरोप नहीं साथ दे रही भाजपा : ध्रुव सक्सेना के दो ठिकानों पर ने छापा मारा। यहां से लैपटॉप सहित जासूसी करने की सामग्री जब्त की है। धुव सक्सेना भोपाल में रहता था। यहां से पाकिस्तान सेना की पूरी जानकारी देते हुए जासूसी कर रहा था। मां रजनी कहना है कि मेरे बेटे का साथ हर दम देने वाले भाजपा के नेता अब दूर-दूर तक नज़र नहीं नजर नहीं आ रहे। कांग्रेस, भाजपा के चक्कर में इसे मुद्दा बना रही है। मां का कहना है कि ध्रुव राजनीति और षड्यंत्र का शिकार हो रहा है।   
बचपन से हर शौक करते थे पूरा : ध्रुव की मां का कहना है कि दोनों पति-पत्नी कमाई से अपने बेटे हर शौक पूरा करते थे। वह स्कूल भी स्कूटी और बाइक से जाता था और कॉलेज कार से जाता था।  हमने बेटे की हर ख़्वाहिश पूरी की है और आज भी करते हैं।  वह शुरू से ही भाजपा में था और लगन से काम करता था। आज उसका बुरा वक्त आया तो सभी ने पल्ला झाड़ लिया और उसे अकेला छोड़ दिया।   
कंपनी से कमाया पैसा : ध्रुव ने अपनी पढ़ाई महर्षि स्कूल और कृष्णा कोचिंग से की है। 10वीं तक वह इंग्लिश मीडियम में रहा, फिर हिन्दी मीडियम में आ गया था। 12वीं अच्छे नंबरों से पास कर भोपाल में एनआरआई कॉलेज में पढ़ रहा था। वहां से पढ़ाई करके उसने कॉल सेंटर खोला और कंपनी बनाई। उसकी कंपनी ग्रोथ कर गई जिससे उसने खूब पैसा भी कमाया। ये तो जलने वाले लोग कह रहे हैं कि जासूसी से कमाया। 
> ध्रुव 4-5 साल से ही भाजपा में हैं और मानव सेवा के लिए राजनीति में आया था उसकी मां का कहना कि उनका बेटा पूछता था कि मैं किस पार्टी में जाऊं तो मैंने उन्होंने आरएसएस में जाने को कहा तो उसने पूरा पता कि आरएसएस में ज्यादा मेहनत थी, इसलिए वह भाजपा चला गया और भाजपा की रैलियों सहित व्यवस्थाओं का काम करने लगा था। भोपाल में उसने अपनी अच्छी पहचान और पकड़ बना ली थी। पर अब आज उसके साथ कोई नहीं है।
 
डिप्टी कलेक्टर की लड़की का रिश्ता आया था : उसकी मां का कहना है कि ध्रुव हमेशा कहता था कि कोई परफेक्ट लड़की मिले तब शादी करूंगा वह लड़कियों के मामले में पढ़ाई-लिखाई-सुंदरता में कोई कमी और शादी के मामले में कम्प्रोमाइज नहीं चाहता था। उसकी मां का कहना है कि ढेरों लड़की वालों के फोन कॉल आरहे थे। अभी भोपाल में ही निगम डिप्टी कलेक्टर की लड़की का रिश्ता आया था वह बहुत दिनों से बुला रहे हैं। मकान का काम लगा था पूरा हो जाने के बाद ही जाना था और लगभग फाइनल करना था। अब यह ख़बर आई तो सब रुक गया। सब ख़त्म हो गया।  जिन्हें नहीं पता तो आज भी उन लड़की वालों के फोन आ रहे हैं। हम क्या जवाब दें। 
 
मोदीजी से की प्रार्थना : उसकी मां का कहना है कि पहले तो मुझे लग रहा था कि छोटा मामला है पर जब रात में टीवी चैनलों पर देखा तो हैरान रह गई कि ये तो बहुत बड़ी घटना बड़ा मामला हो गया है। ऐसे तो मेरे बच्चे बुरी तरह फंस गए उनकी तो जिंदगी तबाह हो जाएगी। मैंने रात में ही मोदीजी को कॉल, मैसेज, रिक्वेस्ट किया है कि मेरे बच्चे निर्दोष हैं उन्हें बचा लो।
 
मैंने अपने पैसों से उसके जन्मदिन पर उसे इनफील्ड बुलेट गाड़ी दिलवाई थी। फॉर्च्यूनर गाडी उसने लों लेकर उठाई है। वह बचपन से ही शौकीन है हम पति-पत्नी भले ही शौक न करें पर बच्चों के शौक जरूर पूरा करते थे। दोनों सर्विस करते थे तो हर महीने दोनों बच्चों के नाम से 10-10 हजार जमा करते थे। हमने जो भी कमाया जो भी किया अपने बच्चों के लिए किया। जब भी उन्हें बिजनेस में जरूरत पड़ी लाखों रुपए हमने ही दिए अब वह खुद कमाने लगे थे तो अब पैसे देना बंद था।> ध्रुव के पिता की मानें तो ध्रुव शुरू से होशियार था। भोपाल से आने पर वह सिर्फ अपने मित्रों से मिलता था। बाकी सब दोस्त तो बाहर थे तो जो छतरपुर में बस स्टैंड पर जैन होटल वाले और डिजिटल कॉलेज के इंचार्ज एकांत अग्रवाल के यहां वक्त बिताता था।



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