बजट 2011-12 : हाईलाइट्स

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*सस्ता : कृषि मशीनरी, ट्रैक्टर, हाइब्रिड कारें, बैटरी चालित वाहन, मोबाइल, सीमेंट, लेजर प्रिंटर, कच्चा रेशम, सिल्क, सोलर उपकरण, एलईडी टीवी सस्ते।
*महँगा : ब्रांडेड रेडिमेड कपड़े एवं ब्रांडेड सोना
*ब्रांडेड सोना महँगा हुआ।
*रेडिमेड कपड़े महँगे हुए।
*कृषि मशीनरी सस्ती हुई।
*130 उत्पादों पर एक्साइज छूट वापस।
*बड़े अस्पताल सर्विस टैक्स के दायरे में।
*हवाई यात्रा पर सर्विस टैक्स बढ़ा।*जीवन बीमा की कुछ सेवा सर्विस टैक्स के दायरे में।
*महिलाओं के लिए इस बार कर में छूट नहीं।
*ऑफिस में टीडीएस कटने पर रिटर्ज जरूरी नहीं।
*छोटे करदाताओं के लिए सुगम फॉर्म।
*कंपनी फाइल करेगी वेतन भोगियों के रिटर्न।
*रिटर्न दाखिल न करने वालों की अलग श्रेणी बनेगी।
*ईसीएस के जरिए टैक्स भुगतान *रेफ्रिजरेशन सिस्टम पर उत्पाद शुल्क घटा।
*स्वास्थ्य क्षे‍त्र के लिए 26760 करोड़ का प्रस्ताव।
*असंगठित क्षेत्र के लिए भी बीमा योजना।
*2000 से ज्यादा आबादी वाले गाँवों में बैंक।
*जम्मू कश्मीर के लिए 8000 करोड़
*उत्तर पूर्वी राज्यों को भी 8000 करोड़
*पिछड़ा क्षेत्र फंड को 9890 करोड़*नरेगा मजदूरी महँगाई दर से जुड़ेगी
*विकलांग फौजियों का एक्स ग्रेटिया बढ़ाकर 9 लाख।
*गाँवों में फोन सेवाओं के लिए 10 हजार करोड़।
*कालेधन के लिए पाँच सूत्री योजना। दूसरे देशों से समझौते होंगे। काले धन को रोका जाएगा। दूसरे देशों से जानकारियाँ साझा की जाएँगी।
*भारत निर्माण के लिए 58 हजार करोड़।*सामाजिक क्षेत्र के लिए 1.6 लाख करोड़।
*एएमयू की बंगाल और केरल शाखा के लिए 50 करोड़।
*खाद्य तेल के लिए 300 करोड़।
*दिल्ली मुंबई में मेट्रो का तीसरा चरण शुरू होगा।
*आयल पाम की खेती के लिये 300 करोड़ रुपये का प्रावधान।
*राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के लिये अगले वित वर्ष में 7,866 करोड़ रुपये का प्रावधान।*चालू खाते का घाटा और औसत मुद्रास्फीति वित्त वर्ष 2011-12 में चालू वित्त वर्ष के मुकाबले कम रहने की उम्मीद।
*25 लाख रुपये तक की कीमत वाले मकान पर 15 लाख रुपए तक के ऋण पर एक फीसद की ब्याज सहायता।
*ग्रामीण बैंकों को नये वित्त वर्ष में 5,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त पूँजी दी जाएगी। सरकारी बैंकों को जोखिम पूंजी उपलब्धता बढ़ाने लिए 6,000 करोड़ रुपए देने का प्रस्ताव।*नए बैंक लाइसेंस देने के संबंध में विधेयक इसी सत्र में।
*देश के विभिन्न भागों में एक ही वस्तु की खुदरा कीमतों का अंतर उचित नहीं।
*दाल का उत्पादन बढ़ाने के लिए 300 करोड़। देश में दाल का उत्पादन माँग से कम। उत्पादन में कमी से महँगी होती है दाल।
*बाजरा, ज्वार उत्पादन बढ़ाने के लिए भी 300 करोड़। (शायद तीन नंबर मेरे लिए (प्रणब मुखर्जी) भाग्यशाली है।*दूध उत्पादन के लिए 300 करोड़।
*किसानों को 4.75 लाख करोड़ कर्ज।
*सात फीसदी ब्याज पर कृषि के लिए कर्ज। समय पर कर्ज लौटाने वाले किसानों को ब्याज में छूट।
*25 लाख रुपए के होम लोन पर एक फीसदी ब्याज कम।
*ग्रामीण आवास के लिए 3000 करोड़
*सरकारी बैंकों को 6000 करोड़ की मदद।
*बुनकरों के लिए नाबार्ड को 3000 करोड़। तीन लाख लोग लाभान्वित होंगे। बुनकरों के लिए राहुल गाँधी ने माँग की थी।*क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को 500 करोड़
*महिला स्वयं सहायता समूहों को 500 करोड़
*एफडीआई पॉलिसी सरल बनाने की दिशा में काम।
*म्युचुअल फंड में विदेशी निवेश पर विचार।
*विदेशी नागरिक सीधे निवेश कर सकेंगे।
*इन्फ्रास्ट्रक्चर बांड में 40 अरब डॉलर तक विदेशी निवेश। लॉकिंग पीरियड पाँच साल।*शहर के निकट सब्जी उत्पादन केन्द्र पर जोर। सब्जी उत्पादन के लिए 300 करोड़।
*पारदर्शी आर्थिक प्रणाली की ओर कदम
*टैक्स का सरलीकरण किया जाएगा
*उद्‍योग में 8.1 फीसदी विकास की उम्मीद
*प्याज, दूध, अंडे के दाम बढ़े, लोगों की समस्या दूर करना है।
*थोक और खुदरा मूल्यों में काफी अंतर।*निर्यात क्षेत्र में अच्छा विकास हुआ।
*भविष्य में 10 फीसदी तक विकास की उम्मीद।
*देश हर तरह के झटके झेलने में सक्षम।
*2014-15 तक घाटे का लक्ष्य पूरा कर लेंगे।
*लोक ऋण प्रबंधन विधेयक लाएँगे।
*डायरेक्ट टैक्स कोड अगले साल से। कोड आने से हर साल नहीं बदलेगा टैक्स।
*यह बजट टैक्स को आसान बनाएगा।*केरोसिन, रसोई गैस और खाद पर नकद सब्सिडी
*जीएसटी संशोधन के लिए संविधान में संशोधन।



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