ramcharitmanas

भारत की सबसे तेज मिसाइल कौन-सी है? जानिए इसकी ताकत, जिससे चीन और पाकिस्तान की बढ़ी चिंता

Updated: शुक्रवार, 3 जुलाई 2026 (16:22 IST)
भारत की सबसे तेज़ मिसाइलों को उनकी श्रेणी (Category) के आधार पर दो भागों में देखा जाता है, क्योंकि क्रूज़ मिसाइल और बैलिस्टिक मिसाइल दोनों की गति और तकनीक अलग होती है। इन मिसाइलों को अमेरिका और रशिया के एयर डिफेंस सिस्टम ही पकड़ सकते हैं बाकि किसी भी देश में इन्हें पकड़ने की क्षमता नहीं है। ब्रह्मोस ने ऑपरेशन सिंदूर में अपना दम बता ही दिया है जिसके चलते पूर्वी देशों के अलावा अरब देशों में भी इसकी मांग बढ़ गई है। पाकिस्तान और चीन के लिए यह बेहद ही चिंता का विषय है। 


भारत बना रहा है अग्नि-6, जिसका किसी के पास नहीं होगा तोड़:

अमेरिका में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक दिलचस्प वाकया हुआ था। अमेरिका के रक्षा विभाग (Pentagon) की ब्रीफिंग में एक पाकिस्तानी महिला पत्रकार (तंज़िला खलील) ने अमेरिकी रक्षा सचिव (Defense Secretary) पीट हेगसेथ (Pete Hegseth) से भारत की आगामी मिसाइल 'अग्नि-6' (Agni-VI) को लेकर सवाल पूछा था। पत्रकार ने भारत के लॉन्ग-रेंज मिसाइल प्रोग्राम, विशेषकर अग्नि-6 (Agni-VI) का ज़िक्र करते हुए अमेरिकी रक्षा सचिव को घेरने की कोशिश की। उन्होंने सवाल उठाया कि "भारत की अग्नि-6 मिसाइल की रेंज इतनी ज़्यादा (10,000+ किमी) है कि यह अमेरिका तक भी पहुँच सकती है, तो क्या अमेरिका इसे अपने लिए एक खतरे के रूप में देखता है?"
 
अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने इस सवाल पर पाकिस्तान को बिल्कुल भाव नहीं दिया। उन्होंने भारत और अमेरिका के बीच मजबूत होते रणनीतिक और रक्षा संबंधों (India-US Relations) का हवाला देते हुए इस चिंता को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने साफ किया कि भारत और अमेरिका वैश्विक सुरक्षा के लिए मिलकर काम कर रहे हैं और भारत का रक्षा कार्यक्रम उनके लिए कोई खतरा नहीं है।

 

1. सबसे तेज़ क्रूज़ मिसाइल: ब्रह्मोस (BrahMos)

अगर बात क्रूज़ मिसाइल (जो ज़मीन के समानांतर कम ऊंचाई पर उड़ती है) की हो, तो ब्रह्मोस भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया की सबसे तेज़ सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल है।
रफ़्तार: मैक 2.8 से 3.0 (यानी ध्वनि की गति से लगभग 3 गुना तेज़—करीब 3,400 से 3,700 किमी प्रति घंटा)।
खासियत: इसे थल, नभ और जल (पनडुब्बी और जहाज) कहीं से भी दागा जा सकता है। इसकी सटीक मारक क्षमता और रफ़्तार के कारण दुनिया का कोई भी एयर डिफेंस सिस्टम इसे आसानी से इंटरसेप्ट (रोक) नहीं पाता।
नोट: भारत और रूस मिलकर इसके अगले वर्ज़न ब्रह्मोस-II (BrahMos-II) पर काम कर रहे हैं, जो एक हाइपरसोनिक मिसाइल होगी और इसकी रफ़्तार मैक 7 से 8 (लगभग 9,800 किमी/घंटा) तक होने की उम्मीद है।
 

लॉन्ग-रेंज एंटी-शिप हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल (LR-AShM)

परिचय: यह भारत की पहली हाइपरसोनिक मिसाइल है, जो देश की रक्षा तकनीक में एक क्रांतिकारी मील का पत्थर है।
रफ़्तार और रेंज: यह मैक 10 की शुरुआती और मैक 5 (6,125 किमी/घंटा) की औसत रफ़्तार से 1,500 किमी दूर मौजूद दुश्मन के युद्धपोतों को तबाह कर सकती है।
तकनीक: यह पारंपरिक मिसाइलों की तरह नहीं चलती, बल्कि पानी पर तैरते पत्थर की तरह हवा में "स्किप" (Atmospheric Skips) करती है। इस अनप्रेडिक्टेबल रास्ते के कारण इसे रडार से ट्रैक करना या मार गिराना नामुमकिन है।
रणनीतिक महत्व: इसके आने से हिंद महासागर में भारत को "सी-डिनायल" (दुश्मन को रोकने) की ताकत मिलेगी। साथ ही, भारत हाइपरसोनिक क्षमता वाले रूस, चीन और अमेरिका जैसे चुनिंदा देशों के एलीट क्लब में शामिल हो गया है।
 

2. सबसे तेज़ बैलिस्टिक मिसाइल: अग्नि-5 (Agni-V)

अगर बात इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) की हो (जो अंतरिक्ष में जाकर वापस नीचे टारगेट पर हमला करती है), तो अग्नी-5 भारत की सबसे तेज़ मिसाइल है।
रफ़्तार: इसकी टॉप स्पीड मैक 24 तक पहुंच जाती है (यानी लगभग 29,400 किमी प्रति घंटा)।
खासियत: यह भारत की सबसे लंबी दूरी (5,000+ किलोमीटर) तक मार करने वाली परमाणु-सक्षम मिसाइल है, जो कश्मीर से कन्याकुमारी तक की दूरी महज 10 से 12 मिनट में तय कर सकती है।
संक्षेप में कहें तो: पैंतरेबाज़ी और अचूक निशाने (Tactical) के मामले में ब्रह्मोस सबसे तेज़ है, जबकि अंतरिक्षीय रफ़्तार और लंबी दूरी (Strategic) के मामले में अग्नि-5 सबसे आगे है।
लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें

Show comments

TVS iQube MillionR Edition लॉन्च, 145 किमी रेंज और Type-C चार्जिंग समेत मिलेंगे ये फीचर्स, हासिल किया 10 लाख यूनिट का आंकड़ा, कीमत जानेंगे तो हो जाएंगे हैरान

नेपाल में बाढ़ से तबाही तो दिल्ली में H1N1 का कहर, मामलों की संख्या 3000 के करीब

कांवड़ यात्रा पर दिग्विजय सिंह के बयान से गरमाई सियासत, भाजपा ने बताया सनातन का अपमान, माफी की मांग

चीनी कैमरे ने रिकॉर्ड की Nepal की तबाही का भयावह दृश्‍य, जिस जगह टूटा था ग्लेशियर, वहां पहुंचा चीनी हेलीकॉप्टर

तिब्बत में टूटा ग्लेशियर का 'थूथन', नेपाल में हाहाकार, 30 फीट ऊंची प्रलयंकारी बाढ़ का खौफनाक सच

सभी देखें

Ahmedabad Water Sewer Connection Online : अहमदाबादवासियों के लिए बड़ी राहत, पानी-सीवर कनेक्शन की पूरी प्रक्रिया अब ऑनलाइन, सरकारी दफ्तरों के चक्कर से मिलेगी मुक्ति

चित्रकूट में बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे सीएम डॉ. मोहन यादव, बांटी राहत सामग्री

Nepal Flood : फिर बढ़ा भोटेकोशी नदी का जलस्तर, मंडराया बाढ़ का खतरा, नेपाल बाढ़ की बड़ी बातें

Chitrakoot Flood : चित्रकूट में बाढ़ का कहर, 30 फीट ऊपर बह रही मंदाकिनी, रामघाट का 300 मीटर पुल बहा, MP समेत 26 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

CM का सख्त आदेश, 'तारीख पर तारीख' अब नहीं चलेगी, 5 साल पुराने राजस्व मामलों का होगा प्राथमिकता से निस्तारण

अगला लेख