suvichar

जिंदगी के लिए जंग, इंदौर में Corona का बहादुरी से सामना कर रही है 3 माह की बच्ची

Updated: रविवार, 12 अप्रैल 2020 (16:23 IST)
इंदौर (मध्यप्रदेश)। कोरोना वायरस संक्रमण के बाद स्थानीय अस्पताल के पृथक वॉर्ड में पिछले 8 दिन से भर्ती सिर्फ 3 महीने की एक बच्ची कोविड-19 का बहादुरी से मुकाबला कर रही है और संक्रमण मुक्त होने की दिशा में तेजी से बढ़ रही है। जल्द ही उसके स्वस्थ हो जाने और अस्पताल से छुट्टी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
 
श्री अरबिंदो इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (सैम्स) में सीना रोग विभाग के प्रमुख डॉ. रवि डोसी ने रविवार को को बताया कि कोविड-19 के मरीजों के लिए बनाए गए पृथक वॉर्ड में भर्ती तीन महीने की यह बच्ची हमारे अस्पताल में सबसे कम उम्र की मरीज है।
 
उन्होंने कहा कि बच्ची अपने परिवार के अन्य सदस्यों के संपर्क में आने की वजह से कोविड-19 संक्रमित हुई। उसका 12 साल का भाई कोरोना वायरस से संक्रमित है। लेकिन हैरत की बात है कि बच्ची की 28 वर्षीय मां जांच में कोरोना वायरस से संक्रमित नहीं पाई गई।
 
डोसी ने बताया कि इलाज के बाद बच्ची की सेहत ठीक है और इसमें लगातार सुधार हो रहा है। हमें पूरी उम्मीद है कि वह जल्द ही कोविड-19 के संक्रमण से मुक्त होकर अपनी मां के साथ घर चली जाएगी।
 
सैम्स के शिशु रोग विभाग की प्रमुख डॉ. स्वाति मुल्ये ने बताया कि कोविड-19 से संक्रमित पाई गई बच्ची 4 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती हुई थी। उन्होंने बताया कि इलाज के साथ ही हम इस नन्ही मरीज के पोषण का भी ख्याल रख रहे हैं। दवाइयों के असर के कारण वह इस बीमारी से तेजी से उबर रही है।
 
मुल्ये ने बताया कि मेडिकल प्रोटोकॉल के मुताबिक कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर बच्ची की दो और जांच की जाएगी। अगर वह लगातार दोनों जांचों में इस महामारी से संक्रमित नहीं मिलती है, तो उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।
 
इस बीच बच्ची की मां ने बताया कि तीन महीने की बेटी के साथ उनका 12 साल का बेटा भी सैम्स के कोविड-19 वॉर्ड में भर्ती है। उन्होंने बताया कि हमारे परिवार के कुछ और सदस्य भी कोरोना वायरस से संक्रमित हैं और मेरे जेठ की 8 दिन पहले मौत हो चुकी है।
 
28 वर्षीय महिला ने भावुक होकर कहा कि दुआ कीजिए कि मेरे परिवार के लोगों सहित कोविड-19 के सभी मरीजों को इस महामारी से जल्द मुक्ति मिले और वे स्वस्थ होकर घर लौटें। इंदौर देश में कोरोना वायरस के प्रकोप से सबसे ज्यादा प्रभावित शहरों में शामिल है।

अब तक प्राप्त सरकारी आंकड़ों के मुताबिक महज 19 दिन के अंतराल में शहर में इस महामारी के मरीजों की तादाद बढ़कर 298 पर पहुंच गई है। इनमें से 32 लोगों को इलाज के दौरान मौत हो चुकी है यानी शहर में कोविड-19 के मरीजों में मृत्यु दर 10.74 प्रतिशत है।
 
आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि शहर में कोविड-19 के मरीजों की मृत्यु दर पिछले कई दिन से राष्ट्रीय स्तर के मुकाबले कहीं ज्यादा बनी हुई है। कोरोना वायरस के मरीज मिलने के बाद से प्रशासन ने 25 मार्च से शहरी सीमा में कर्फ्यू लगाया है। (भाषा)  (Symbolic photo) (Photo Courtesy : China Daily)

Show comments

Operation Sindoor : 88 घंटे के ऑपरेशन सिंदूर पर NSA अजीत डोभाल का बड़ा बयान, खोले रणनीति के राज

Google Gemini 3.7 Flash लॉन्च : कोडिंग से लेकर AI एजेंट तक, कई मोर्चों पर हुआ और ताकतवर

EPFO Higher Pension : ज्यादा पेंशन के लिए आवेदन किया है तो जानिए अब क्या करेगा EPFO, सरकार ने बताए 4 बड़े कदम

UAE में छिपा था 13 हजार करोड़ की ड्रग्स का आरोपी, NCB वीरेंद्र सिंह बसोया को भारत लाई, क्या बोले अमित शाह?

सोनम वांगचुक ने ‘दूसरी आजादी और क्रांति' का किया आह्वान! पूछा आधे सांसदों पर मुकदमे, फिर कैसे बनेगा विकसित भारत?

सभी देखें

LIVE: पीएम मोदी ने लाल किले पर तिरंगा फहराया, बोले- नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ रहा भारत

1971 युद्ध का वो 'संत', जिसके नाम से कांपती थी पाकिस्तानी टैंक रेजिमेंट : पढ़िए महावीर चक्र विजेता लेफ्टिनेंट जनरल हनूत सिंह की शौर्य गाथा

आजादी के 80 साल : अगर भगत सिंह और सरदार पटेल आज लौट आएं तो क्या पूछेंगे?

भारत-इटली संबंधों पर सरकार का जोर, राहुल गांधी के 'मेलोनी' तंज के बाद MEA ने कहा- कूटनीतिक संवाद में सम्मान जरूरी

CM मोहन यादव का ताबड़तोड़ एक्शन, लापरवाही पर 1 तहसीलदार, 2 पटवारी समेत 7 अधिकारी-कर्मचारी सस्पेंड

अगला लेख