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आज दशहरा पर्व, कैसे करें शस्त्र पूजन, जानिए शुभ मुहूर्त और सावधानियां

रविवार,अक्टूबर 25, 2020
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रावण दहन के दूसरे दिन कई परिवार और कुटुंब के लोग एक जगह एकत्रित होकर दशहरा मिलते हैं। कुछ समाज के लोग भी दशहरा मिलन कार्यक्रम का आयोजन करते हैं। कई जगहों पर दशहरे के अगले दिन 'बासी दशहरा मिलन' की परंपरा भी है, परंतु कोविड-19 के खतरे के चलते कहीं ...
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प्राचीनकाल में रथ-पूजन, अश्व-पूजन, शस्त्र-पूजन कर इस परंपरा निर्वाह किया जाता था, वर्तमान में इस परंपरा का स्वरूप परिवर्तित होकर वाहन-पूजन के रूप में हमें दिखाई देता है, इसमें कोई बुराई नहीं किंतु हमें अपनी मूल परंपराओं का ज्ञान अवश्य होना चाहिए।
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इस उपाय को करने के पश्चात् आपको अपने जीवन में इसके लाभ मिलने आरंभ हो जाएंगे। अगले दशहरे पर इस पत्ते को किसी बहते जल में प्रवाहित कर पुन: इसी विधि से नवीन पत्ता अपने घर लें आएं। कुछ वर्षों पश्चात् आप पाएंगे कि आपके जीवन से परेशानियां शनै: शनै: विदा ...
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मां दुर्गाजी की नौवीं शक्ति का नाम सिद्धिदात्री हैं। ये सभी प्रकार की सिद्धियों को देने वाली हैं। मार्कण्डेय पुराण के अनुसार अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व और वशित्व- ये आठ सिद्धियां होती हैं
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दशहरा या विजयादशमी सर्वसिद्धिदायक तिथि मानी जाती है। इसलिए इस दिन सभी शुभ कार्य फलकारी माने जाते हैं।
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नवरात्रि के अंतिम दिन माता के सभी रूपों की पूजा करके हवन किया जाता है। अच्छा से मुहूर्त देखकर हवन करने से मिलेगा माता का भरपूर आशीर्वाद और लाभ।
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इस वर्ष दशहरा का त्योहार 25 अक्टूबर 2020 को मनाया जाएगा और मतांतर से 26 को भी मनाया जा रहा है।
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दुर्गा का नवम रूप सिद्धिदात्री है। जिसे नारायणी या शतावरी कहते हैं।शतावरी बुद्धि, बल एवं वीर्य के लिए उत्तम औषधि है। रक्त विकार एवं वात पित्त शोध नाशक है। हृदय को बल देने वाली महा औषधि है।
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नवरात्रि के आखिरी दिन यानी नवमी को मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती हैं। यह मां दुर्गा का नौंवा रूप हैं। कमल पर विराजमान चार भुजाओं वाली मां सिद्धिदात्री लाल साड़ी में विराजित हैं।
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दशहरे के दिन पर शाम के समय को खास तौर पर शुभ माना जाता है। इसे विजय काल के नाम से जाना जाता है। दशहरा रावण दहन के शुभ मुहूर्त
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मां दुर्गा का नौंवा रूप हैं सिद्धिदात्री। नवरात्रि के आखिरी दिन यानी नवमी तिथि को देवी सिद्धिदात्री की पूजा की जाती हैं। पढ़ें आरती-
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त्योहारी सीजन में हमें पूरी सावधानी के साथ कोरोनावायरस के खतरे को देखते हुए आगे बढ़ना होगा। नवरात्र के बाद दशहरा, दीपावली क्रिसमस जैसे मुख्य त्योहार एक के बाद एक हैं। ऐसे में त्योहार घर-परिवार और रिश्तेदारों व अपने दोस्तों के साथ लोग त्योहार को ...
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आज एकादशी है। ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी! जय जगदीश हरे। यह आरती करने से श्रीहरि विष्णु प्रसन्न होकर खुशहाल जीवन का आशीर्वाद देते हैं। यहां पढ़ें आरती...
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नवमी तिथि पर साधारणतया माता दुर्गा का पूजन, अर्चन, हवन किया जाता है। लेकिन इस‍ तिथि की अधिष्ठात्री देवी माता सिद्धिदात्री हैं। सभी सिद्धियों को देने वाली माता कृपालु, दयालु तथा भक्त वत्सल हैं।
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विजयादशमी के दिन नारियल के निम्न उपाय करने से जहां घर की नकारात्मकता दूर होती है, वहीं ये उपाय आपको करोड़पति भी बना सकते हैं। यहां आपके लिए प्रस्तुत है नारियल के 12 चमत्कारिक उपाय-
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दुर्गा दुखों का नाश करने वाली देवी है। इसलिए नवरात्रि में जब उनकी पूजा आस्था, श्रद्धा से की जाती है तो उनकी नवों शक्तियां जागृत होकर नौ ग्रहों को नियंत्रित कर देती हैं। फलस्वरूप प्राणियों का कोई अनिष्ट नहीं हो पाता।
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नवरात्रि में वैसे तो नौ दिन ही हवन किया जाता है परंतु सप्तमी, अष्टमी और नवमी के दिन कई घरों में हवन करके ही व्रत का पारण किया जाता है। इसलिए यहां प्रस्तुत है महाष्टमी के दिन किए जाने वाले हवन का शुभ मुहूर्त।
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नवरात्रि में वैसे तो नौ दिन ही हवन किया जाता है परंतु सप्तमी, अष्टमी और नवमी के दिन कई घरों में हवन करके ही व्रत का पारण किया जाता है। इसलिए यहां प्रस्तुत है महानवमी के दिन किए जाने वाले हवन और पूजन का शुभ मुहूर्त।
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नवरात्रि में दुर्गा पूजा के दौरान अष्टमी पूजन का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन मां दुर्गा के महागौरी रूप का पूजन किया जाता है। सुंदर, अति गौर वर्ण होने के कारण इन्हें महागौरी कहा जाता है।
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