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भगवान शांतिनाथ की जयंती और मोक्ष कल्याणक दिवस, जानिए रोचक बातें

मंगलवार,मई 16, 2023
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Sri Taran Swami : संत तारण तरण स्वामी ने तारण पंथ की स्थापना की, जो जैन धर्म के अंतर्गत एक अलग धारा के रूप में जानी जा‍ती है। जहां मूर्ति की नहीं बल्कि ग्रंथों की पूजा की जाती है, जिसे ज्ञान के उपासक कहा जाता है। निसईजी तारण समाज के लिए बहुत ...
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Kaivalya gyan:भगवान महावीर ने 12 साल तक मौन तपस्या तथा गहन ध्‍यान किया। अन्त में उन्हें 'कैवल्य ज्ञान' प्राप्त हुआ। कैवल्य ज्ञान प्राप्त होने के बाद भगवान महावीर ने जनकल्याण के लिए शिक्षा देना शुरू की। अर्धमगधी भाषा में वे प्रवचन करने लगे, क्योंकि ...
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जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी जैन धर्म के संस्थापक नहीं प्रतिपादक थे। उन्होंने श्रमण संघ की परंपरा को एक व्यवस्थित रूप दिया। उन्होंने 'कैवल्य ज्ञान' की जिस ऊंचाई को छुआ था वह अतुलनीय है। उनके उपदेश हमारे जीवन में किसी भी तरह के ...
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celebrates the birth of Mahavira : पूरे भारत में जैन समाज द्वारा भगवान महावीर के जन्म उत्सव के रूप मे 'महावीर जयंती' मनाई जाती है। जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर के जन्मदिवस को महावीर जयंती के नाम से ही जाना जाता है। Mahavir Janma Kalyanak
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Mahveer Jayanti 2023 : भगवान महावीर जैन धर्म के 24वें और अंतिम तीर्थंकर हैं। भगवान महावीर ने जैन धर्म के पंचशील सिद्धांत तथा मंत्रों पर अधिक जोर दिया, वे सत्य, अहिंसा, अपरिग्रह, अस्तेय और ब्रह्मचर्य हैं। इस वर्ष 3 अप्रैल, सोमवार को भगवान महावीर ...
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जयपुर। श्री सम्मेद शिखरजी को पर्यटन स्थल घोषित करने के झारखंड सरकार के फैसले के खिलाफ अनशन कर रहे एक और जैन मुनि का शुक्रवार को जयपुर में निधन हो गया। राजस्थान जैन सभा के अध्यक्ष सुभाषचन्द्र जैन ने बताया कि समर्थ सागरजी (74) 5 दिन से अनशन पर थे और ...
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झारखंड सरकार ने जैन धर्म के सबसे बड़े तीर्थ क्षेत्र सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल घोषित कर दिया है। सबसे पहले तो यह समझना होगा कि किसी भी तीर्थ क्षेत्र को पर्यटन स्थल क्यों घोषित किया जाता है और इसे पर्यटन क्षेत्र बनाने से क्या होगा? इसके लिए एक उदाहरण ...
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जैन धर्म का पवित्र तीर्थ स्थल श्री सम्मेद शिखरजी को झारखंड सरकार ने पर्यटन स्थल बनाने की घोषणा की थी। जैन समाज नहीं चाहता है कि इस तपोभूमि को पर्यटन स्थल बनाया जाए। जैन धर्म के अनुयायी चाहते हैं कि इसकी प्राकृतिकता बनी रहे क्योंकि यहां से करोड़ों ...
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हाल ही में जैन धर्म के पवित्र तीर्थ क्षेत्र सम्मेद शिखरजी को झारखंड सरकार ने पर्यटन स्थल बनाने की घोषणा की थी जिसके चलते यह जैन समाज के लोगों ने इसका घोर विरोध किया और अंतत: सरकार को कदम पीछे खींचने पड़े। जैन धर्म के अनुयायी चाहते हैं कि इसकी ...
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Lord mahavir : इस बार भगवान महावीर स्वामी का निर्वाणोत्सव 25 अक्टूबर 2022 को मनाया जाएगा। प्रतिवर्ष जहां कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या के दिन हिन्दू धर्मावलंबी दीपावली पर्व मनाते हैं, वहीं जैन धर्म में भगवान महावीर स्वामी का निर्वाण दिवस ...
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Vidyasagar ji : जैन आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज जन्मदिवस प्रतिवर्ष शरद पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। आचार्य श्री विद्यासागर जी मन से जल की तरह निर्मल, प्रसन्न और हमेशा मुस्कराते रहते हैं। वे अपनी तपस्या की अग्नि में कर्मों की निर्जरा के लिए हर ...
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Jain forgiveness day 2022 :पयुर्षण या दशलक्षण पर्व जैन धर्म में बहुत महत्व का माना गया है। इस महापर्व के समापन पर क्षमावाणी पर्व मनाया जाता है। यह हमें अपने अहंकार को दूर रखकर धर्म के मार्ग पर चलते हुए सभी को माफ करने और सभी से माफी मांगने की सीख ...
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31 अगस्त से दिगंबर जैन समाज के दशलक्षण महापर्व शुरू हो गए हैं। इस पर्व के अंतर्गत आज सुगंध/ धूप दशमी पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन धूप खेवन जिनेंद्र देव के समक्ष धूप अर्पित करके यह पर्व मनाया जाता है। आज के दिन सभी जैन मंदिरों में दर्शनार्थियों की ...
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संवत्सरी पर्व (samvatsari parv) यानी क्षमावाणी पर्व पर 'मिच्छामी दुक्कड़म्' (Michhami Dukkadam) कहकर सभी से क्षमा मांगी जाती है। उसके बाद दिगंबर संप्रदाय वाले 10 दिन तक पर्युषण मनाते हैं। उन्हें वे 'दसलक्षण' के नाम से भी संबोधित करते हैं। jain ...
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Samvatsari Parv :श्वेतांबर जैन धर्म के पर्युषण पर्व के समापन पर 'मिच्छामी दुक्कड़म्' का खास अवसर आ रहा है। इस दिन जैन धर्मावलंबी भगवान महावीर की पूजा-अर्चना करके उनके द्वारा मानव जीवन के कल्याण के लिए समझाए गए महत्व और उपदेशों को अपने आचरण में ...
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31 अगस्त को श्वेतांबर जैन समुदाय का खास पर्व है। यह पर्व संवत्सरी महापर्व के रूप में मनाया जाता है, इस दिन मिच्छामी दुक्कड़म् कहने का विशेष महत्व है। 'मिच्छामी दुक्कड़म्' प्राकृत भाषा का एक शब्द है। जिसमें मिच्छामी का अर्थ क्षमा और दुक्कड़म का अर्थ ...
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paryushan parv 2022 पर्युषण महापर्व संपूर्ण मानव जाति की आत्मशुद्धि का महायज्ञ है। आम मनुष्य की भाषा में पर्युषण के दो अर्थ हैं, पहला जैन तीर्थंकरों की सेवा-पूजा, स्मरण और दूसरा कठिन व्रतों के माध्यम से शारीरिक, मानसिक एवं वाचिक तप में स्वयं को पूरी ...
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The festival of Jainism इन दिनों श्वेतांबर जैन समुदाय के पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व चल रहे हैं। इसका समापन जहां 31 अगस्त 2022 को होगा, वहीं 31 अगस्त से दिगंबर जैन धर्मबंधु दसलक्षण महापर्व यानी पर्वाधिराज पर्युषण मनाएंगे। आइए जानते हैं कब से कब तक मन ...
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Mahavir Janma Vanchan Mahotsav : पर्वाधिराज पयुर्षण तप और त्याग का पर्व है। यह भगवान महावीर स्वामी के सिद्धांतों और अहिंसा के मार्ग पर चलकर आत्मा की अज्ञानता दूर करने का पर्व है तथा यही सच्चा धर्म भी है। पयुर्षण पर्व के दौरान आठ कर्मों का जलाकर तथा ...
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