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Special Stroy : Corona काल में इस मुस्लिम देश से सीखें अनुशासन...

Updated: सोमवार, 13 अप्रैल 2020 (14:22 IST)
अमेरिका जैसी महाशक्ति कोरोना वायरस (Corona Virus) से लड़ने में खुद को असहाय पा रही है, वहीं भारत जैसे देश में लॉकडाउन घोषित होने के बाद लोग सड़कों पर घूमते दिखाई दे जाते हैं, कई स्थानों पर तो सोशल डिस्टेंसिंग की भी खुलेआम धज्जियां उड़ा दी जाती हैं।

दूसरी ओर, ओमान जैसे मुस्लिम देश में गजब का अनुशासन दिखाई देता है। वहां लोगों ने ही खुद को घरों तक सीमित करके रख लिया है। सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ रहता है, यहां तक कि पुलिस भी दिखाई नहीं देती। स्कूल बंद हैं, लेकिन ऑनलाइन क्लासेस चल रही हैं। 
 
ओमान की राजधानी मस्कट के एक इंडियन स्कूल में सुपरवाइजर अनिल बरतरे ने फोन पर वेबदुनिया को बताया कि यहां भी कोरोना वायरस का असर दिखाई दे रहा है, लेकिन यहां की सरकार और लोग बड़े ही धैर्य से इससे लड़ रहे हैं। विश्व के अनेक देशों में सरकारों को लॉकडाउन करवाने में बड़ा परिश्रम करना पड़ रहा है, लेकिन यहां लोगों ने स्वेच्छा से ही उसे अपना लिया और स्व-अनुशासित तरीके से सोशल डिस्टेंसिंग अपनाते हुए उन सभी सतर्कताओं का पालन करना आरंभ कर दिया, जो कोरोना वायरस को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक मानी गई हैं। 
 
अनिल बताते हैं कि बहुत आवश्यक होने पर ही लोग घर से बाहर निकलते हैं। लोग मास्क और हैंड ग्लव्स पहनने के साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन कर रहे हैं। दुकानों में स्वेच्छा से कतार पंक्ति में निर्धारित दूरी में खड़े होना और समय-समय पर सैनिटाइजर का उपयोग करना यहां के निवासियों को किसी ने बलपूर्वक नहीं सिखाया है, अपितु उन्होंने स्वयं ही इसे अपना लिया है। यही कारण है कि यहां वायरस का प्रकोप नियंत्रण से बाहर नहीं हुआ है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही यह मुश्किल वक्त भी निकल जाएगा। 
बरतरे कहते हैं कि भारत समेत अन्य देशों की सरकारों को जहां अपनी अधिकतम ऊर्जा लॉकडाउन का पालन करवाने में लगानी पड़ रही, जबकि यहां ऐसी कोई समस्या नहीं है। उन्होंने कहा कि आश्चर्य की बात तो यह है कि अनुशासन का पालन करने वाले यह लोग कहीं और से नहीं अपितु भारत, पाकिस्तान बांग्लादेश, फिलीपींस, श्रीलंका जैसे उन देशों से ही हैं, जहां लॉकडाउन का सही अर्थ अभी तक लोग नहीं समझे हैं।
 
ऑनलाइन क्लास : अनिल बताते हैं कि इस समय स्कूल बंद हैं और बच्चों की पढ़ाई ऑनलाइन ही करवाई जा रही है। पिछले 20 साल से मस्कट के इंडियन स्कूल में काम कर रहे बरतरे के मुताबिक 5000 विद्यार्थियों को एक साथ ऑनलाइन पढ़ाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि मस्कट ओमान का एक सुंदर शहर है। आमतौर पर ओमान मीडिया की सुर्खियों में नहीं रहता। ओमान की कुल जनसंख्या लगभग 50 लाख है, जिसमें लगभग 12% भारतीय हैं। इसके अतिरिक्त यहां दुनिया के कई देशों के लोग प्रवासी के रूप में रहते हैं। यहां के लोग शांत, सभ्य और सुसंस्कृत होते हैं और अपने काम से काम रखने वाले होते हैं।

उल्लेखनीय है दुनियाभर के कोरोना संक्रमित लोगों के आंकड़े उपलब्ध करवा रही वेबसाइट worldometers के मुताबिक जॉर्डन में कोरोना संक्रमितों की संख्या 599 है, जबकि 4 लोगों की मौत हो चुकी है। 
 
 
लेखक के बारे में
वृजेन्द्रसिंह झाला
वृजेन्द्रसिंह झाला पिछले 30 से ज्यादा वर्षों से मीडिया क्षेत्र में सक्रिय हैं। प्रिंट एवं डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य का अनुभव। वर्तमान में वेबदुनिया की न्यूज टीम का नेतृत्व कर रहे हैं।    अनुभव : वृजेन्द्रसिंह झाला तीन दशक से ज्यादा का प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया का अनुभव है। वर्तमान.... और पढ़ें

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