Daily Horoscope
✕

नवगीत: कांच हुए सब रिश्ते-नाते

Updated: गुरुवार, 23 अप्रैल 2026 (17:13 IST)
कांच हुए सब रिश्ते-नाते,
मन भी टूट भरे।
 
भीतर-भीतर सन्नाटे अब,
मन में खटक रहे।
शहरों की इस भीड़ में रिश्ते,
खूंटी लटक रहे।
पास बैठ कर भी कोसों की,
दूरी पाल रहे।
आंखों की भाषा को पढ़ना,
हम सब टाल रहे।
संवेदन की सूखी क्यारी,
कोमल भाव मरे।
 
हाथों में मोबाइल थामे,
दुनिया साथ लिए।
पर घर के ही कमरे में हम,
खुद को बंद किए।
मुखड़ों पर झूठी मुस्कानें,
अश्रु भटक रहे।
रिश्ते अब तो आभासी हैं,
भ्रम में अटक रहे।
शब्द अर्थ सब बेगाने हैं
केवल तर्क धरे।
 
स्वारथ की आपाधापी में,
अपनापन खोया।
अहंकार का मरुथल फैला,
सरल हृदय रोया।
देख किसी की पीड़ा पर अब,
पत्थर हैं आंखें।
स्वप्न नहीं दिखते हैं इनमें,
मुरझाईं पांखें।
सजी हुई महफ़िल में भी हम,
बेबस सिसक भरे।
 
बाजारों का शोर-शराबा,
संवेदन बौने।
रिश्तों की इस टूट-फूट में,
वीराने कौने।
दिल मशीन से चलते हैं अब,
श्रम का अंत हुआ।
करे दिखावा जग में जो भी,
उतना संत हुआ।
बर्फ सरीखे ठंडे मन हैं,
भीतर धधक भरे।
 
सुशील शर्मा
 
(वेबदुनिया पर दिए किसी भी कंटेट के प्रकाशन के लिए लेखक/वेबदुनिया की अनुमति/स्वीकृति आवश्यक है, इसके बिना रचनाओं/लेखों का उपयोग वर्जित है...)
 
लेखक के बारे में
सुशील कुमार शर्मा
वरिष्ठ अध्यापक, गाडरवारा.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती पर क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय एकता दिवस?

31 अक्टूबर पुण्यतिथि: इंदिरा गांधी की मृत्यु कब, कहां, क्यों और कैसे हुई थी?

वाणी साहित्य उत्सव का आगाज, पहले दिन युद्ध, स्त्री विमर्श और एआई के दौर में लेखन पर हुआ मंथन

वर्ल्ड स्ट्रोक डे: स्ट्रोक के लक्षण दिखते ही लें चिकित्सकीय सहायता, हर मिनट है कीमती

बौखलाए नेताओं की बेरहमी का ये सबसे निर्दयी उदाहरण है, 200 पेड़ों से हजारों परिंदों के आशियाने उजाड़कर मेट्रो चलाएंगे

अगला लेख