क्या विराट कोहली लेंगे संन्यास, हालात तो यही बयां कर रहे हैं
एक बार कप्तानी से हटने के बाद किसी भी भारतीय कप्तान का टीम इंडिया में सफर 2 -3 साल से ज्यादा नहीं रहा है। विराट कोहली जिस तरह लगातार हर फॉर्मेट से कप्तानी छोड़ रहे हैं। इसका अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह जल्द वनडे और टेस्ट की कप्तानी भी छोड़ सकते हैं।
लेकिन यह करने के बाद उनका करियर भी ज्यादा लंबा नहीं चल पाएगा। 2-3 साल पहले के एक इंटर्व्यू मे वह खुद कह चुके थे कि जैसे वह क्रिकेट खेल रहे हैं और कु सीरीज को छोड़कर लगातार हर सीरीज का हिस्सा बन रहे हैं। उनका करियर 4-5 साल ही और आगे जाने वाला है।
अब अटकलें यह भी लगाई जा रही है कि वह टी-20 मैचों से संन्यास की घोषणा भी कर सकते हैं। इसका कारण संभवत यह भी हो सकता है कि वनडे और टेस्ट में उनका फॉर्म उतना अच्छा नहीं रहा है।
विराट कोहली की बल्लेबाजी बहुत लचर तो नहीं पर वैसी नहीं रही जिसके लिए वह जाने जाते थे। विराट कोहली अगर 50 के पार पहुंच जाते थे तो 10 में से 7 बार उसको शतक में तब्दील कर देते थे। लेकिन पिछले दो साल से वह एक शतक के लिए तरस रहे हैं।
आखिरी शतक उन्होंने नवंबर 2019 में बांग्लादेश के खिलाफ पिंक बॉल टेस्ट मैच में लगाया था। वहीं वनडे की बात करें तो इस ही साल अगस्त में वेस्टइंडीज के खिलाफ सबीना पार्क में विराट कोहली ने शतक लगाया था।
इसका असर उनकी रैंकिंग्स में भी दिखा। अप्रैल के महीने में उन्होंने अपने वनडे की शीर्ष रैंकिंग पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम के हाथों गंवा दी। वहीं टेस्ट मैचो में भी अब वह टॉप 5 टेस्ट बल्लेबाजों में नहीं है और रोहित शर्मा उनसे आगे निकल चुके हैं।
टी-20 रैंकिंग्स में भी वह टॉप 5 बल्लेबाजों की फहरिस्त से निकल गए थे। वह तो भला हो न्यूजीलैंड के बल्लेबाज डेवॉन कॉन्वे के लचर प्रदर्शन की जिसके कारण कोहली चौथे नंबर पर आ सके।
टी-20 अंतरराष्ट्रीय से इस कारण ले सकते हैं संन्यास
कप्तानी छोड़ने के बाद कोहली टी-20 अंतरराष्ट्रीय को अलविदा कहने का मन भी बना सकते हैं ताकि वनडे और टेस्ट में अपना ध्यान केंद्रित कर सकें। एक कारण यह भी है कि टी-20 में भारत की बैंच स्ट्रेंग्थ काफी मजबूत है और युवा खिलाड़ी कोहली की जगह ले सकते हैं।
वहीं टी-20 युवा खिलाड़ियों का खेल ही माना जाता है जिसमें पॉवर हिटिंग जरूरी होती है। अभी तो विराट भी अंतिम ओवरों में तेजी से रन बनाते हैं लेकिन जैसे जैसे समय बीतता जाएगा। उनकी पॉवर हिटिंग कम होती जाएगी ऐसे में अभी से एक युवा को तैयार करना बेहतर विकल्प है। (वेबदुनिया डेस्क)
लेकिन यह करने के बाद उनका करियर भी ज्यादा लंबा नहीं चल पाएगा। 2-3 साल पहले के एक इंटर्व्यू मे वह खुद कह चुके थे कि जैसे वह क्रिकेट खेल रहे हैं और कु सीरीज को छोड़कर लगातार हर सीरीज का हिस्सा बन रहे हैं। उनका करियर 4-5 साल ही और आगे जाने वाला है।
अब अटकलें यह भी लगाई जा रही है कि वह टी-20 मैचों से संन्यास की घोषणा भी कर सकते हैं। इसका कारण संभवत यह भी हो सकता है कि वनडे और टेस्ट में उनका फॉर्म उतना अच्छा नहीं रहा है।
2 साल से टेस्ट और वनडे में नहीं लगा पाए हैं शतकVirat Kohli to step down from RCB captaincy after #IPL2021
— Royal Challengers Bangalore (@RCBTweets) September 19, 2021
“This will be my last IPL as captain of RCB. Ill continue to be an RCB player till I play my last IPL game. I thank all the RCB fans for believing in me and supporting me.”: Virat Kohli#PlayBold #WeAreChallengers pic.twitter.com/QSIdCT8QQM
आखिरी शतक उन्होंने नवंबर 2019 में बांग्लादेश के खिलाफ पिंक बॉल टेस्ट मैच में लगाया था। वहीं वनडे की बात करें तो इस ही साल अगस्त में वेस्टइंडीज के खिलाफ सबीना पार्क में विराट कोहली ने शतक लगाया था।
इसका असर उनकी रैंकिंग्स में भी दिखा। अप्रैल के महीने में उन्होंने अपने वनडे की शीर्ष रैंकिंग पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम के हाथों गंवा दी। वहीं टेस्ट मैचो में भी अब वह टॉप 5 टेस्ट बल्लेबाजों में नहीं है और रोहित शर्मा उनसे आगे निकल चुके हैं।
टी-20 रैंकिंग्स में भी वह टॉप 5 बल्लेबाजों की फहरिस्त से निकल गए थे। वह तो भला हो न्यूजीलैंड के बल्लेबाज डेवॉन कॉन्वे के लचर प्रदर्शन की जिसके कारण कोहली चौथे नंबर पर आ सके।
टी-20 अंतरराष्ट्रीय से इस कारण ले सकते हैं संन्यास
कप्तानी छोड़ने के बाद कोहली टी-20 अंतरराष्ट्रीय को अलविदा कहने का मन भी बना सकते हैं ताकि वनडे और टेस्ट में अपना ध्यान केंद्रित कर सकें। एक कारण यह भी है कि टी-20 में भारत की बैंच स्ट्रेंग्थ काफी मजबूत है और युवा खिलाड़ी कोहली की जगह ले सकते हैं।
वहीं टी-20 युवा खिलाड़ियों का खेल ही माना जाता है जिसमें पॉवर हिटिंग जरूरी होती है। अभी तो विराट भी अंतिम ओवरों में तेजी से रन बनाते हैं लेकिन जैसे जैसे समय बीतता जाएगा। उनकी पॉवर हिटिंग कम होती जाएगी ऐसे में अभी से एक युवा को तैयार करना बेहतर विकल्प है। (वेबदुनिया डेस्क)
