1. लाइफ स्‍टाइल
  2. साहित्य
  3. साहित्य आलेख
  4. Vyas Samman, Ram Vilas Sharma, Asghar Wajahat
Written By
Last Updated: गुरुवार, 9 दिसंबर 2021 (14:56 IST)

लेखक असगर वजाहत को ‘महाबलि’ के लिए 31वां 'व्यास सम्मान'

व्यास सम्मान के लिए वजाहत के नाटक 'महाबली'  को चुना गया है। व्यास सम्मान के लिए वजाहत के नाटक 'महाबली'  को चुना गया है।

साल 2021 के व्यास सम्मान के लिए लेखक असगर वजाहत के नाटक ‘महाबली’ का चयन किया गया है। यह पुस्तक 2019 में प्रकाशित हुई थी। 31वें व्यास सम्मान के लिए इस कृति का चयन प्रसिद्ध हिंदी विद्वान प्रोफेसर रामजी तिवारी की अध्यक्षता में संचालित एक चयन समिति ने किया है।

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में पांच जुलाई, 1946 में जन्मे असगर वजाहत दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया के हिंदी विभाग में प्रोफेसर रहे हैं। उनके अनेक उपन्यास, नाटक, निबंध, कहानी-संग्रह और यात्रा-वृतांत प्रकाशित हो चुके हैं।

असगर वजाहत को 2009-10 में हिंदी अकादमी, दिल्ली ने ‘श्रेष्ठ नाटककार’ के सम्मान से नवाज़ा था। उन्हें 2014 में नाट्य लेखन के लिए संगीत नाटक अकादमी अवॉर्ड और 2016 में दिल्ली हिंदी, अकादमी के सर्वोच्च शलाका सम्मान से भी सम्मानित किया गया था।

व्यास सम्मान सम्मान वर्ष से ठीक पहले 10 वर्ष की अवधि में प्रकाशित किसी भी भारतीय नागरिक की हिंदी की एक उत्कृष्ट साहित्यिक कृति को भेंट किया जाता है।

व्यास सम्मान के तहत पुरस्कार के रूप में 4 लाख रुपए नकद, प्रशस्ति पत्र और स्मृत चिह्न प्रदान किए जाते हैं।
पहली बार व्यास सम्मान 1991 में डॉ. रामविलास शर्मा को उनके उपन्यास ‘भारत के प्राचीन परिवार और हिंदी’ के लिए प्रदान किया गया था।

पिछले वर्ष 2020 के लिए 30वां व्यास सम्मान हिंदी के प्रसिद्ध लेखक प्रोफेसर शरद पगारे को प्रदान किया गया। प्रो. शरद पगारे को यह पुरस्कार इनके उपन्यास ‘पाटलिपुत्र की साम्राज्ञी’ के लिए प्रदान किया गया। जबकि 29वां व्यास सम्मान हिंदी की प्रसिद्ध लेखिका नासिरा शर्मा उनके उपन्यास ‘कागज की नाव’ के लिए प्रदान किया गया था।
ये भी पढ़ें
10 दिसंबर मानव अधिकार दिवस Human Rights Day पर 8 बड़ी बातें