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Vishwakarma Jayanti Muhurat 2019 : विश्वकर्मा जयंती आज, इस समय पर भूलकर भी न करें पूजा

सोमवार,सितम्बर 16, 2019
vishwakarma day
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भगवान विश्वकर्मा को निर्माण और सृजन का देवता माना जाता है, उन्हें दुनिया का सबसे पहला इंजीनियर भी कहा जाता है। अगर इस ...
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धन-धान्य और सुख-समृद्धि के लिए भगवान विश्वकर्मा की पूजा करना आवश्यक और मंगलदायी है। आइए जानें राशि अनुसार विश्वकर्मा ...
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भगवान विश्वकर्मा पूजा का त्योहार 17 सितंबर 2019 मंगलवार को मनाया जाएगा। इस दिन भगवान विश्वकर्मा का जन्म हुआ था।
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हमारे पितृ या पूर्वज कई प्रकार के होते हैं। उनमें से बहुतों ने तो दूसरा जन्म ले लिया और बहुतों ने पितृलोक में स्थान ...
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विश्वकर्मा एक महान ऋषि और ब्रह्ममानी थे। ऋग्वेद में उनका उल्लेख मिलता है। कहते हैं कि उन्होंने ही देवताओं की घर, नगर, ...
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गणेशोत्सव की समाप्ति के बाद अंगारकी चतुर्थी 17 सितंबर 2019, मंगलवार को मनाई जा रही है।
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हमारे पितृ या पूर्वज कई प्रकार के होते हैं। उनमें से बहुतों ने तो दूसरा जन्म ले लिया और बहुतों ने पितृलोक में स्थान ...
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भगवान विश्वकर्मा की कृपा पाने के लिए उनके 108 नामों का पाठ करना बहुत लाभदायी होता है। आइए पढ़ें श्री भगवान विश्वकर्मा ...
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हमारे पितृ या पूर्वज कई प्रकार के होते हैं। उनमें से बहुतों ने तो दूसरा जन्म ले लिया और बहुतों ने पितृलोक में स्थान ...
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विश्वकर्मा जयंती 17 सितंबर 2019 को मनाई जाएगी। भगवान विश्वकर्मा का जन्म आश्विन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि को हुआ था। ...
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श्री भगवान विश्वकर्मा चालीसा- भगवान विश्वकर्मा का चालीसा। श्री विश्वकर्म प्रभु वन्दऊं, चरणकमल धरिध्यान। श्री, शुभ, बल ...
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भगवान विश्वकर्मा जी की आरती। ॐ जय श्री विश्वकर्मा प्रभु जय श्री विश्वकर्मा। सकल सृष्टि के कर्ता रक्षक श्रुति धर्मा ॥ ...
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देवी श्रीलक्ष्मी की कृपा के बगैर धन प्राप्त नहीं किया जा सकता। श्राद्ध पक्ष में अष्टमी का दिन गजलक्ष्मी व्रत को समर्पित ...
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पितर प्रसन्न तो सभी देवता प्रसन्न, श्राद्ध से बढ़कर और कोई कल्याणकारी कार्य नहीं है और वंशवृद्धि के लिए तो पितरों की ...
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श्राद्ध में ब्राह्मण भोजन तथा पंचबलि कर्म किया जाता है। पंचबलि में गाय, कुत्ता और कौवा के साथ 5 स्थानों पर भोजन रखा ...
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बगैर संकल्प के किए गए देव कार्य या पितृ कार्य सर्वथा व्यर्थ हैं। संकल्प इस प्रकार किया जाता है...
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पिता के श्राद्ध का अधिकार उसके बड़े पुत्र को है लेकिन यदि जिसके पुत्र न हो तो उसके सगे भाई या उनके पुत्र श्राद्ध कर ...
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निम्न मंत्रों के प्रयोग से कार्य की पूर्णता हो सकती है। 1. ॐ कुलदेवतायै नम: (21 बार) । 2. ॐ कुलदैव्यै नम: (21 ...
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ग्रंथों में अश्विन मास के कृष्ण पक्ष को ही श्राद्ध पक्ष माना गया है जो विशेष रूप से पितरों को सम्मानित करने के लिए ...
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