बजट पर क्या बोले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी...

नई दिल्ली| भाषा|
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नई दिल्ली। अपनी सरकार के पहले आम को ‘मरणासन्न’ अर्थव्यवस्था के लिए ‘संजीवनी’ बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि उनकी सरकार भारत को संकट से बाहर निकालने के लिए प्रतिबद्ध तथा आश्वस्त है और यह विश्वास 125 करोड़ भारतवासियों की क्षमता और शक्तियों के कारण है।


वित्त मंत्री अरण जेटली को उनके पहले बजट के लिए बधाई देते हुए मोदी ने आज कहा कि इस बजट ने जनता की उम्मीदों और आकांक्षाओं को विश्वास में बदल दिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह बजट भारत को तरक्की की नई उंचाइयों पर पहुंचाएगा और यह गरीबों तथा समाज के वंचित तबकों के लिए उम्मीद की किरण है।

उन्होंने कहा, ‘मरणासन्न अर्थव्यवस्था के लिए यह बजट अंतिम पंक्ति में खड़े आदमी के लिए एक संजीवनी और अरुणोदय के रूप में आया है।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बजट जनभागीदारी और जनशक्ति को बढ़ावा देगा। यह बजट भारत को आधुनिक प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल के साथ कुशल और डिजिटल बनाने का प्रयास है।

मोदी ने कहा कि विकास को ‘समावेशक, सर्वदेशक और सर्वस्पर्शी’ होना चाहिए और इसे देश के उन क्षेत्रों तक पहुंचना चाहिए जो अभी तक अविकसित हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुश्किल समय के बावजूद सरकार गरीबों, नव-मध्यम वर्ग और मध्यम वर्ग को ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र के साथ हरसंभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है।

मोदी ने संप्रग सरकार के पिछले एक दशक में अर्थव्यवस्था के हालात की ओर इशारा करते हुए कहा कि इस दौरान पूरी अर्थव्यवस्था चरमरा गई, जिसकी वजह से न केवल भारत बल्कि दुनिया ने उम्मीद छोड़ दी थी और निराशा का माहौल था। उन्होंने भारत की जनता को आश्वासन दिया कि सरकार भारत के विकास में और देश को इन चुनौतियों से मुक्त कराने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेगी।
नई सरकार के प्रयासों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘जब हमने सरकार बनाई तो इस तरह की चर्चाएं हो रहीं थीं कि क्या यह सरकार देश को संकट से मुक्त करा पाएगी लेकिन पहले रेलवे बजट और आज इस आम बजट ने दिखा दिया है कि हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।’

बजट में आदिवासी समुदाय के विकास और युवाओं के कौशल विकास के प्रावधानों का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा, ‘यह बजट भारत को कुशल और डिजिटल बनाने के सरकार के दृष्टिकोण के अनुरूप है।’ उन्होंने कहा कि कृषि सिंचाई योजना से किसानों को लाभ होगा। उन्होंने गंगा के निर्मलीकरण के लिए बजट में प्रावधान किये जाने की भी सराहना की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बजट गृहिणियों के लिए उम्मीद की किरण बनेगा और उनके उपर से महंगाई के बोझ को कम करेगा। साथ ही यह बजट महिलाओं के सशक्तिकरण और बालिका शिक्षा को अत्यधिक महत्व देता है। उन्होंने सरकार की इस प्रतिबद्धता को दोहराया कि वह भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्म-निर्भर बनाएगी। (भाषा)



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