1. धर्म-संसार
  2. व्रत-त्योहार
  3. आरती/चालीसा
  4. Purushottam maas ki aarti

अधिकमास: पुरुषोत्तम मास की आरती

lord vishnu purushottam maas ki aarti AI
॥ श्री पुरुषोत्तम देव की आरती ॥ purushottam maas ki aarti ॥
 
जय पुरुषोत्तम देवा,स्वामी जय पुरुषोत्तम देवा।
महिमा अमित तुम्हारी,सुर-मुनि करें सेवा॥
जय पुरुषोत्तम देवा॥
 
सब मासों में उत्तम,तुमको बतलाया।
कृपा हुई जब हरि की,कृष्ण रूप पाया॥
जय पुरुषोत्तम देवा॥
 
पूजा तुमको जिसनेसर्व सुक्ख दीना।
निर्मल करके काया,पाप छार कीना॥
जय पुरुषोत्तम देवा॥
 
मेधावी मुनि कन्या,महिमा जब जानी।
द्रोपदि नाम सती से,जग ने सन्मानी॥
जय पुरुषोत्तम देवा॥
 
विप्र सुदेव सेवा कर,मृत सुत पुनि पाया।
धाम हरि का पाया,यश जग में छाया॥
जय पुरुषोत्तम देवा॥
 
नृप दृढ़धन्वा पर जब,तुमने कृपा करी।
व्रतविधि नियम और पूजा,कीनी भक्ति भरी॥
जय पुरुषोत्तम देवा॥
 
शूद्र मणीग्रिव पापी,दीपदान किया।
निर्मल बुद्धि तुम करके,हरि धाम दिया॥
जय पुरुषोत्तम देवा॥
 
पुरुषोत्तम व्रत-पूजाहित चित से करते।
प्रभुदास भव नद सेसहजही वे तरते॥
जय पुरुषोत्तम देवा॥
(समाप्त)
 
लेखक के बारे में
वेबदुनिया धर्म-ज्योतिष टीम
पौराणिक कथा, इतिहास, धर्म और दर्शन के जानकार, अनुभवी ज्योतिष, लेखक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें
अगला लेख
गुरु-पुष्य योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का महासंयोग, 3 कार्य करेंगे तो मिलेगी सफलता