पुणे में बुमराह और भुवी की वापसी से तीसरे मैच में बढ़त बनाने उतरेगा भारत

पुनः संशोधित शुक्रवार, 26 अक्टूबर 2018 (17:26 IST)
पुणे। के खिलाफ पिछले वनडे में बड़े स्कोर के बावजूद बराबरी पर रही थी लेकिन तेज गेंदबाजों और की टीम में वापसी के बाद उसकी कोशिश अच्छे प्रदर्शन के साथ यहां शनिवार को सीरीज के तीसरे मैच में बढ़त हासिल करनी रहेगी।
भारतीय टीम ने विशाखापत्तनम में खेले गए दूसरे वनडे में 321 रन का बड़ा स्कोर बनाया था लेकिन एकतरफा लग रहे इस मैच में उसके गेंदबाजों की महंगी गेंदबाजी से वेस्टइंडीज ने हार टालते हुए मैच टाई करा दिया। इससे पांच मैचों की सीरीज में भारत 1-0 से आगे है और अब उसकी कोशिश तीसरे दिन-रात्रि मैच में जीत के साथ बढ़त पाने की है।

टीम प्रबंधन ने बाकी के तीन वनडे मैचों के लिए बुमराह और भुवनेश्वर को टीम में शामिल किया है जिन्हें शुरुआती दो मैचों में बाहर किया गया था जबकि मोहम्मद शमी को बाहर किया गया है। इसके अलावा टीम में अन्य कोई परिवर्तन नहीं है। शमी पहले दो मैचों में खेल थे लेकिन काफी महंगे साबित हुये। शमी ने गुवाहाटी में पहले वनडे में 81 रन पर दो विकेट और विशाखापत्तनम में दूसरे वनडे में 59 रन पर एक विकेट लिया था।
भारतीय टीम का बल्लेबाजी क्रम फिलहाज मजबूत दिख रहा है लेकिन उसके गेंदबाजी विभाग में सुधार की गुंजाइश है और बुमराह और भुवी की वापसी से घरेलू टीम को बेहतर परिणाम की उम्मीद है।

गेंदबाजी विभाग में तीन विकेट लेकर शमी भले ही बाहर हुये हैं लेकिन अन्य उमेश यादव भी अब तक महंगे रहे हैं जो 15 सदस्यीय टीम में बरकरार हैं। उन्होंने पिछले दो मैचों में 142 रन देकर मात्र एक विकेट ही हासिल किया है। गेंदबाजों में अभी तक स्पिनर युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव काफी सफल रहे हैं। चहल 4 विकेट लेकर अब तक सबसे सफल हैं जबकि चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप ने एक मैच में 3 विकेट लिए हैं।

पुणे मैच में तीन स्पिनरों के साथ भारत उतर सकता है जिससे लेग स्पिनर चहल और औसत के हिसाब से किफायती कुलदीप के अंतिम एकादश में जगह बरकरार रखना लगभग तय है। इसके अलावा लेफ्ट आर्म स्पिनर जडेजा भी अहम साबित हो सकते हैं जिन्हें अब तक देा विकेट मिले हैं। दूसरी ओर बुमराह डैथ ओवरों में हमेशा उपयोगी रहते हैं तो भुवनेश्वर न केवल किफायती तेज गेंदबाजों में हैं बल्कि निचले क्रम पर वह बेहतरीन बल्लेबाज हैं।
दूसरी ओर बल्लेबाजी क्रम को देखें तो कप्तान विराट कोहली कमाल की लय में हैं और पिछले मैच में नाबाद 157 रन की पारी के साथ वह वनडे में सबसे तेज 10 हजार रन भी बनाने वाले खिलाड़ी बन गये हैं। उन्होंने दोनों मैचों में शतक बनाए हैं और 297 रनों के साथ शीर्ष स्कोरर हैं। वनडे के विशेषज्ञ बल्लेबाज रोहित शर्मा पर भी रनों के लिए टीम निर्भर है।

विशाखापत्तनम में 73 रन की बेहतरीन पारी खेलने वाले अंबाती रायुडू से भी विराट काफी प्रभावित हैं जो रायुडू को चौथे नंबर पर स्थाई तौर पर देखने की बात कह चुके हैं। मध्यक्रम में वह काफी उपयेागी हैं लेकिन शिखर धवन पिछले दोनों ही मैचों में फ्लॉप साबित हुए हैं।

धवन को भी वेस्टइंडीज के खिलाफ न सिर्फ लय में बल्कि रिकार्ड में भी सुधार करना होगा। भारतीय बल्लेबाज का वेस्टइंडीज के खिलाफ रिकार्ड खास नहीं रहा है। मौजूदा दो मैचों में भी उन्होंने 4 और 29 रन ही बनाए हैं जबकि दुनियाभर की अन्य टीमों की तुलना में वेस्टइंडीज के खिलाफ उनका औसत खराब रहा है। विंडीज के खिलाफ अपने आखिरी पांच मैचों में उन्होंने केवल 44 रन ही बनाए हैं।

विजाग में जिस तरह से वेस्टइंडीज ने 322 रनों के लक्ष्य के पहाड़ जैसे लक्ष्य के खिलाफ भी मैच टाई कराया उससे साफ है कि भारत को अपना स्कोर औसत पुणे में भी ऊंचा रखना होगा। विंडीज के लिए विजाग में शाई होप ने 123 रन की पारी में 10 चौके और तीन छक्के जड़े थे तो शेमरोन हेत्माएर ने सात छक्के और चार चौके लगाकर 94 रन बनाकर मैच को टाई कराया था।

भारतीय टीम के लिए विराट और रोहित पर ही रनों के लिए निर्भरता भारी पड़ सकती है ऐसे में धवन को अपने प्रदर्शन में व्यापक सुधार की जरूरत है। भारत के पास महेंद्र सिंह धोनी, युवा बल्लेबाज ऋषभ पंत के अलावा निचले क्रम में जडेजा और भुवनेश्वर जैसे खिलाड़ी भी अच्छे रन स्कोरर हैं।

वेस्टइंडीज को वहीं बराबरी के लिए होप और हेत्माएर से काफी उम्मीदें रहेंगी जो पिछले दो मैचों में टीम के शीर्ष स्कोरर रहे हैं लेकिन ओपनर कीरोन पावेल, जेसन होल्डर को भी बेहतर प्रदर्शन करना होगा जिन्होंने बल्ले से बहुत प्रभावित नहीं किया है। वहीं गेंदबाजी में एश्ले नर्स ओबेड मैककॉय अहम हैं।

 

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