हासन में देवेगौड़ा के सामने कड़ी चुनौती

हासन| भाषा| पुनः संशोधित शुक्रवार, 11 अप्रैल 2014 (11:24 IST)
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(कर्नाटक)। पूर्व प्रधानमंत्री एवं जद (एस) प्रमुख एचडी देवेगौड़ा के लिए इस बार उनके गढ़ हासन लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में जीत दर्ज करना उतना आसान नहीं होगा, क्योंकि सत्तारूढ़ कांग्रेस उनके हाथ से यह सीट छीनने की पूरी कोशिश कर रही है।

अपने संसदीय करियर के अंतिम दौर में 81 वर्षीय देवेगौड़ा भावनात्मक कार्ड खेलते हुए मतदाताओं को कह रहे हैं कि यह उनका आखिरी चुनाव होगा।

देवेगौड़ा के विरोधी मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उर्जा मंत्री डीके शिवकुमार ने इस चुनावी लड़ाई को अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया है।

हासन से देवेगौड़ा 5वीं बार जीत दर्ज करने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं। उनके सामने 3 बार के विधायक कांग्रेस के मंजू की चुनौती है, जो वोक्कालिगा समुदाय से संबंध रखते हैं। इस क्षेत्र में 15 लाख मतदाताओं में से 5 लाख से अधिक मतदाता इसी समुदाय के हैं।
भाजपा के सीएच विजयशंकर ने इस सीट से चुनावी लड़ाई में अधूरे मन से प्रवेश किया है। दरअसल, वे मैसूर से चुनाव लड़ना चाहते थे लेकिन ऐसा नहीं हो सका। बसपा के एपी अहमद और 6 निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनावी मैदान में हैं।

हासन सीट पर 1999 के चुनावों को छोड़कर 1991 से अब तक जद (एस) ने ही जीत दर्ज की है। सिद्धरमैया हासन में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कोशिश कर रहे हैं।

संसाधन जुटाने की कला में माहिर माने जाने वाले शिवकुमार सप्ताह में कम से कम 3 बार हासन जिले का दौरा कर रहे हैं। स्वयं मंजू ने भी चुनाव प्रचार मुहिम के दौरान देवेगौड़ा की खूब आलोचना की है।

उन्होंने कहा कि लोगों ने उन्हें (देवेगौड़ा) मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बनाया लेकिन उन्होंने सबसे सरल समस्याओं का भी समाधान नहीं किया। वे केवल वही करते हैं जिससे उनके परिवार को लाभ हो। हालांकि जद (एस) के लिए इस बार इस सीट को बरकरार रख पाना आसान नहीं है लेकिन उसे उम्मीद है कि उसके सुप्रीमो बड़े अंतर से जीत दर्ज करेंगे। (भाषा)


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