दशहरा 2026: रावण दहन का शुभ मुहूर्त क्या है? जानें शास्त्र सम्मत समय
विजय और उल्लास के महापर्व विजयादशमी (दशहरा) का यह पावन दिन इस वर्ष 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को पूरे देश में अपार उत्साह के साथ मनाया जाएगा। यह पर्व असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की शाश्वत विजय की याद दिलाता है।
विजयादशमी की तिथियां और शुभ समय
दशमी तिथि की शुरुआत: 20 अक्टूबर को दोपहर 12:50 बजे से
दशमी तिथि की समाप्ति: 21 अक्टूबर को दोपहर 02:11 बजे तक
श्रवण नक्षत्र का समय: 19 अक्टूबर की दोपहर 03:38 बजे से प्रारंभ होकर 20 अक्टूबर की शाम 06:02 बजे तक रहेगा।
रावण दहन का सबसे सटीक मुहूर्त
शास्त्रों के अनुसार विजयादशमी पर रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों का दहन प्रदोष काल के दौरान रात्रि में किया जाता है।
रावण दहन का सर्वोत्तम समय: शाम 05:47 बजे से 06:12 बजे तक
प्रदोष काल का समय: 20 अक्टूबर को शाम 05:47 बजे से रात 08:17 बजे तक (विभिन्न शहरों में सूर्यास्त के समय अनुसार मामूली अंतर संभव है)।
विजयादशमी की अनूठी परंपराएं और लोक रीति-रिवाज
बड़ों का आशीर्वाद और स्नेह: दहन के उपरांत लोग अपनों और पड़ोसियों के घर जाकर गले मिलते हैं, चरण स्पर्श कर बड़ों की शुभकामनाएं और आशीर्वाद लेते हैं।
शमी पत्र (सोना) बांटना: इस शुभ अवसर पर समृद्धि और मंगल कामना के प्रतीक स्वरूप शमी के पत्तों को एक-दूसरे को 'सोने' के रूप में उपहार में दिया जाता है।
बच्चों की 'दशहरी': दशहरे के दिन छोटे बच्चों को प्यार और दुलार के रूप में 'दशहरी' बांटने की सुंदर परंपरा है, जिसमें उन्हें उपहारस्वरूप रुपए, नए वस्त्र या मनपसंद मिठाइयां दी जाती हैं।
खास पारंपरिक व्यंजन: इस पर्व पर घरों में विशेष रूप से गिल्की के पकौड़े (भजिए) और मीठे गुलगुले बनाने का स्वाद भरा रिवाज़ वर्षों से चला आ रहा है।

