Tata Sons: एन चंद्रशेखरन फिर बने चेयरमैन, 5 साल का कार्यकाल मंजूर
टाटा संस बोर्ड ने एन चंद्रशेखरन को टाटा समूह के अध्यक्ष के रूप में अगले 5 साल के कार्यकाल के लिए फिर से नियुक्त करने को मंजूरी दे दी है। चंद्रशेखरन फरवरी 2017 से टाटा संस के चेयरमैन पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अगस्त 2026 में चंद्रशेखरन ने घोषणा की थी कि वह अगला कार्यकाल नहीं लेंगे। ALSO READ: RBI ने बताए MDR के फायदे, लेकिन आम लोगों की जेब पर पड़ेगा कितना असर?
यह फैसला ऐसे समय आया है जब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से एनबीएफसी रजिस्ट्रेशन सरेंडर करने के आवेदन को खारिज किए जाने के बाद टाटा संस के शेयर बाजार में लिस्ट होने की संभावनाएं दोबारा बढ़ गई हैं।
गुरुवार को हुई तीन घंटे की बोर्ड बैठक में टाटा संस के भविष्य को लेकर दो अहम फैसले हुए। पहला, रिजर्व बैंक के निर्देशों का पालन करते हुए कंपनी को सार्वजनिक (गो पब्लिक) करने और बाजार में लिस्ट कराने की मंजूरी दी गई। दूसरा, कंपनी के मौजूदा चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के कार्यकाल को पांच साल के लिए बढ़ाने का प्रस्ताव पास किया गया।
नोएल टाटा को लगा झटका
इस बैठक में नेतृत्व और लिस्टिंग को लेकर सदस्यों के बीच सहमति बनाने की कोशिश हुई, लेकिन वोटिंग के दौरान टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा अल्पमत में रह गए और बोर्ड के अन्य निदेशकों ने चंद्रशेखरन के विस्तार और लिस्टिंग के पक्ष में मतदान किया।
2017 में टाटा संस के चेयरमैन बने चंद्रशेखरन टाटा संस के साथ ही टीसीएस, टाटा मोटर्स और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स जैसी प्रमुख कंपनियों की भी कमान संभाल रहे हैं। उनके कार्यकाल में टाटा ग्रुप का रेवेन्यू दोगुने से ज्यादा बढ़ा। ALSO READ: कच्चे तेल में आग लगने से पाकिस्तान का बुरा हाल! पेट्रोल बचाने के लिए लागू हो सकता है 'लॉकडाउन'
कौन हैं चंद्रशेखरन?
जून 1963 में तमिलनाडु के मोहनूर में जन्मे नटराजन चंद्रशेखरन ने रीजनल इंजीनियरिंग कॉलेज, त्रिची (तमिलनाडु) से कंप्यूटर एप्लीकेशंस में मास्टर्स डिग्री हासिल की। वे 1987 में टीसीएस में शामिल हुए। वे 2009 से टाटा संस के चेयरमैन बनने तक टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस (टीसीएस) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा प्रबंध निदेशक भी थे। उनके नेतृत्व में टीसीएस भारत में निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी नियोक्ता बनी और उसे आईटी सेवाओं में 2015 में विश्व का सबसे शक्तिशाली ब्रांड के रूप में रेटिंग हासिल हुई और उसे टॉप इम्प्लॉयर इंस्टीट्यूट द्वारा ग्लोबल टॉप इम्प्लॉयर के रूप में सम्मानित किया गया।
चंद्रशेखरन, भारतीय रिज़र्व बैंक के निदेशक मंडल में शामिल रहे हैं और उन्होंने अनेक देशों में व्यापार के विस्तार व व्यापारिक संबंधों में सुधार के लिए भारत सरकार की सहायता करने में सक्रिय भूमिका निभाई। वे इंडो-यूएस सीईओ फोरम के सदस्य होने के साथ ही ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, जापान तथा मलेशिया के लिए भारत की व्यावसायिक टास्कफोर्स का भी हिस्सा रहे हैं। उन्होने 2012-13 में भारत में आईटी सेवा फर्मों के लिए एपेक्स ट्रेड बॉडी नैस्कॉम के चेयरमैन के रूप में भी सेवाएं दी हैं।

