ramcharitmanas

मकर संक्रांति पर करते हैं ये 10 तरह के दान तो मिलता है इस दिन हजार गुना पुण्य

Written By WD Feature Desk
Updated: सोमवार, 12 जनवरी 2026 (17:05 IST)
Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि अपने भाग्य के सितारों को चमकाने का एक सुनहरा अवसर है। साल 2026 में 14 जनवरी को पड़ने वाली यह संक्रांति षटतिला एकादशी के दुर्लभ संयोग के साथ आ रही है, जो दान के फल को हजार गुना बढ़ा देती है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन किया गया दान सीधे आपके ग्रहों की स्थिति को सुधारता है। आइए जानते हैं वे 10 महादान जो आपके जीवन में खुशहाली ला सकते हैं:
 
मकर संक्रांति: दान की 'चेकलिस्ट' और उनके फायदे:-
1. काले तिल (शनि): शनि दोष से मुक्ति और कार्यों में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।
2. गुड़ और रेवड़ी (सूर्य एवं मंगल): मान-सम्मान में वृद्धि और आत्मविश्वास बढ़ता है।
3. खिचड़ी (नवग्रह): घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
4. कंबल (राहु और शनि): अज्ञात भय से मुक्ति और स्वास्थ्य लाभ मिलता है।
5. नमक नया पैकेट (शुक्र): जीवन में भौतिक सुख-सुविधाओं और विलासिता का आगमन होता है।
6. चावल (चंद्र और शुक्र): मां और पत्नी के स्वास्थ्य में सुधार और मानसिक शांति मिलती है।
7. शक्कर (शुक्र और शनि): रिश्तों में मिठास आती है और पुराने दोषों का नाश होता है।
8. हरा चारा (बुध और शुक्र): व्यापार में उन्नति और बुद्धिमत्ता का विकास होता है (गौ सेवा)।
9. घी (शुक्र और बृहस्पति): करियर में सफलता, ऐश्वर्य और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।
10. सीधा- राशन (सर्वग्रह): मंदिर के पुजारी को दिया गया पूर्ण राशन (आटा, दाल, घी आदि) पूर्णता का फल देता है।
 
विशेष सावधानी (प्रो टिप):
चूंकि इस बार षटतिला एकादशी का योग है, इसलिए शास्त्रों के अनुसार इस दिन चावल का सेवन करना वर्जित माना गया है। हालांकि, आप चावल का दान कर सकते हैं, लेकिन स्वयं भोजन में इसे शामिल करने से बचें।
 
दान की संक्षिप्त विधि:
स्नान: सुबह जल्दी स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
संकल्प: हाथ में थोड़ा जल और अक्षत लेकर दान करने का मन ही मन संकल्प लें।
स्पर्श: दान की जाने वाली वस्तु (तिल, गुड़, कंबल आदि) को हाथ लगाकर प्रणाम करें।
अर्पण: वह सामग्री किसी योग्य ब्राह्मण, जरूरतमंद या मंदिर में ससम्मान भेंट करें।
दान का सरल मंत्र: दान करते समय इस मंत्र का उच्चारण करना फलदायी माना जाता है:
 
"देवानां च ऋषीणां च सर्वपापहरा शुभा। मकरस्थे रवौ दानं मयैतद् दत्तमुत्तमम्॥"
(अर्थ: देवताओं और ऋषियों द्वारा प्रशंसित, समस्त पापों को हरने वाली इस मकर संक्रांति पर मैं यह उत्तम दान कर रहा/रही हूँ।)
 
अगर मंत्र कठिन लगे, तो आप बस "ॐ सूर्याय नमः" या "कृष्णार्पणमस्तु" बोलकर भी दान कर सकते हैं। श्रद्धा से किया गया छोटा सा दान भी बड़े संकटों को टालने की शक्ति रखता है।

लेखक के बारे में
WD Feature Desk
अनुभवी लेखक, पत्रकार, संपादक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए गहन और विचारोत्तेजक आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

27 August Birthday: आपको 27 अगस्त, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (27 अगस्‍त, 2026)

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 27 अगस्‍त 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

सूर्य ग्रहण से भूकंप के बाद क्या चंद्र ग्रहण से पहले नेपाल में आई भीषण बाढ़? क्या ग्रहण से है इसका कनेक्शन?

रक्षा बंधन पर नारली पूर्णिमा क्यों मनाया जाता है, जानिए परंपरा और पूजा विधि

अगला लेख