पल में मालामाल, पल में कंगाल, बेहद दिलचस्प है बिटकॉइन की कहानी...

नृपेंद्र गुप्ता| Last Updated: मंगलवार, 5 जनवरी 2021 (22:07 IST)
क्रिप्टोकरेंसी दुनिया भर में एक बार फिर निवेशकों की पहली पसंद बन गई है। 3 साल पहले तेजी की वजह चर्चा में आई इस क्रिप्टोकरेंसी एक साल में लोगों को मालामाल कर दिया है। फिलहाल एक बिटकॉइन की कीमत करीब 22.66 लाख रुपए चल रही है। हालांकि यह करेंसी जितनी तेजी से लोगों को अमीर बनाती है उतनी ही तेजी से कंगाल करने के लिए भी जानी जाती है। आइए जानते हैं बिटकॉइन और इसकी ट्रेडिंग से जुड़ी खास बातें...

क्या है बिटकॉइन : बिटकॉइन एक वर्चुअल करेंसी है जि‍सका इस्तेमाल वैश्वि︂क स्तर पर लेन-देन के लिए किया जा सकता है। कम्प्यूटर नेटवर्कों के जरिए इस मुद्रा से बिना किसी मध्‍यस्‍थता के लेन-देन किया जा सकता है। बताया जाता है कि 2008-09 में सतोषी नाकामोतो नामक एक सॉफ्टवेयर डेवलपर बिटकॉइन को प्रचलन में लाया था। सरल शब्दों में यह आपका डिजिटल पर्स होता है जिसमें आपकी बिटकॉइन रखी होती है जिसे आप किसी दूसरे के पर्स में सीधे डाल सकते हैं। इस करेंसी को क्रिप्टोकरेंसी भी कहा जाता है।

कैसे होती है बिटकॉइन में ट्रेडिंग : बिटकॉइन में ट्रेडिंग डिजिटल वॉलेट के जरिए होती है। इसकी कीमत दुनियाभर में एक समान रहती है और अन्य करेंसी की कीमतों की तरह ही इसमें भी उतार-चढ़ाव होता रहता है। यह डिजिटली कंट्रोल होने वाली करंसी है और इसकी ट्रेडिंग किसी भी समय की जा सकती है। किसी भी देश का नियंत्रण नहीं होने से इसकी कीमतों में भारी उतार चढ़ाव होता रहता है।

कितनी सुरक्षित बिटकॉइन : बिटकॉइन में सावधानी जरूरी है। इस पर रिजर्व बैंक जैसे नियामक का नियंत्रण नहीं है। बिटकॉइन को लेकर दिसंबर 2013 में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने चेतावनी जारी कर दी थी। इसमें अकाउंट हैक होने का खतरा भी रहता है। पासवर्ड अगर भूल गए तो आपको बड़ा नुकसान हो सकता है। पासवर्ड भूलने के बाद इसकी रिकवरी नहीं हो सकती है, ऐसे में बड़ा नुकसान हो सकता है।

भारत में नहीं है क्रिप्टोकरेंसी को मान्यता : भारत में अभी बिटकॉइन समेत किसी भी क्रिप्टोकरेंसी को कानूनी मान्यता नहीं मिली है। इसकी ट्रेडिंग में रिजर्व बैंक, सेबी समेत किसी भी भारतीय नियामक का कोई नियंत्रण नहीं है।

वेबसाइट हैक कर बिटकॉइन का मांगा था दान : जुलाई 2020 में अरबपति कारोबारी बिल गेट्स, एलनमस्क समेत दुनिया के कई बड़े कारोबारियों और नेताओं के ट्विटर अकाउंट हैक कर लिए गए थे। हैक किए गए अकाउंटों पर किए गए पोस्ट में बिटकॉइन में दान मांगा गया था। टेस्ला और स्पेस एक्स के प्रमुख एलन मस्क के अकाउंट से पोस्ट किए गए ट्वीट में भी कहा गया था कि अगले एक घंटे तक बिटकॉइन में भेजे गए पैसों को दोगुना करके वापस लौटाया जाएगा।

GST लगाना चाहती है सरकार : आयकर विभाग ने फरवरी 2018 में बिटकॉइन में अपना पैसा लगाने वाले ‘कुछ लाख’ लोगों को नोटिस भेजे थे। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने कहा था कि अब विभाग इस तरह के निवेश पर कर वसूली का प्रयास कर रहा है। हालांकि सरकार को इसमें निवेश करने वालों पर शिकंजा कसने में ज्यादा सफलता नहीं मिली। अब सरकार इस पर GST लगाने की तैयारी कर रही है।



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