Hanuman Chalisa

मासूम बच्ची के बलात्कारी हत्यारे की फांसी की सजा बरकरार

Updated: गुरुवार, 15 नवंबर 2018 (23:15 IST)
इंदौर। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने धार जिले में 4 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या के मुजरिम को सुनाई गई फांसी की सजा को बरकरार रखा है। न्यायमूर्ति पीके जायसवाल और न्यायमूर्ति एसके अवस्थी की पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 30 जुलाई को अपना फैसला सुरक्षित रखा लिया था। यह फैसला बृहस्पतिवार को सुनाया गया।
 
 
सरकारी वकील भुवन गौतम ने बताया कि उच्च न्यायालय ने अभियोजन पक्ष के तर्कों से सहमत होते हुए मामले के मुजरिम करण (19) को निचली अदालत द्वारा सुनाई गई फांसी की सजा की पुष्टि की है। इसके साथ ही, निचली अदालत के इस निर्णय के खिलाफ मुजरिम की ओर से दायर अपील खारिज कर दी गई है।
 
करण को धार जिले की एक अदालत ने बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या के सनसनीखेज मामले में 17 मई को संबद्ध कानूनों के तहत दोषी ठहराया था और उसे मृत्युदंड सुनाया था। करण ने 15 दिसंबर 2017 की शाम को बच्ची का उसके घर के बाहर से अपहरण कर किया था। सुनसान जगह पर बलात्कार के बाद उसने बच्ची के सिर पर पत्थर से वार कर उसकी हत्या कर दी थी। (भाषा)

Paper Leak पर सरकार का विपक्ष को खुला न्योता, जेपी नड्डा बोले- संसद में 18 घंटे भी चर्चा को तैयार

Sonam Wangchuk : अनशन खत्म करने को तैयार सोनम वांगचुक, सरकार के सामने क्या शर्त रखी

लड़कियों से छेड़छाड़, प्राइवेट पार्ट पर बरसाई लाठी, CJP के के आरोपों पर हाईकोर्ट ने केन्द्र से मांगा जवाब

राहुल गांधी के दिल्ली धरने के विरोध में भोपाल में बीजेपी का प्रदर्शन, कांग्रेस कार्यालय का किया घेराव

Hero HF Deluxe अब सिर्फ 59,999 रुपए में, 7,635 रुपए सस्ती हुई बाइक, जानिए किन राज्यों में मिलेगा ऑफर और खरीदने से पहले जरूरी बातें

अशोक वर्णवाल होंगे मध्य प्रदेश के नए कार्यवाहक मुख्य सचिव

CJP प्रोटेस्ट में हिंसा पर सलमान खान का रिएक्शन, किस बात को लेकर दुखी हुए अभिनेता

Paper Leak पर सरकार का विपक्ष को खुला न्योता, जेपी नड्डा बोले- संसद में 18 घंटे भी चर्चा को तैयार

दिल्ली के जंतर-मंतर में हिंसक प्रदर्शन, पत्थरबाजी, कई पुलिसकर्मी घायल, दागे गए आंसू गैस के गोले

MP के निवर्तमान मुख्य सचिव अनुराग जैन बने नीति आयोग के नए CEO

अगला लेख