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महंगा पड़ा Covid-19 के उपचार से जुड़े नियमों का उल्लंघन, 2 अस्पतालों पर जुर्माना
अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद शहर में नगर निगम द्वारा भेजे गए संक्रमित मरीजों को भर्ती करने से मना करने और उनसे शुल्क वसूलने के आरोप में 2 निजी अस्पतालों पर 5-5 लाख रुपए जुर्माना लगाया गया है। इन दोनों अस्पतालों को कोविड - 19 के मरीजों के उपचार के लिए समर्पित किया गया था।
अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) ने कहा कि उसने महामारी कानून के तहत अम्बावाड़ी इलाके में स्थित अर्थम अस्पताल और पालदी के बॉडीलाइन अस्पताल पर 5-5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। 7 दिन के अंदर जुर्माना राशि जमा नहीं होने पर अस्पताल का पंजीकरण रद्द कर दिया जाएगा।
निगम ने कहा कि सरकारी अस्पतालों का बोझा हल्का करने के लिए 40 निजी अस्पतालों को कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के इलाज के वास्ते समर्पित किया गया है।
समझौते के अनुसार, इन निजी अस्पतालों को एएमसी द्वारा भेजे गए मरीजों के लिए अपने यहां 50 प्रतिशत बेड आरक्षित रखना होगा और ऐसे मरीजों से इलाज का खर्च भी नहीं लेना है। निगम ने कहा कि शेष 50 प्रतिशत बेड पर भर्ती मरीजों से ये अस्पताल शुल्क वसूल सकते हैं।
हालांकि, अधिकारियों ने पाया कि एएमसी कोटा के तहत बेड की उपलब्धता के बावजूद अर्थम अस्पताल ने बेड भरे होने का दावा करते हुए नगर निगम द्वारा भेजे गए एक मरीज का उपचार करने से इनकार कर दिया था।
विज्ञप्ति के मुताबिक, बॉडीलाइन अस्पताल ने एएमसी द्वारा भेजे गए मरीजों से शुल्क लिए और एक व्यक्ति से जांच के लिए 4,500 रुपए लिए गए। (भाषा)
