dharma sangrah

अब जबरदस्‍ती नहीं कर पाएंगे किन्‍नर, इंदौर में कपड़ा व्‍यापारियों ने तय किया त्‍योहारों का नेग

Updated: शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 (13:39 IST)
इंदौर में किन्‍नर समुदाय के सदस्‍यों द्वारा अक्‍सर जबरन और मनमानी वसूली करने के मामले सामने आते रहे हैं। इसे लेकर कई बार शिकायतें भी कीं गई, लेकिन प्रशासनिक स्‍तर पर कुछ नहीं हो सका। अब त्‍योहारों के दिनों में नेग वसूली को लेकर किन्‍न्‍रों की टोलियां घरों में दस्‍त्‍कें देना शुरू कर देगी।

ऐसे में इंदौर के कपड़ा व्यापारियों ने नया फैसला लिया है।  कपड़ा व्यापारियों ने अब नेग अथवा दान राशि फिक्स कर दी है। इस रक्षाबंधन पर क्लॉथ मार्केट एसोसिएशन द्वारा किन्नरों को प्रति दुकान सिर्फ 200 रुपए ही दिए जाएंगे। इससे ज्‍यादा नेग नहीं दिया जाएगा।

बता दें कि दीवाली, रक्षाबंधन और अन्‍य त्‍योहारों पर हर साल किन्‍नर लोगों से जबरिया वसूली करते हैं। नेग व दान राशि के रूप में वे 1 हजार से लेकर ढाई हजार रुपए तक मांग करते हैं। कई बार इस वजह से बाजार में दुकानदारों और किन्नरों के बीच विवाद की स्थिति बनती है। इन हालातों में पिछले साल ही नंदलालपुरा के दोनों किन्नर समूहों व इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन के बीच आपसी सहमति बनी थी। ऐसे में कपड़ा व्‍यापारियों ने यह फैसला किया है।

रक्षाबंधन पर 200 रुपए प्रति दुकान : बता दें कि रक्षाबंधन एवं होली पर प्रति दुकान 200 रुपए व दीपावली पर 500 नेग राशि निर्धारित की गई थी, इस साल फिर किन्नरों के द्वारा अधिक राशि की मांग के चलते संगठन ने किन्नरों को पिछले साल बनी सहमति याद दिलाते हुए सभी व्यापारियों से नंदलालपुरा के दोनों किन्नर समूह के लोगों को 200 प्रति दुकान रक्षाबंधन पर देने का फैसला किया है।

गारमेंट्स एसोसिएशन के सदस्‍यों और पदाधिकारियों का कहना है कि रक्षाबंधन, होली व दीपावली जैसे प्रमुख त्योहारों के मद्देनज़र इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन (IRGA) ने शहर के व्यापारी बंधुओं से अपील की है कि किन्नर समुदाय के साथ पूर्व में हुए आपसी समन्वय का सम्मान करते हुए निर्धारित नेग राशि ही प्रदान करें, जिससे बाजार में सौहार्दपूर्ण एवं शांतिपूर्ण वातावरण बना रहे।

क्‍या कहता है कोर्ट : बता दें कि किन्‍नरों के नेग मांगने के मामले में एक याचिका भी लगाई गई थी। याचिका की सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने 28 जून 2026 को दिए एक अहम फैसले में कहा था कि किन्नर समुदाय को मांगलिक अवसरों पर जबरन 'नेग' या 'बधाई' वसूली का कानूनी अधिकार नहीं है। अदालत ने इसे भारतीय न्याय संहिता के तहत आपराधिक कृत्य बताया है।

Show comments

Deepfake पर सरकार का बड़ा एक्शन, AI कंटेंट पर लेबल जरूरी, गैरकानूनी सामग्री अब 3 घंटे में हटानी होगी, नए नियम जान लें वरना पछताएंगे

छोटे बेटे अबान की मौत के बाद क्या सामने आएगी शाइस्ता? 2023 से फरार है माफिया अतीक अहमद की पत्नी

AI फीचर्स वाला E3 Electric Trion इलेक्ट्रिक स्कूटर मचा देगा तहलका, 165km तक की रेंज, 8 साल की बैटरी वारंटी, कीमत जानेंगे तो हो जाएंगे हैरान

Redmi का बड़ा धमाका, लांच किया सस्ता स्मार्टफोन, 8,000mAh बैटरी और 50MP कैमरा

ATF में इथेनॉल मिलाएगी सरकार! केजरीवाल के दावे पर क्या बोले उड्डयन मंत्री किंजरापु?

सभी देखें

असम बाढ़ पीड़ितों के लिए हेमंत सोरेन का बड़ा ऐलान, झारखंड सरकार देगी 3 करोड़ रुपए की मदद

कई राज्यों में आफत की बारिश और बाढ़ का अलर्ट, जानें आपके राज्य का हाल

राहुल गांधी ने अपनी डॉग नूरी के साथ शेयर किया वीडियो, कहा, मां देखेगीं तो नाराज होंगी, लेकिन मैनेज कर लेंगे

सावन में जरूर करें चमोली के प्राचीन श्री गोपीनाथ मंदिर के दर्शन, CM धामी की श्रद्धालुओं से अपील

कर्मचारियों-अधिकारियों ने किया मुख्यमंत्री का अभिनंदन, सीएम डॉ. मोहन बोले- आपके खिले चेहरे देखकर आनंद आता है

अगला लेख