शनिवार, 11 अप्रैल 2026
  1. समाचार
  2. टेक्नोलॉजी
  3. आईटी न्यूज़
  4. meta whatsapp supreme court nclat cci privacy policy data sharing consent case india
Last Updated :नई दिल्ली , सोमवार, 23 फ़रवरी 2026 (20:16 IST)

WhatsApp Data Privacy Case: सुप्रीम कोर्ट में Meta का हलफनामा, जानिए अब यूजर्स के डेटा और विज्ञापन शेयरिंग पर क्या बदलेंगे नियम

WhatsApp Meta
Meta और WhatsApp ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) के आदेश का पालन करने का भरोसा दिया। यह आदेश भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) द्वारा तय की गई प्राइवेसी और यूज़र कंसेंट से जुड़ी सुरक्षा शर्तों के विस्तार से संबंधित है।
 
इसका सीधा अर्थ है कि अब यूजर्स को अपने डेटा शेयरिंग को लेकर अधिक नियंत्रण और स्पष्ट विकल्प (Opt-in/Opt-out) मिलेंगे। सुप्रीम कोर्ट में Meta की अपील और CCI की क्रॉस-अपील अभी लंबित है। कंपनियों ने कहा कि वे 16 मार्च तक NCLAT के निर्देशों का पालन करेंगी।
 
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत को बताया कि एक शपथपत्र दाखिल किया गया है, जिसमें यह स्पष्ट किया गया है कि कौन-सा डेटा साझा किया जाता है और कौन-सा नहीं।
 
 कोर्ट ने कंपनियों के बयान को रिकॉर्ड पर लिया और अनुपालन हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।

 

क्या है पूरा मामला?

 
नवंबर 2025 में NCLAT ने CCI द्वारा व्हाट्सऐप की 2021 की प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर लगाए गए 213.14 करोड़ रुपये के जुर्माने को बरकरार रखा था। ट्रिब्यूनल ने माना था कि व्हाट्सऐप ने यूजर्स पर अनुचित शर्तें थोपीं और क्रॉस-प्लेटफॉर्म डेटा शेयरिंग से Meta को ऑनलाइन विज्ञापन में अनुचित लाभ मिला।
 
हालांकि, NCLAT ने पांच साल तक विज्ञापन के लिए डेटा शेयरिंग पर रोक लगाने के आदेश को रद्द कर दिया। उसने कहा कि यदि यूजर्स को स्पष्ट और वापस लेने योग्य सहमति (Revocable Consent) दी जाती है तो पूर्ण प्रतिबंध उचित नहीं है।
बाद में CCI ने स्पष्टता की मांग की, जिस पर 15 दिसंबर को NCLAT ने कहा कि सभी गैर-व्हाट्सऐप उद्देश्यों, जिनमें विज्ञापन भी शामिल है, के लिए डेटा संग्रह और साझा करने पर यह सुरक्षा निर्देश लागू होंगे।  Edited by : Sudhir Sharma
ये भी पढ़ें
Donald Trump की धमकियों के बीच ईरानियों के फोन पर आया रहस्यमयी SMS