कर्नाटक में जनवरी-फरवरी में कोविड 19 की दूसरी लहर की आशंका

Last Updated: बुधवार, 2 दिसंबर 2020 (16:49 IST)
बेंगलुरु। में कोविड-19 के लिए बनी तकनीकी परामर्श समिति (टीएसी) ने कहा कि प्रदेश में जनवरी-फरवरी 2021 में कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर आने की आशंका है। समिति ने जनवरी के पहले हफ्ते से सरकारी और निजी अस्पतालों में नैदानिक सुविधाओं को बिस्तरों, आईसीयू, वेंटिलेटर आदि के लिहाज से अक्टूबर के स्तर की तरह ही तैयार रहने (जब प्रतिदिन 10 हजार से ज्यादा मामले सामने आ रहे थे) को कहा है।
समिति ने कहा कि या फिर ऐसी व्यवस्था हो कि निर्देश मिलने पर अधिकतम 2-3 दिन की अल्प अवधि में इन सुविधाओं को बढ़ाया जा सके। समिति ने 26 दिसंबर से 1 जनवरी तक नए साल के सार्वजनिक जश्न पर भी प्रतिबंध की सिफारिश की है और साथ ही इस अवधि के दौरान रात्रि कर्फ्यू (रात 8 बजे से सुबह 5 बजे तक) लगाने को भी कहा है।
टीएसी ने 24 नवंबर को हुई अपनी 53वीं बैठक में हुई चर्चा के आधार पर कर्नाटक में कोविड-19 की दूसरी लहर के लिए पहचान और निरोधात्मक उपायों को लेकर परामर्श जारी किया। टीएसी के मुताबिक जिलों और राज्य स्तर पर महामारी की 7 दिनों की औसत वृद्धि दर और पुनरुत्पादन संख्या (आरओ) पर करीबी नजर रखकर प्रदेश में कोविड-19 की दूसरी लहर का जल्द पता लगाया जा सकता है।

स्वास्थ्य मंत्री सुधाकर ने यहां बात करने हुए बताया कि तकनीकी परामर्श समिति की सिफारिशों को लेकर सरकार के स्तर पर एक बैठक की जाएगी। हमारी संक्रमण दर 1.2 प्रतिशत से कम है। टीएसी की रिपोर्ट कहती है कि महामारी की एक दूसरी लहर आ सकती है। अगले कुछ दिनों में इस संदर्भ में एक बैठक होगी। बैठक में जो बात निकलकर सामने आएगी, उस पर मुख्यमंत्री से चर्चा की जाएगी और अंतिम फैसला किया जाएगा। रात्रि कर्फ्यू के सवाल पर उन्होंने कहा कि कोई फैसला नहीं लिया गया है। मंत्री ने कहा कि सिफारिशों को लेकर अभी बैठक होनी है। (भाषा)



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