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Written By WD Feature Desk

सुबह या शाम, कब होता है हार्ट अटैक का खतरा अधिक?

जानें हार्ट अटैक का खतरा किस समय होता है सबसे ज्यादा

Heart Attack Risk
Heart Attack Risk
  • हार्ट अटैक का खतरा सुबह जागने के समय ज्यादा होता है।
  • सुबह के समय तापमान कम होता है और शरीर रिलैक्स होता है।
  • हालांकि रात में भी कई लोगों को इसका खतरा अधिक है।
Heart Attack Risk : हमारे दिल का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है हमारा हार्ट। यह हमारे शरीर को जीवनशैली के अनुसार ऑक्सीजन और पोषण पहुंचाता है। लेकिन, दिल के रोग एक बड़ी समस्या हैं और हार्ट अटैक (Heart Attack) इनमें सबसे गंभीर होता है। ALSO READ: खून को पतला रखते हैं ये 6 सुपर फूड्स
 
क्यों आता है हार्ट अटैक?
प्राथमिकता रूप में, हार्ट अटैक आमतौर पर धमनी में रक्त की प्रवाह को रोकने वाले एक धमनी के ब्लॉकेज के कारण होता है। यह धमनी एक तरह से हृदय के लिए आवश्यक निर्माता होती है जो उसे ऊर्जा और ऑक्सीजन प्रदान करती है। जब धमनी में धरा होती है, तो हृदय की तंत्रिका रूप से अधिक बुरी तरह असमर्थ हो जाती है, जिससे तंत्रिका के किसी भाग का मौत हो जाता है।
Heart Attack Risk
सुबह या शाम, कब होता है हार्ट अटैक का ज्यादा खतरा?
बहुत से लोगों के मन में यह सवाल होता है कि किस समय हार्ट अटैक का खतरा सबसे ज्यादा होता है - सुबह या शाम? वास्तव में, यह दिन के विभिन्न समयों पर नहीं, बल्कि व्यक्ति की जीवनशैली और उनके स्वास्थ्य के परिप्रेक्ष्य में निर्भर करता है।
 
हार्ट अटैक का खतरा सुबह जागने के समय ज्यादा होता है, क्योंकि रात के समय कई लोगों की रक्तचाप और हृदय की गति कम होती है। इससे रक्त थका हुआ होता है और जब वे एकाएक से उठते हैं, तो रक्तचाप तेजी से बढ़ता है। यह अचानक तनाव का स्रोत बन सकता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
 
इसके अलावा, कुछ लोगों के लिए शाम का समय ज्यादा जोखिमपूर्ण हो सकता है। कार्य के दौरान अधिक तनाव, उच्च रक्तचाप, या शारीरिक क्रियाओं के लिए अधिक बीमारियां शाम के समय में अधिक अवश्य देखा जाता है। यह भी हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा सकता है।
 
इसलिए, हार्ट अटैक का खतरा किसी भी समय हो सकता है, और इसमें समय का कोई विशेष आधार नहीं है। बजाय इसके, हमें अपने जीवनशैली पर ध्यान देने की आवश्यकता है। नियमित व्यायाम, सही आहार, स्वस्थ वजन और तंबाकू और अत्यधिक शराब का उपयोग से इस खतरे को कम किया जा सकता है।
 
साथ ही, नियमित चेकअप और डॉक्टर की सलाह का पालन करना भी बहुत महत्वपूर्ण है। हमें अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल रखना चाहिए ताकि हम स्वस्थ और सुरक्षित रह सकें।
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