सबसे ज्यादा अमेरिकी मदद पाने वाले देश

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पुनः संशोधित शुक्रवार, 26 जुलाई 2019 (17:47 IST)
दुनिया में अमेरिका की गिनती बेहद ही शक्ति संपन्न देशों में होती है। अमेरिका के संघीय का कुछ हिस्सा अन्य देशों की मदद में जाता है। अमेरिकी सरकार के डाटा के मुताबिक 2018 में इन देशों को सबसे अधिक आर्थिक सहायता दी गई।

10. (34.79 करोड़ डॉलर)
अमेरिकी मदद पाने वाला इराक सबसे अहम देश है। पिछले 15 सालों से इराक में स्थायित्तव का संकट चल रहा है। सबसे पहले अमेरिका ने सद्दाम हुसैन के खिलाफ मोर्चा खोला था। लेकिन अब आईएस उसके लिए सिरदर्द बन चुका है। 2018 के दौरान अमेरिका ने इस क्षेत्र में 34.79 करोड़ डॉलर के सहायता देने की योजना बनाई थी।
9. नाइजीरिया (41.91 करोड़ डॉलर)
नाइजीरिया में अमेरिकी मदद का मकसद देश को गरीबी से बाहर निकालना है। इसके साथ ही कोशिश स्थायी लोकतांत्रिक व्यवस्था स्थापित करने की भी है ताकि स्थानीय लोगों को काम में लगाया जा सके। हालांकि यह क्षेत्र कट्टरवादी आतंकवादी संगठन बोको हराम के हमलों से जूझ रहा है। 2018 में अमेरिका ने नाइजीरिया को 41.9 करोड़ डॉलर की आर्थिक सहायता दी।

8. जाम्बिया (42.89 करोड़ डॉलर)
जाम्बिया में अमेरिकी मदद का मुख्य उद्देश्य देश को गरीबी से निकालना है। यह मदद रहने के लिए मानवीय परिस्थितियों को बेहतर बनाने के लिए दी जा रही है। मदद का मकसद देश में टिकाऊ कृषि और एचआईवी, मलेरिया और टीबी जैसी जानलेवा बीमारियों को लेकर जागरूकता फैलाना है। इस मदद का मकसद भविष्य में अमेरिका के लिए एक अच्छा बाजार तैयार करना भी है। 2018 में मदद की सीमा 42.89 करोड़ डॉलर तय की गई।
7. युगांडा
पूर्वी अफ्रीकी देश युगांडा में अमेरिका का जोर राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र को मजबूत करना है। 2018 में दी गई मदद का लक्ष्य देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करना, साथ ही गंभीर बीमारियों के खतरों को रोकना है। साल 2018 में अमेरिका ने 43.64 करोड़ डॉलर की आर्थिक सहायता का लक्ष्य रखा था।

6. तंजानिया
तमाम कमियों के बीच तंजानिया एक स्थायी, बहुपक्षीय सरकारी प्रणाली के साथ-साथ एक तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था भी है। इसके बावजूद करीब एक चौथाई तंजानियाई लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं।अमेरिकी मदद का उद्देश्य तंजानिया में लोगों को गरीबी से बाहर निकालना है। साथ ही देश को अमेरिका के एक अहम सहयोगी के रूप में स्थापित करना है। 2018 में तंजानिया को अमेरिका से 53.53 करोड़ डॉलर की मिली।
5. केन्या
तमाम लोकतांत्रिक सुधारों के बावजूद केन्या की राजनीतिक व्यवस्था अब भी भ्रष्टाचार और जातीय विवादों में उलझी हुई है। देश के किसान और कई नागरिक अब भी सूखाग्रस्त इलाकों में रहने को मजबूर हैं। केन्या को दी जाने वाली मदद का मकसद सूखा ग्रस्त इलाकों से लोगों को निकालना है। साथ ही जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटना भी है। 2018 में केन्या को 63.94 करोड़ डॉलर की आर्थिक मदद दी गई।
4. अफगानिस्तान
पिछले 18 सालों से अमेरिका की फौजें अफगानिस्तान में तैनात है। हालांकि अब अमेरिका के अंदर अफगानिस्तान से निकलने की छटपटाहट साफ नजर आती है। 2018 में अमेरिका ने अफगानिस्तान को 78.28 करोड़ डॉलर की आर्थिक मदद की। इस मदद का मकसद देश में आंतकवादी संगठन आईएस को जमीन तैयार करने से रोकना है। साथ ही लोकतांत्रिक व्यवस्था को स्थापित करने के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।
3. जॉर्डन
युद्धग्रस्त सीरिया के करीब स्थित जॉर्डन इस वक्त सबसे बड़े रिफ्यूजी संकट से जूझ रहा है। 2018 में एक अरब डॉलर की अमेरिकी मदद पाने वाले इस देश को अमेरिका से बड़ी भारी मदद मिलती है। आर्थिक मदद का मकसद सीरियाई रिफ्यूजियों से निपटने के साथ-साथ जॉर्डन में लोकतांत्रिक जवाबदेही तय करना भी है।

2. मिस्र
मिस्र में अमेरिकी मदद का मकसद स्थानीय लोगों के लिए भोजन को सुनिश्चित करने के साथ-साथ देश में अच्छी शासन व्यवस्था लागू करना भी है। मिस्र पिछले लंबे वक्त से आतंकवाद और कट्टरवादी ताकतों से जूझता रहा है। मदद का उद्देश्य मिस्र और अमेरिका के बीच अच्छे आर्थिक संबंध स्थापित करना भी रहा है। सुरक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए अमेरिका भारी मदद करता है। 2018 में इसे 1.39 अरब डॉलर की मदद मिली।
1. इसराइल
पिछले कई दशकों से इस्राएल अमेरिकी मदद पाने वाला सबसे बड़ा देश रहा है। अमेरिका की ओर से दी जाने वाली मदद का मकसद क्षेत्रीय ताकतों के खिलाफ सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है। साल 2018 में अमेरिका की ओर से इसराइल को 3.1 अरब डॉलर की मदद दी गई।

 

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