9 राज्यों में तेजी से बढ़े Corona के मामले, स्वास्थ्य मंत्रालय ने की बैठक, दिए ये दिशा-निर्देश

Last Updated: बुधवार, 20 जुलाई 2022 (23:45 IST)
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नई दिल्ली। देश के 9 राज्यों में के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने बुधवार को 9 राज्यों में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा करने के लिए हाईलेवल मीटिंग बुलाई। इसमें बचाव के लिए कड़े निर्देश दिए गए।

केंद्र ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से बुधवार को अपील की कि वे कोविड-19 की वजह से होम क्वारंटीन में रह रहे मरीजों की कड़ाई से निगरानी करें ताकि वे समुदाय में संक्रमण का प्रसार नहीं कर सकें। केंद्र ने इसके साथ ही घर में ही जांच के लिए रैपिड एंटीजन टेस्ट (RAT) किट के प्रति जागरूकता फैलाने का भी आह्वान किया ताकि समय से बीमारी का पता लगाया जा सके।

केंद्र ने राज्यों को सलाह दी है कि वे निगरानी करें और रोजाना जिले वार एसएआरआई (गंभीर श्वास संबंधी बीमारियों) और आईएलआई (इंफ्लुएंजा की बीमारी) के मामलों की जानकारी दें और इन बीमारियों से ग्रस्त मरीजों के नमूनों को निर्धारित आईएनएसएसीओजी प्रायोगशाला आनुवंशिकी अनुक्रमण (जीनोम सिक्वेंसिंग) के लिए भेजें।
द्वारा जारी बयान के मुताबिक राज्यों को अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के अनुपात में जांच करने और सभी संक्रमितों (विदेश से आए यात्रियों) के आनुवंशिकी अनुक्रमण करने की सलाह दी गई है। साथ ही इंडियन सार्स-कोव-2 जिनोमिक कंस्टोरियम (आईएनएसएसीओजी) नेटवर्क के लिए स्थान की पहचान करने को कहा गया है ताकि पूर्ण आनुवंशिकी अनुक्रमण के लिए नमूनों को भेजा जा सके।
बैठक में केरल, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, असम, आंध्रप्रदेश, हिमाचल प्रदेश, मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश के हालात की समीक्षा की गई। बयान के मुताबिक इन राज्यों में संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं या संक्रमण दर में वृद्धि देखी गई है। इस बैठक में नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ.विनोद पॉल भी मौजूद रहे।
गत एक महीने में कोविड-19 के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए पॉल ने कहा कि हमें यह ध्यान में रखना है कि कोविड-19 खत्म नहीं हुआ है। वैश्विक परिदृश्य को देखिए, हमें अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। कई राज्यों में लचर निगरानी, सीमित जांच, औसत से कम टीकाकरण मौजूदा समय में संक्रमण के मामलों में हो रही वृद्धि के कारण हैं।

बयान के मुताबिक पॉल ने राज्यों से अपील की कि जहां पर संक्रमण दर अधिक है, वहां पर जांच में सुधार किया जाए, निगरानी बढ़ाई जाए, उसके अनुरूप नीति में बदलाव किया जाए और टीकाकरण की गति बढ़ाई जाए। भूषण ने इस दौरान अहम कोविड-19 नियंत्रण और प्रबंधन रणनीति को रेखांकित किया।
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि उच्च संक्रमण दर वाले सभी जिलों में पर्याप्त संख्या में जांच की जरूरत है, जिसमें उच्च अनुपात आरटी-पीसीआर जांच का हो। किसी तरह की लापरवाही से इन जिलों में स्थिति खराब होगी। उन्होंने कहा कि गृह पृथकवास में रह रहे संक्रमितों की कड़ाई से निगरानी करने की जरूरत है ताकि वे पड़ोस, समुदाय, गांव, मोहल्ला, वार्ड आदि में न जा सकें और संक्रमण न फैला सकें।



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