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मजेदार बाल कविता : चिट्ठी पढ़...

Updated: बुधवार, 7 अक्टूबर 2020 (14:38 IST)
Kids Poem Hindi
बिट्टी पढ़ री बिट्टी पढ़,
आई गांव से चिट्ठी पढ़।
 
चिट्ठी आई पांव से,
नदी पार कर नाव से।
नहीं आगरा से आई,
न ही ये उन्नाव से। 
पूछ रहे हैं दादाजी,
क्या कुछ वहां हुआ गड़बड़।
 
चिट्ठी जब-जब आती है
बिट्टी ही पढ़ पाती है।
अजब लिखावट दादी की, 
वही समझ भर पाती है।
बिट्टी को चिट्ठी न दो,
तो वह पड़ती है लड़-लड़।
 
चिट्ठी में फरमाइश है,
दादा मोबाइल लाएं।
पहले बच्चों से सीखें,
फिर वे मुझको सिखलाएं।
कहतीं हैं सब सीखूंगी,
बुद्धि अभी नहीं हुई जड़।

(वेबदुनिया पर दिए किसी भी कंटेट के प्रकाशन के लिए लेखक/वेबदुनिया की अनुमति/स्वीकृति आवश्यक है, इसके बिना रचनाओं/लेखों का उपयोग वर्जित है...)
लेखक के बारे में
प्रभुदयाल श्रीवास्तव
12, शिवम सुंदरम नगर, छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश (Mo.-+919131442512).... और पढ़ें

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