तमिलनाडु के 10 बेस्ट टूरिज्म स्पॉट

ooty hill station
अनिरुद्ध जोशी| Last Updated: शुक्रवार, 27 अगस्त 2021 (14:39 IST)
तमिलनाडु भारत का दक्षिणी राज्य है। तमिलनाडु में देखने लायक सैकड़ों टूरिज्म स्पॉट है। आओ जानते हैं यहां के 10 बेहतरीन पर्यटन स्थल जहां पर आपको जरूर घूमने जाना चाहिए।

1. ऊटी (तमिलनाडु Hill Station ) : तमिलनाडु का विश्‍व प्रसिद्ध शहर ऊटी हनीमून के लिए सबसे उपयुक्त स्थान है। इसे पहाड़ों की रानी कहा जाता है। 1848 में बनाया गया बोटेनिकल गार्डन आज भी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। यहां अलग-अलग प्रजातियों के पौधों की कई किस्में उपलब्ध हैं। हां दूर-दूर तक फैली हरियाली, चाय के बागान, तरह-तरह की वनस्पतियां आपको मंत्रमुग्ध कर देगी। ऊटी में नीलगिरी पर्वतों की श्रृंखलाएं हैं। पहाड़ी से पहाड़ों, घाटियों और पठारों के नयनाभिराम दृश्य निहारना बेहद खूबसूरत अनुभव है। यहां इन्हें निहारने के लिए दूरबीन का प्रबंध किया गया है। यहां देखने लायक हैं- दोदाबेट्टा पीक, लैम्ब्स रॉक, कोडानाडू व्यू पाइंट, बोटनिकल गार्डन्स, अपर भवानी झील, नीलगिरी माउंटेन रेलवे, सेंचुरी एवेलां और ऊटी झील है।
2. कुनूर ( kunnur ooty तमिलनाडु) : यदि आप ऊटी पहुंच ही गए हैं तो कुनूर घुमने में कोई बुराई नहीं। यह ऊटी से कुछ ही दूरी पर स्थित है। यहां कुनूर से ऊटी तक टॉय ट्रेन चलती है, जो पर्यटकों के सुविधाजनक और मनोरंजक है। कुनूर से ऊटी के बीच ट्रेन यात्रा में वेलिंगटन के कैंटोमेंट एरिया के साथ बेहद खूबसूरत दृश्य देखे जा सकते हैं। यहां देखने लायक स्‍थलों में हेरिटेज ट्रेन, सिम पार्क, वेलिंग्टन गोल्फ कोर्स, डॉल्फिन नोस, हाईफील्ड टी फैक्ट्री, लैंब रॉक और ड्रूग किला प्रमुख है।

3. कन्याकुमारी ( kanyakumari ) : यहां पर तीन सागरों का संगम होता है। कन्याकुमारी में तीन समुद्रों-बंगाल की खाड़ी, अरब सागर और हिन्द महासागर का मिलन होता है। इस स्थान को त्रिवेणी संगम भी कहा जाता है। जहां समुद्र अपने विभिन्न रंगों से मनोरम छटा बिखेरते रहते हैं। समुद्र बीच पर रंग-बिरंगी रेत इसकी सुंदरता में चार चांद लगा रही थी। कन्याकुमारी अपने सूर्योदय के दृश्य के लिए काफी प्रसिद्ध है। सुबह हर होटल की छत पर पर्यटकों की भारी भीड़ सूरज की अगवानी के लिए जमा हो जाती है। शाम को सागर में डूबते सूरज को देखना भी यादगार होता है। उत्तर की ओर करीब 2-3 किलोमीटर दूर एक सनसेट प्वॉइंट भी है।
4. (mahabalipuram) :इस शहर का नाम महान दानवीर असुर राजा महाबली के नाम पर रखा गया था। यह एक ऐतिहासिक शहर है। यह पल्लव राजाओं की राजधानी थी। पल्वव राजाओं के राज में ही महान भिक्षु बोधिधर्म थे। समुद्र के किनारे बसे इस शहर को देखना अद्भुत है। शहर के समुद्र तट पर बने मंदिरों के समूह को चट्टानों को काटकर बनाया गया है। महाबलीपुरम शहर यूनेस्को की हेरिटेज लिस्ट में शामिल ऐतिहासिक धरोहरों में से एक है।

5. रामेश्‍वरम : () : रामेश्‍वरम का समुद्री तट चेन्नई से 572 किलोमीटर दूर है। यह हिंदुओं के लिए पवित्र तीर्थ स्थल है जहां पर भगवान शिव का भव्य एवं प्राचीन मंदिर है जो बारह ज्योतिर्लिंगों के अंतर्गत आता है। इस शिवलिंग की स्थापना भगवान राम ने की थी इसीलिए इस स्थान का नाम रामेश्वर है।

6. ( hill station ) : से उत्तर की और करीब 120 किलोमीटर की दूरी पर स्थित डिंडीगुल जिले में कोडाइकनाल की पहाड़ी है जो लगभग 7000 फ़ीट की ऊंचाई पर है। यह बेहत ही खुबसूरत स्थान है जो हनिमून मनाने वालों को आकर्षित करता है। कोडाइकनाल में देखने के लिए कई सारे स्पॉट है जिनमें सबसे प्रमुख है कॉकर वाक, सिल्वर कास्काल, कोदई लेक, ब्रायन पार्क, पिलर रॉक और बेयर शोला वॉटरफाल।

7. (Beach): कोवलम समुद्री तट चेन्नई से 40 किलोमिटर दूर महाबलीपुरम के रास्ते पर एक गांव है जो कोवेलोंग नाम से जाना जाता है। यहां का समुद्री तट बहुत ही फेमस है।

8. (Tanjore) : तंजौर अपने ऐतिहासिक मंदिरों के लिए जाना जाता है। भगवान शिव को समर्पित तंजावुर या तंजौर का बृहदीश्वर मंदिर जिसे 'बड़ा मंदिर' कहते हैं वह भारत की मंदिर शिल्प का उत्कृष्ट उदाहरण है। इस भव्य मंदिर को सन 1987 में यूनेस्को ने विश्व धरोहर घोषित किया। भारतवर्ष में एक ही पत्थर से निर्मित नन्दी जी की यहां पर दूसरी सर्वाधिक विशाल प्रतिमा स्थापित है।

9. मदुराई ( ) : मदुराई में बहुत ही प्राचीन, सुंदर और भव्य मीनाक्षी मंदिर है जो अपनी भव्यता और विशेष स्तापत्य कला के लिए जाना जाता है। यह स्थान चेन्नई से करीब 460 किलोमीटर पश्चिम दिशा में है। मदुराई को पूर्व का एथेंस के नाम से भी जाना जाता है। मीनाक्षी मंदिर के साथ, थिरुमलाई नायक महल और कुडल अलगर मंदिर मदुरै में घूमने के लिए अन्य महत्वपूर्ण स्थान हैं।

10. होगेनक्कल झरना ( ) : इस झरने को भारत का 'नियाग्रा फाल्स' कहा जाता है जो स्पेशल नौका विहार के लिए प्रसिद्ध है। यह झरना तमिलनाडु के धरमपुरी जि़ले में कावेरी नदी पर स्थित एक छोटे से गांव में है। होगेनक्कल झरना अपने जल के औषधीय गुणों के लिए भी प्रसिद्ध है।



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