सोनिया आडवाणी से बड़ी नेता
लालू भी धर्मनिरपेक्ष नहीं
चर्चित टीवी कलाकार और पटना साहिब संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी शेखर सुमन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी को राजग के प्रधानमंत्री पद के भावी उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी से बड़ी नेता मानते हैं और राजद सुप्रीमो लालूप्रसाद यादव के बारे में उनका कहना है कि वे धर्मनिरपेक्ष नेता नहीं हैं।
शेखर ने सोनिया को आडवाणी की तुलना में काफी बड़ी नेता बताया और कहा कि दोनों की एक-दूसरे के साथ तुलना नहीं की जा सकती।
उन्होंने दावा किया कि सोनिया गाँधी को अधिकतर लोगों का समर्थन प्राप्त है और यही कारण है कि वर्ष 2004 में प्रधानमंत्री पद के लिए उन्हें चुना गया, लेकिन यह उनका बड़प्पन था कि उन्होंने अपनी जगह मनमोहनसिंह को प्रधानमंत्री बनाए जाने का निर्णय लिया।
शेखर ने कहा कि वहीं दूसरी तरफ जहाँ तक आडवाणी का मामला है अपनी उम्र के इस ढलान पर वे इस कोशिश में लगे हुए हैं कि कैसे वे प्रधानमंत्री पद पर आसीन हों और इसके लिए वे लगातार लोगों का समर्थन पाने के प्रयास में लगे हैं जो कि उनकी स्वार्थ सिद्धि को प्रकट करता है।
उन्होंने कहा कि आडवाणी को चाहिए था कि वे किसी युवा को इस पद पर तैनात करने के लिए कोशिश करते।
शेखर ने आगे कहा कि सोनिया जहाँ धर्मनिरपेक्ष छवि वाले लोगों का प्रतिनिधित्व करती हैं, वहीं आडवाणी एक ऐसी पार्टी का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसकी पृष्ठभूमि साम्प्रदायिक है।
शेखर ने सोनिया को आडवाणी की तुलना में काफी बड़ी नेता बताया और कहा कि दोनों की एक-दूसरे के साथ तुलना नहीं की जा सकती।
उन्होंने दावा किया कि सोनिया गाँधी को अधिकतर लोगों का समर्थन प्राप्त है और यही कारण है कि वर्ष 2004 में प्रधानमंत्री पद के लिए उन्हें चुना गया, लेकिन यह उनका बड़प्पन था कि उन्होंने अपनी जगह मनमोहनसिंह को प्रधानमंत्री बनाए जाने का निर्णय लिया।
शेखर ने कहा कि वहीं दूसरी तरफ जहाँ तक आडवाणी का मामला है अपनी उम्र के इस ढलान पर वे इस कोशिश में लगे हुए हैं कि कैसे वे प्रधानमंत्री पद पर आसीन हों और इसके लिए वे लगातार लोगों का समर्थन पाने के प्रयास में लगे हैं जो कि उनकी स्वार्थ सिद्धि को प्रकट करता है।
उन्होंने कहा कि आडवाणी को चाहिए था कि वे किसी युवा को इस पद पर तैनात करने के लिए कोशिश करते।
शेखर ने आगे कहा कि सोनिया जहाँ धर्मनिरपेक्ष छवि वाले लोगों का प्रतिनिधित्व करती हैं, वहीं आडवाणी एक ऐसी पार्टी का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसकी पृष्ठभूमि साम्प्रदायिक है।

