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समर वेकेशन पर बाल गीत : आम का पना

Updated: गुरुवार, 7 मई 2020 (17:17 IST)
मीठा है खट्टा है, कुछ-कुछ नमकीन।
पी लो तो तबियत, हो जाए रंगीन।
आम का पना है यह, आम का पना।
 
चावल संग खाओ तो, बहुत मजा आता है।
गट-गट पी जाओ तो, पेट सुधर जाता है।
पापा तो पी जाते, पूरे कप तीन।
आम का पना है यह...
 
दादा को दादी को, कांच की गिलसिया में।
मैं तो भर लेता हूं, मिट्टी की चपिया में।
आधा पर मम्मी जी, लेती हैं छीन।
आम का पना है यह...। 
 
* गिलसिया- छोटा गिलास
* च पि या- मिट्टी का छोटा घड़ा

लेखक के बारे में
प्रभुदयाल श्रीवास्तव
12, शिवम सुंदरम नगर, छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश (Mo.-+919131442512).... और पढ़ें

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