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स्मार्ट मीटर पर बड़ा फैसला: अब बिना ग्राहक की मंजूरी भी बदले जाएंगे बिजली मीटर, जानिए GERC लोकपाल ने क्या कहा

Updated: सोमवार, 6 जुलाई 2026 (12:18 IST)
गुजरात इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (GERC) के बिजली लोकपाल ने स्मार्ट मीटर विवाद को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। इस फैसले के अनुसार, अब बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के लिए ग्राहकों के घरों में स्मार्ट मीटर लगाने या पुराने मीटर बदलने के लिए ग्राहकों की पूर्व सहमति लेना कानूनी रूप से अनिवार्य नहीं है। बिजली लोकपाल के इस स्पष्ट रुख के बाद स्मार्ट मीटर को लेकर राज्य भर में चल रही गलतफहमियों और विवादों पर विराम लग गया है। इस फैसले को उपभोक्ताओं और बिजली कंपनियों दोनों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
 

पुराना मीटर दोबारा लगाने की मांग कानूनी रूप से अमान्य

बिजली लोकपाल ने अपने फैसले में साफ किया है कि यदि बिजली कंपनियां नियमों के मुताबिक स्मार्ट मीटर लगाने का काम करती हैं, तो इसके लिए ग्राहक की लिखित या मौखिक मंजूरी की कोई आवश्यकता नहीं है। इसके साथ ही ग्राहकों के लिए एक जरूरी बात यह भी स्पष्ट की गई है कि एक बार स्मार्ट मीटर लग जाने के बाद, पुराना मीटर वापस लगाने की ग्राहक की किसी भी मांग को कानूनी रूप से मान्य नहीं माना जाएगा।
 

पर्याप्त सबूतों के अभाव में अर्जी खारिज

यह फैसला वडोदरा के प्रतापनगर इलाके के निवासी महेंद्र पटेल द्वारा दायर एक याचिका के संदर्भ में आया है। याचिकाकर्ता ने स्मार्ट मीटर को लेकर कई आपत्तियां जताई थीं, लेकिन बिजली लोकपाल ने पाया कि याचिकाकर्ता स्मार्ट मीटर में किसी भी तकनीकी खामी, रीडिंग में गड़बड़ी या गलत बिलिंग के संबंध में कोई ठोस और पर्याप्त सबूत पेश नहीं कर सके। केवल आशंकाओं के आधार पर पुराना मीटर वापस लगाने का कोई कानूनी आधार न होने के कारण उनकी इस याचिका को खारिज कर दिया गया है।
 

उपलब्ध रहेगा 'थर्ड पार्टी टेस्टिंग' का विकल्प

इस फैसले में ग्राहकों के हितों का ध्यान रखते हुए कहा गया है कि यदि किसी उपभोक्ता को स्मार्ट मीटर की सटीकता या बिलिंग को लेकर कोई संदेह है, तो उसके समाधान के लिए कानूनी व्यवस्था पहले से मौजूद है। ग्राहक केवल आशंका के आधार पर मीटर को खरा बताने के बजाय, तय प्रक्रिया के तहत स्मार्ट मीटर की 'थर्ड पार्टी टेस्टिंग' (तीसरे पक्ष से जांच) करवा सकते हैं। इस निष्पक्ष तकनीकी जांच के जरिए मीटर की सटीकता को परखा जा सकेगा, जो भविष्य में ऐसे विवादों के निपटारे के लिए मार्गदर्शक बनेगी।
 
लेखक के बारे में
नृपेंद्र गुप्ता
नृपेंद्र गुप्ता पिछले 21 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में सक्रिय हैं। प्रिंट एवं डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य का अनुभव। वर्तमान में वेबदुनिया की न्यूज टीम में सहायक संपादक के रूप में कार्यरत हैं।   अनुभव : नृपेंद्र गुप्ता 2 दशक से ज्यादा समय से प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में कार्य.... और पढ़ें

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