शिया प्रदर्शन मुद्दे पर सउदी अरब ने ईरान से संबंध खत्म किए

Last Updated: सोमवार, 4 जनवरी 2016 (14:35 IST)
हमें फॉलो करें
रियाद। एक शिया धर्मगुरु को सउदी अरब द्वारा मृत्युदंड दिए जाने के विरोध में प्रदर्शनकारियों द्वारा तेहरान स्थित उसके दूतावास पर हमला करने के बाद सउदी अरब ने ईरान के साथ अपने राजनयिक संबंध समाप्त करने की घोषणा की है। सउदी अरब के विदेश मंत्री अबेल अल जुबरी ने यह जानकारी दी। उन्होंने यह भी कहा कि सभी ईरानी दूत 48 घंटों के भीतर सउदी अरब से चले जाएं।
उन्होंने रविवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि 'सउदी अरब 'ईरान के साथ राजनयिक संबंध तोड़ रहा है और ईरानी राजनयिक मिशन के सभी सदस्यों से 48 घंटों के भीतर चले जाने का अनुरोध करता है।' लोगों की एक भीड़ ने सउदी अरब के शेख निम्र अल निम्र को मृत्युदंड के विरोध के बीच तेहरान में सउदी दूतावास और मशहाद में वाणिज्य दूतावास पर हमला किया।
 
56 वर्षीय अल निम्र वर्ष 2011 में सउदी अरब में सरकार विरोधी आंदोलनों के प्रमुख नेता रहे। वह उन 47 लोगों में शामिल थे जिन्हें गत शनिवार को सउदी अरब में मृत्युदंड दिया गया। जिन अन्य लोगों को फांसी दी गई वे शिया और सुन्नी कार्यकर्ता थे जिनके बारे में सउदी गृह मंत्रालय का कहना है कि वे अल कायदा के हमलों में शामिल थे। इनमें से कुछ के सिर कलम कर दिए गए और अन्य को गोली मारी गई।
 
ईरान ने दूतावास पर हमले के मामले में 44 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस हमले को राष्ट्रपति हसन रूहानी ने 'सरासर अनुचित' बताया है। लेकिन ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनी ने अल निम्र को मौत की सजा दिए जाने की निंदा करते हुए कहा कि अल निम्र को मौत की सजा देने के कारण 'अल्लाह सउदी अरब को माफ नहीं करेगा।' जुबीन ने रविवार को कहा था, 'ईरान का इतिहास अरब मामलों में नकारात्मक हस्तक्षेपों से और शत्रुता से भरा पड़ा है और ऐसा करने के साथ ही विध्वंसकारी घटनाएं भी होती हैं।' दोनों देश कई मामलों पर टकराव की स्थिति में हैं। सीरिया और यमन के बीच युद्ध में सउदी नीत गठबंधन ईरान समर्थित विद्रोहियों के खिलाफ लड़ रहा है। ईरान संकटग्रस्त राष्ट्रपति बशर अल असद की सत्ता के पक्ष में है। (वार्ता) 



और भी पढ़ें :