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श्रीराम को प्रिय हैं ये 5 तरह के भोग और ये है खास पंजीरी प्रसाद

शुक्रवार,अप्रैल 16, 2021
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नवरात्रि में पांचवें दिन इस देवी की पूजा-अर्चना की जाती है। कहते हैं कि इनकी कृपा से मूढ़ भी ज्ञानी हो जाता है।
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केरल में यूं तो बहुत से राम मंदिर है, परंतु वहां पर त्रिप्रायर श्रीरामा मंदिर काफी प्रसिद्ध है। आओ जानते हैं इस संबंध में संक्षिप्त जानकारी।
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स्कंद कुमार कार्तिकेय की माता देवी स्कंदमाता की उपासना नवरात्रि के पांचवें दिन की जाती है। आइए पढ़ें आरती...
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इस दिन का महत्व इतना ज्यादा है कि लोग नये घर, दुकान या प्रतिष्ठान में नवमी के दिन ही पूजा-अर्चना कर प्रवेश करते हैं... इस दिन मां दुर्गा के 9वें स्वरूप सिद्धिदात्री की उपासना की जाती है....
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मां स्कंदमाता का वाहन सिंह है। इस मंत्र के उच्चारण के साथ मां की आराधना की जाती है।
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कोई शख़्स जब नेक नीयत और अच्छे जज़्बे के साथ रोजा रखता है, अल्लाह की रज़ामंदी हासिल करने के लिए रोजा रखता है यह सोचकर रोजा रखता है कि अल्लाह सब देख रहा है
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नवरात्रि में नौ देवियों की पूजा होती है। नौ देवियों के नाम तो हो सकता है कि सभी जानते हों परंतु बहुत कम लोग जानते हैं कि कौनसी देवी कौन है और क्या है उनकी पहचान। आओ जानते हैं इस संबंध में संक्षिप्त जानकारी।
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चैत्र शुक्ल त्रयोदशी को जैन समाज द्वारा पूरे भारत में भगवान महावीर के जन्म उत्सव के रूप मे 'महावीर जयंती' मनाई जाती है।
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नवरात्रि में चौथे दिन देवी को कूष्मांडा के रूप में पूजा जाता है। इस देवी की आठ भुजाएं हैं, इसलिए अष्टभुजा कहलाईं। इनके सात हाथों में क्रमशः कमण्डल,
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माता पार्वती बहुत दयालु हैं, उनकी सच्चे मन से आराधना करने से वे हमारी गलतियों को तुरंत माफ कर देती हैं। उनकी प्रिय चालीसा हमें जीवन में नित नई ऊंचाइयों पर ले जाती है।
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नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा-आराधना की जाती है। नवरात्रि में इस दिन भी रोज की भांति सबसे पहले कलश की पूजा कर माता कूष्मांडा को नमन करें।
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अगर आप भी आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं तो यह राम नवमी आपके लिए खुशियों का संदेश लाई है। इस राम नवमी को अगर सामान्य विधि-विधान से लेकिन संपूर्ण मन और चित्त से पूजन और उपाय किए जाए तो निश्चित रूप से अपार धन संपदा की प्राप्ति होती है।
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सृष्टि की आदिस्वरूपा या आदिशक्ति मानी जाने वाली मां कूष्मांडा की आराधना नवरात्रि में चौथे दिन की जाती है। यहां पढ़ें उनकी आरती-
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पवित्र क़ुरान के पहले पारे (प्रथम अध्याय) 'अलिफ़ लाम मीम' की सूरत 'अलबक़रह' की आयत नंबर 213 में ज़िक्र है 'वल्लाहु य़हदी मय्यंशाउ इला सिरातिम मुस्तक़ीम।' इस आयत का तर्जुमा इस तरह है-' और अल्लाह जिसे चाहे सीधी राह दिखाएं।'
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'रां रामाय नम:' सकाम जपा जाने वाला यह मं‍त्र राज्य, लक्ष्मी पुत्र, आरोग्य व वि‍पत्ति नाश के लिए प्रसिद्ध है।
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रामनवमी के दिन 12 बजे भगवान श्रीरामजी की इस विशेष मंत्र से आराधना करना चाहिए।
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जय पार्वती माता जय पार्वती माता, ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल कदा दाता। जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
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नवरात्रि पर माता दुर्गा की उपासना की जाती है। पुराणों में नवरात्रि की माता नौ दुर्गा के अलग अलग वाहनों का वर्णन मिलता है। जैसे शैलपुत्री माता वृषभ पर सवार है तो कालरात्रि माता गधे पर। इसी तरह प्रत्येक देवी का वाहन अलग अलग है, परंतु माता का मुख्‍य ...
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रोजे को समझना सबसे बड़ी बात है। रोजे को समझना यानी रोजे से जुड़े एहतियात बरतना और ग़ुस्से/लालच/हवस पर क़ाबू रखना ही सच्चा रोजा है।
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