sundarkand

रूस से तनाव के बीच अमेरिका ने निगरानी विमान यूक्रेन भेजा

Updated: शुक्रवार, 7 दिसंबर 2018 (10:27 IST)
वॉशिंगटन। अमेरिका ने रूस के खिलाफ यूक्रेन के प्रति समर्थन दिखाने के लिए एक निगरानी विमान कीव भेजा है। अमेरिका ने यह कदम हाल ही में अजोव सागर में रूस की ओर से यूक्रेन के तीन नौसैन्य पोतों पर कब्जे और 24 नाविकों को हिरासत में लेने के बाद उठाया है।


अमेरिकी अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी है। पिछले महीने 25 नवंबर को हुई इस घटना के चलते 2014 में शुरू हुए क्रीमिया संकट के बाद पहली बार रूस और यूक्रेन आमने-सामने आ गए थे।

पेंटागन की ओर से जारी बयान में कहा गया है, अमेरिका और उसके सहयोगियों के एक विमान ने आज मुक्त आकाश संधि (ओपन स्काइज ट्रीटी) के तहत एक असाधारण उड़ान भरी, जिसका मकसद यूक्रेन और दूसरे साथी देशों से किए गए वादों को निभाना था।

इसने कहा कि यूक्रेन की सेना ने इस उड़ान के लिए अनुरोध किया था जिसके लिए ओसी-135 विमान भेजा गया। अमेरिका, कनाडा, जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन, रोमानिया और यूक्रेन इसकी निगरानी कर रहे थे।

पेंटागन ने कहा कि काला सागर में कर्च स्ट्रेट के नजदीक रूस का यूक्रेनी पोतों पर बेवजह हमला उकसावे को बढ़ावा देने वाली गतिविधि है।

Show comments

बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की ऐतिहासिक जीत, बोले- मेरे विधायक बनने से बांकीपुर बेंगलुरू नहीं बन जाएगा

विदेश में पढ़ाई के खर्चे पर अभिजीत दीपके ने बताया सच, कहा अब लोन चुकाना है

दतिया उपचुनाव में भाजपा की हार का ठीकरा किसके सिर फूटेगा?

लिव-इन पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, शादी जैसा रिश्ता है तो महिला पार्टनर को पत्नी जैसा हक

ड्रैगन का 'परमाणु सीक्रेट' बेनकाब! सच निकला अमेरिका का दावा, भारत के लिए भी खतरे की घं

सभी देखें

ट्रम्प के 'शांति समझौते' के दावे पर ईरान का पलटवार, कहा- नहीं हो रही कोई बातचीत

ड्रैगन का 'परमाणु सीक्रेट' बेनकाब! सच निकला अमेरिका का दावा, भारत के लिए भी खतरे की घं

उत्तर-पूर्व भारत में बाढ़ का खतरा, यूपी-दिल्ली से राजस्थान तक जानें मौसम का हाल

लिव-इन पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, शादी जैसा रिश्ता है तो महिला पार्टनर को पत्नी जैसा हक

अगला लेख