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2000 रुपए के 76 फीसदी नोट बैंकों में वापस आए

2000 notes
76 percent of 2000 notes returned to banks: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सोमवार को कहा कि चलन में मौजूद 2000 रुपए के नोट वापस लेने के निर्णय के बाद से 76 प्रतिशत नोट यानी 2.72 लाख करोड़ रुपए के नोट बैंकों में वापस आ गए हैं। इनमें से ज्यादातर नोट लोगों ने अपने बैंक खाते में जमा कराए हैं।
 
केंद्रीय बैंक ने 19 मई, 2023 को अचानक से 2000 रुपए के नोट को वापस लेने का निर्णय किया था। लोगों से बैंक जाकर 30 सितंबर तक 2000 रुपए के नोट अपने खातों में जमा करने या दूसरे मूल्य के नोट से बदलने को कहा गया है।
 
रिजर्व बैंक के अनुसार, मूल्य के हिसाब से मार्च, 2023 में कुल 3.62 लाख करोड़ रुपए के नोट 2000 रुपए के थे। यह 19 मई, 2023 को कारोबारी समय खत्म होने के बाद घटकर 3.56 लाख करोड़ रुपए रह गया था। 
 
रिजर्व बैंक ने बयान में कहा कि बैंकों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, 19 मई को 2000 रुपए के नोट चलन से हटाने के निर्णय के बाद से 30 जून, 2023 तक 76 प्रतिशत यानी 2.72 लाख करोड़ रुपए के नोट वापस आ गए हैं। बयान के अनुसार, इसके परिणामस्वरूप 30 जून को कारोबारी समय समाप्त होने के बाद चलन में 84 हजार करोड़ रुपए के 2000 के नोट रह गए थे। 
 
विभिन्न बैंकों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 2000 रुपए के जो नोट वापस आए हैं, उसमें से करीब 87 प्रतिशत लोगों ने अपने बैंक खातों में जमा किए हैं, जबकि 13 प्रतिशत अन्य मूल्य के नोट से बदले गए हैं।
 
2000 नोट वापस लेने के खिलाफ याचिका खारिज : दूसरी ओर, दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को आरबीआई के 2000 रुपए के नोट को चलन से वापस लेने के फैसले को चुनौती देने वाली जनहित याचिका खारिज कर दी। मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायाधीश सुब्रमण्यम प्रसाद ने याचिका खारिज कर दी। इससे पहले, याचिका पर 30 मई को फैसला सुरक्षित रख लिया गया था।
 
याचिकाकर्ता रजनीश भास्कर गुप्ता ने दलील दी थी कि आरबीआई के पास 2000 के नोट को चलन से वापस लेने की कोई शक्ति नहीं है। यह शक्ति केवल वर्ष 1934 के आरबीआई अधिनियम की धारा 24 (2) के तहत केंद्र सरकार के पास निहित है। इस संदर्भ में केवल केंद्र सरकार ही फैसला कर सकती है।
 
याचिका का आरबीआई ने यह कहते हुए विरोध किया था कि 2000 रुपए के नोट का चलन से वापस लेना 'मुद्रा प्रबंधन अभियान’ का हिस्सा है और यह आर्थिक योजना से जुड़ा मामला है। आरबीआई ने 19 मई को 2000 रुपए के नोटों को चलन से वापस लेने की घोषणा की थी और कहा था कि मौजूदा नोट को 30 सितंबर तक बैंक खातों में जमा किया जा सकता है या बदला जा सकता है। (एजेंसी/वेबदुनिया) 
 
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