ब्लॉग चर्चा : एक हिंदुस्‍तानी की डायरी

उनकी हाल की ही एक पोस्‍ट -‘कहानी से कहीं ज्‍यादा घुमावदार है जिंदगी’ में वो एक ऐसे आदमी भूपत कानजी भाई कोळी के बारे में लिख रहे हैं, जो स्किड्जोफ्रेनिक है और एक हत्‍या के आरोप में 14 सालों से पुलिस की हिरासत में है। वे लिखते हैं, 'भूपत कानजी भाई कोळी के छूटने की एक ही सूरत है और वह यह कि सरकार उस पर चल रहा केस वापस ले ले। लेकिन जिस देश में हत्या के आरोपी शिबू सोरेन को बाइज्जत बरी किया जा सकता है, जहाँ बहुत से लोग पागलपन का नाटक करके बड़े-से-बड़े गुनाह से बरी हो जाते हैं, उस देश में असली पागल के ठीक होने के दैवी चमत्कार का इंतज़ार किया जा रहा है क्योंकि हमारी ‘न्यायप्रिय’ सरकार मानती है कि दोषी को हर हाल में गुनाह की सज़ा मिलनी ही चाहिए।



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