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क्‍या है हैंड वॉशिंग डे का इतिहास, कब हुई इसकी शुरुआत?

Updated: गुरुवार, 15 अक्टूबर 2020 (18:15 IST)
हाथों की सफाई को लेकर हर साल 15 अक्टूबर दुनियाभर में ग्‍लोबल हैंडवॉशिंग डे  मनाया जाता है।

इस डे के पीछे डायरिया, आंख और त्वचा से संबंधी बीमारियों से बचाव करना है। इस समय जबकि कोरोना वायरस का संक्रमण काल चल रहा है, ऐसे में यह दिवस और ज्‍यादा अहम हो जाता है।

इस दौर में हाथों को अच्‍छे से धोने की आदत को बढ़ावा मिला है। डॉक्टरों की मानें तो हमारे हाथों में न जाने कितनी अनदेखी गंदगी छिपी होती है, जो किसी भी वस्तु को छूने, उसका इस्तेमाल करने और कई तरह के रोजमर्रा के कामों के कारण होती है। यह गंदगी बगैर हाथ धोए कुछ भी खाने-पीने से शरीर में पहुंच जाती है और कई तरह की बीमारियों को पैदा करती है।

15 अक्टूबर को हैंड वॉशिंग डे खासतौर से हाथों की सफाई के लिए ही मनाया जाता है। इस दिन की शुरुआत 2008 में ग्लोबल हैंड वॉशिंग पार्टनरशिप द्वारा की गई थी, जिसका उदेश्‍य साबुन से हाथ धोने को लेकर लोगों को जागरूक करना था।

इस साल के ग्लोबल हैंडवाशिंग डे की थीम 'सभी के लिए स्वच्छ हाथ' निर्धारित किया गया है। डब्ल्यूएचओ के वैश्विक सुझावों में कोविड-19 महामारी को रोकने और नियंत्रित करने और इसे व्यवहार में लाने के लिए हाथों की स्वच्छता पर जोर दिया गया है। इसके लिए हाल ही में डब्ल्यूएचओ और यूनिसेफ की अगुवाई में हैंड हाइजीन फॉर ऑल ग्लोबल इनिशिएटिव लॉन्च किया गया है।

कब हुई थी हाथ धोने की शुरुआत?
दिन में कई बार हाथ धोने की प्रैक्टिस करीब दो सदी पहले शुरू हुई थी। इस दौरान ना केवल भोजन करने से पहले हाथ धोना जरूरी था। बल्कि हर जरूरी काम से पहले हाथ धोना और कई अलग-अलग चीजों को छूने के बाद हाथ धोने की आदत लोगों में डालने का काम शुरू किया गया।

दरअसल उस दौर में संक्रमण के कारण फैलने वाली बीमारियां ज्‍यादा होती थी। डायरिया (हैजा), दस्त, फ्लू, इंफ्लूएंजा जैसी बीमारियों का संक्रमण बहुत ज्‍यादा होता था। तब जागरुकता और चिकित्‍सा सेवाएं भी कम थी। इसलिए संक्रमण से बचाव के लिए हाथ धोना एक बेहतर विकल्‍प था। बाद में इसी को ग्‍लोबल हैंड वॉशिंग डे में बदलकर जागरुकता अभि‍यान चलाए गए।

क्‍या हो हाथ धोने का सही तरीका?
सबसे पहले हाथों को साफ पानी से धोएं। इससे हाथों में लगी डस्ट और सूखी गंदगी धुल जाएगी। अब साबुन या हैंडवॉश लेकर इसे अच्छी तरह हाथों पर लगाएं।

अपनी हथेलियों को रगड़ें, दोनों हाथों की उंगलियों को एक-दूसरे में फंसाकर उंगलियों के बीच की जगह को साफ करें। नाखून और फिंगर टिप्स की सफाई करें।

दोनों हाथों के अंगूठे के आसपास अच्छी तरह सफाई करें। दोनों हाथों को हथेलियों की तरफ से रगड़ने के बाद पीछे की तरफ से भी रगड़ें।

हाथ धुलने की प्रक्रिया के दौरान आपको अपनी कलाई भी साफ करनी चाहिए। हथेली के ऊपरी हिस्से की सफाई के बाद अपने दोनों हाथों की कलाई को सही तरीके से रगड़ें। बहते हुए पानी से अच्छी तरह हाथ धोएं।

साबुन लगाने के बाद हाथों को 20 सेकंड तक रगड़ना और साफ करना चाहिए। इससे हाथों की डेड स्किन निकलती है और बैक्टीरिया और वायरस मर जाते हैं।

हाथ धोने के बाद उन्‍हें कॉटन के साफ तौलिये से अच्छी तरह पोछना चाहिए। जिस तौलिया से हाथ साफ किए जाए उसे भी धोते रहे और धूप में सुखाना चाहिए।

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