0

रक्षा बंधन पर्व : जैन धर्म की नजर से..., जानिए मान्यता एवं कथा

बुधवार,अगस्त 10, 2022
0
1
lord parshvanath moksha kalyanak day इस वर्ष जैन पर्व मोक्ष सप्तमी 4 अगस्त 2022, गुरुवार को मनाया जा रहा है। यह दिन भगवान पार्श्वनाथ को समर्पित है। इस दिन जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ का मोक्ष कल्याणक दिवस मनाया जाएगा तथा उनके निर्वाण ...
1
2
भगवान आदिनाथ (Lord aadinath), जिन्हें ऋषभनाथ भी कहा जाता है वे जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर है। भगवान ऋषभनाथ का जन्म चैत्र कृष्ण नौवीं के दिन सूर्योदय के समय हुआ।
2
3
जैन धर्म के अनुसार अक्षय तृतीया (akshay tritiya) के दिन जैन धर्म के पहले तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव का प्रथम आहार हुआ था, उस दिन वैशाख शुक्ल तृतीया थी। god adinath worship
3
4
24th Tirthankar in Jainism जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर के जन्मदिवस को आज महावीर जयंती (Mahavir Janma Kalyanak) के नाम से जाना जाता है। जैन समाज द्वारा पूरे भारत में भगवान महावीर के जन्म उत्सव के रूप मे 'महावीर जयंती' (celebrates the ...
4
4
5
14 अप्रैल को भगवान महावीर स्वामी की जयंती (Mahveer Jayanti 2022) है। भगवान महावीर जैन धर्म के 24वें और अंतिम तीर्थंकर हैं। भगवान महावीर ने जैन धर्म के पंचशील सिद्धांत/ मंत्रों पर अधिक जोर दिया, वे सत्य, अहिंसा, अपरिग्रह, अस्तेय और ब्रह्मचर्य हैं।
5
6
महावीर मुक्तिपथ पर दृढ़ कदमों से बढ़े जा रहे थे। तभी पीछे से उन्हें एक करुण पुकार सुनाई दी। उनके कदम ठिठक गए। पीछे मुड़कर देखा तो एक दुर्बल ब्राह्मण लाठी के सहारे गिरता-पड़ता दौड़ा आ रहा था।
6
7
आज भी पूरी दुनिया के लिए भगवान महावीर स्वामी के उपदेश बहुत जरूरी है। अहिंसा का मार्ग अपना कर दुनिया को बचाया जा सकता है।
7
8
जब महारानी त्रिशला भी नगर में हो रही अद्‍भुत रत्नवर्षा के बारे में सोच रही थीं। यह सोचते-सोचते वे ही गहरी नींद में सो गई। उसी रात्रि को अंतिम प्रहर में महारानी ने आषाढ़ शुक्ल षष्ठी के दिन सोलह शुभ मंगलकारी स्वप्न देखे।
8
8
9
जैन धर्म में रोहिणी व्रत प्रतिमाह मनाया जाता है। मान्यतानुसार यह व्रत स्वास्थ्य, सुख और शांति देता है। इस व्रत के प्रभाव से आर्थिक समस्याओं से छुटकारा भी मिलता है। जैन पंचांग के अनुसार, 10 मार्च 2022, गुरुवार को रोहिणी व्रत (Rohini Vrat 2022) मनाया ...
9
10
जैन पंचांग के अनुसार, 10 फरवरी को रोहिणी व्रत (Rohini Vrat 2022) मनाया जा रहा है। यह व्रत प्रतिमाह मनाया जाता है। मान्यतानुसार रोहिणी व्रत अच्छा स्वास्थ्य, सुख और शांति देता है, इस व्रत के प्रभाव से आर्थिक समस्याओं से छुटकारा भी मिलता है।
10
11
पौष कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि को भगवान पार्श्वनाथ की जयंती मनाई जाती है। इस बार यह जयंती अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 29 दिसंबर 2021 बुधवार को मनाई जाएगी। जैन धर्म के 24 तीर्थंकर है। प्रथम ऋषभनाथ हैं तो अंतिम महावीर स्वामी। भगवान पार्श्वनाथ 23वें ...
11
12
Lord Mahavir Nirvana Day जहां कार्तिक कृष्ण अमावस्या के दिन हिन्दू धर्मावलंबी दीपावली पर्व मनाते हैं, वहीं जैन धर्म में भगवान महावीर स्वामी का निर्वाण दिवस मनाया जाता है। इसी दिन भगवान महावीर स्वामी को मोक्ष की प्राप्ति हुई थी। प्रतिवर्ष दीपावली के ...
12
13
mahavir life story दीपावली के दिन भगवान महावीर स्वामी का निर्वाणोत्सव मनाया जाता है। यहां पढ़ें उनके जीवन के 5 प्रेरणादायी कथाएं...
13
14
मुनि विद्यासागर जी महाराज एक प्रख्यात दिगंबर जैन आचार्य हैं। वे जैन धर्म के तपस्वी, अहिंसा, करुणा, दया के प्रणेता और प्रखर कवि सं‍त शिरोमणि हैं।
14
15
क्षमावणी पर्व या 'क्षमा दिवस' दिगंबर जैन धर्मावलंबियों द्वारा मनाया जाने वाला एक खास पर्व है। इसे क्षमावाणी, क्षमावानी या क्षमा पर्व भी कहते हैं। दिगंबर अनुयायियों द्वारा यह पर्व आश्विन मास कृष्ण पक्ष की एकम के दिन मनाया जाता हैं। इस वर्ष यह पर्व 21 ...
15
16
भगवान महावीर के अनुसार 'क्षमा वीरों का आभूषण है'। क्षमा मांगने से अहंकार ढलता और गलता है, तो क्षमा करने से सुसंस्कार पलता और चलता है। पर्युषण पर्व आदान-प्रदान का पर्व है
16
17
10 सितंबर से दिगंबर जैन समाज के दशलक्षण महापर्व शुरू हो गए हैं। इस पर्व के अंतर्गत गुरुवार, 16 सितंबर 2021 को सुगंध/धूप दशमी पर्व मनाया जाएगा। इस दिन धूप खेवन का पर्व मनाया जाएगा। प्रतिवर्ष जैन धर्म में भाद्रपद शुक्‍ल दशमी को सुगंध दशमी का पर्व ...
17
18
पर्युषण का अर्थ है परि यानी चारों ओर से, उषण यानी धर्म की आराधना। श्वेतांबर और दिगंबर समाज के पर्युषण पर्व भाद्रपद मास में मनाए जाते हैं। श्वेतांबर के व्रत समाप्त होने के बाद दिगंबर समाज के व्रत प्रारंभ होते हैं। 3 से 10 सितंबर तक श्वेतांबर और 10 ...
18
19
इस वर्ष 10 सितंबर 2021 से जहां दिगंबर जैन समुदाय के पर्युषण महापर्व की शुरुआत होगी, वहीं श्वेतांबर जैन समुदाय संवत्सरी पर्व पर्व मनाएंगे। पंचांग तिथि के हिसाब से यह पर्व एक दिन आगे-पीछे हो सकता है।
19