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पुरुषोत्तम मास 2026: कब समाप्त होगा अधिकमास?

Updated: गुरुवार, 21 मई 2026 (13:15 IST)
साल 2026 में ज्येष्ठ अधिकमास (जिसे पुरुषोत्तम मास या मलमास भी कहा जाता है) का बेहद शुभ योग बन रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार, जब एक ही चंद्र मास दो बार आता है, तो पहले वाले को 'अधिकमास' और दूसरे को 'शुद्ध' या 'निज' मास कहा जाता है। यह महीना भौतिक सुखों के विस्तार के लिए नहीं, बल्कि मानसिक शांति और ईश्वर की भक्ति के लिए समर्पित है। आइए जानते हैं इसकी तिथियां और जरूरी नियम।
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ज्येष्ठ अधिकमास

17 मई 2026 (रविवार) से प्रारंभ।
15 जून 2026 (सोमवार) को समाप्त।

निज ज्येष्ठ मास (शुद्ध)

16 जून 2026 (मंगलवार) से प्रारंभ।
13 जुलाई 2026 (सोमवार) को समाप्त।
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इस माह में क्या करें? (Dos)

चूंकि यह महीना भगवान विष्णु (श्री पुरुषोत्तम) को समर्पित है, इसलिए इस दौरान किए गए आध्यात्मिक कार्यों का फल कई गुना बढ़ जाता है:
भगवान विष्णु की उपासना: नियमित रूप से ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें। विष्णु सहस्रनाम या पुरुष सूक्त का पाठ करना अत्यंत शुभ फलदायी होता है।
महादान का महत्व: इस महीने में अनाज, जल, वस्त्र और दीपदान का विशेष महत्व है।
प्राचीन परंपरा: इस माह में कांसे के पात्र (बर्तन) में मालपुए रखकर दान करने की विशेष परंपरा है।
धार्मिक ग्रंथों का श्रवण: श्रीमद्भागवत कथा या भगवद्गीता का पाठ करें अथवा इसे सुनें।
पवित्र स्नान: संभव हो तो पवित्र नदियों में स्नान करें, अन्यथा घर पर ही नहाने के जल में गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
व्रत और साधना: आत्मिक शुद्धि के लिए इस दौरान मौन व्रत रखने या पूरी तरह सात्विक जीवन जीने का संकल्प लें।
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क्या न करें? (Don'ts)

अधिकमास को 'मलमास' भी कहा जाता है, इसलिए इस काल में सांसारिक मांगलिक (शुभ) कार्य पूरी तरह वर्जित माने गए हैं:
मांगलिक कार्य: विवाह, सगाई (तय करना), मुंडन, जनेऊ संस्कार और गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य भूलकर भी न करें।
नया बिजनेस या करियर: नया व्यापार शुरू करना या नई नौकरी ज्वाइन करने जैसे कदम इस समय टाल देने चाहिए।
बड़ी खरीदारी: नया घर बनाना शुरू करना, या नया प्लॉट/गाड़ी खरीदने से बचना चाहिए।
तामसिक भोजन का त्याग: भोजन में लहसुन, प्याज, मांस और मदिरा (शराब) का सेवन पूरी तरह वर्जित है।
आचरण पर नियंत्रण: किसी का अपमान न करें, झूठ न बोलें और वाद-विवाद से बचें; क्योंकि इस दौरान किए गए बुरे कर्मों का नकारात्मक फल भी गहरा होता है।
 

विशेष :

यदि आप मीन राशि या उन 3 राशियों में से हैं जिन्हें ज्योतिषविदों द्वारा इस वर्ष सावधान रहने की सलाह दी गई है, तो यह महीना आपके लिए अपनी मानसिक ऊर्जा को शांत करने और उसे सकारात्मक दिशा में मोड़ने का सबसे बेहतरीन अवसर है।

लेखक के बारे में
वेबदुनिया धर्म-ज्योतिष टीम
पौराणिक कथा, इतिहास, धर्म और दर्शन के जानकार, अनुभवी ज्योतिष, लेखक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें

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