इंदौर में 'गोरिल्ला' बना ट्रैफिक हवलदार, नियम तोड़ने वालों को पढ़ाया सड़क पर चलने का पाठ
इंदौर के बदहाल होते ट्रैफिक को सुधारने के लिए पुलिस तरह तरह के तरीके अपना रही है। हाल ही में शहर के चौराहों पर एक गोरिल्ला ट्रैफिक कंट्रोल करता नजर आया। दरअसल, इंदौर पुलिस ने एक अनोखा प्रयोग किया है। यहां गोरिल्ला की पोशाक पहने व्यक्ति ने सड़क पर उतरकर यातायात संभाला और वाहन चालकों को नियमों का पालन करने का संदेश दिया। अचानक गोरिल्ला को ट्रैफिक संभालते देख राहगीरों और वाहन चालकों का ध्यान उसकी ओर आकर्षित हुआ।
रॉन्ग साइड वाहन रोके: गोरिल्ला ने रॉन्ग साइड से आने वाले वाहन चालकों को रोककर उन्हें सही दिशा में चलने का इशारा किया। जेब्रा क्रॉसिंग पर वाहन खड़े करने वालों को भी पीछे कराया गया। लोगों को समझाया गया कि जेब्रा क्रॉसिंग पैदल यात्रियों के सुरक्षित सड़क पार करने के लिए है, वाहनों को रोकने या पार्क करने के लिए नहीं।
अभियान के दौरान कई वाहन चालक अपने वाहन स्टॉप लाइन के पीछे करते नजर आए। दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट और कार चालकों को सीट बेल्ट लगाने के लिए भी जागरूक किया गया।
पैदल यात्रियों की भी मदद : गोरिल्ला ने केवल वाहन चालकों को नियमों का संदेश नहीं दिया, बल्कि बुजुर्गों और पैदल यात्रियों को सड़क पार कराने में भी मदद की। इस दौरान उसने यातायात संचालन में पुलिस का सहयोग किया। अभियान में यातायात पुलिस के अधिकारी और एनसीसी कैडेट्स भी मौजूद रहे। पुलिस ने इस गतिविधि के माध्यम से लोगों तक सुरक्षा का संदेश मनोरंजक और प्रभावी तरीके से पहुंचाने का प्रयास किया।
मुझ में ट्रैफिक सेंस तो आपमें क्यों नहीं : इस अनोखे अभियान का संदेश था- मैं तो जानवर हूं, फिर भी मुझे ट्रैफिक सेंस है। तुम तो इंसान हो। ट्रैफिक नियम तोड़ोगे तो चोट लग सकती है, जान जा सकती है। जब मैं नियम समझ सकता हूं, तो तुम क्यों नहीं समझते? पलासिया चौराहे का यह अनोखा अभियान और गोरिल्ला का वीडियो सोशल मीडिया पर भी चर्चा में है।
अभियान के दौरान कई वाहन चालक अपने वाहन स्टॉप लाइन के पीछे करते नजर आए। दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट और कार चालकों को सीट बेल्ट लगाने के लिए भी जागरूक किया गया।
पैदल यात्रियों की भी मदद : गोरिल्ला ने केवल वाहन चालकों को नियमों का संदेश नहीं दिया, बल्कि बुजुर्गों और पैदल यात्रियों को सड़क पार कराने में भी मदद की। इस दौरान उसने यातायात संचालन में पुलिस का सहयोग किया। अभियान में यातायात पुलिस के अधिकारी और एनसीसी कैडेट्स भी मौजूद रहे। पुलिस ने इस गतिविधि के माध्यम से लोगों तक सुरक्षा का संदेश मनोरंजक और प्रभावी तरीके से पहुंचाने का प्रयास किया।
मुझ में ट्रैफिक सेंस तो आपमें क्यों नहीं : इस अनोखे अभियान का संदेश था- मैं तो जानवर हूं, फिर भी मुझे ट्रैफिक सेंस है। तुम तो इंसान हो। ट्रैफिक नियम तोड़ोगे तो चोट लग सकती है, जान जा सकती है। जब मैं नियम समझ सकता हूं, तो तुम क्यों नहीं समझते? पलासिया चौराहे का यह अनोखा अभियान और गोरिल्ला का वीडियो सोशल मीडिया पर भी चर्चा में है।

